उत्तर प्रदेश में विभिन्न योजनाओं में बैंकों का रिकॉर्ड व्यवसाय
लखनऊ में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की समीक्षा बैठकस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 20 March 2026 02:00:12 PM
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा हैकि सतत वित्तीय विकास सुनिश्चित करने केलिए बैंकों को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ानी होगी तथा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना होगा। मुख्य सचिव कल 19 मार्च 2026 को अपने कार्यालय में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) उत्तर प्रदेश की दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे, जो उनकी अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बैंकों से अपेक्षा कीकि प्रदेश के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियांवयन में और ज्यादा सहयोग करें। उन्होंने कहाकि वित्तीय समावेशन, उद्यमिता विकास और कृषि सशक्तिकरण से प्रदेश को आर्थिक रूपसे आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएं।
राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक के बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक एवं एसएलबीसी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष लाल सिंह सह अध्यक्ष थे। बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार, डिप्टी डायरेक्टर जनरल वित्तीय सेवाएं विभाग वित्त मंत्रालय चंद्रदीप कुमार झा, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, महानिदेशक संस्थागत वित्त संदीप कौर, निदेशक सूडा अपूर्वा दुबे, निदेशक यूपी नेडा इंद्रजीत सिंह, एएमडी यूपी-एसआरएलएम जयनाथ यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड लखनऊ पंकज कुमार, महाप्रबंधक एवं संयोजक एसएलबीसी (उप्र) शैलेंद्र कुमार सिंह, केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सिडबी, वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्य सचिव ने वित्तीय समावेशन, ऋण विस्तार एवं राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करने हेतु दिशा निर्देश दिए। उप महाप्रबंधक एसएलबीसी यूपी निधि कुमार ने विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया।
बैंक ऑफ़ बड़ौदा के महाप्रबंधक एवं संयोजक एसएलबीसी यूपी लाल सिंह ने सदस्यों का स्वागत करते हुए दिसंबर त्रैमास के दौरान प्रदेश में हुई विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों एवं सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति से बैठक को अवगत कराया। लाल सिंह ने वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला और कहाकि यह बजट समावेशी विकास, निवेश एवं रोज़गार सृजन को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने बैंकों से वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करने, एमएसएमई, कृषि एवं स्वरोज़गार योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रवाह बढ़ाने तथा क्रेडिट प्लस अप्रोच अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बतायाकि राज्य में बैंकों का कुल व्यवसाय ₹32.79 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है तथा सीडी अनुपात 60.39 प्रतिशत है। उन्होंने सीएम युवा, ओडीओपी, पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्य घर और अन्य सरकारी योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन हेतु बैंकों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।