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राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय संघ के नेताओं का स्वागत!

'भारत यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी उल्लेखनीय और अधिक सुदृढ़'

'भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ की सहभागिता प्रशंसनीय'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 28 January 2026 12:48:41 PM

president droupadi murmu welcomed european union leaders

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का राष्ट्रपति भवन में गर्मजोशी से स्‍वागत किया और उनके सम्मान में भोज का भी आयोजन किया। राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ के नेताओं का स्वागत करते हुए कहाकि गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूपमें उनकी उपस्थिति, जो भारतीय गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ की पहली सहभागिता है विशेष महत्व रखती है, यह भारत यूरोपीय संघ की पारस्परिक सहभागिता की गहराई और परस्‍पर विश्वास को दर्शाती है। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत और यूरोप केवल समकालीन हितों से ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, बहुलवाद और खुली बाज़ार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि ये सिद्धांत तेजीसे बदलते वैश्विक परिवेश में हमारा मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त कीकि इन दो दशक में भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी उल्लेखनीय रूपसे और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहाकि यह स्थिर, संतुलित और नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने की भारत एवं यूरोपीय संघ की सामूहिक आकांक्षा को प्रतिबिंबित करता है। राष्ट्रपति ने कहाकि अनिश्चितता और संघर्ष के इस दौर में भारत और यूरोपीय संघ पर वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहाकि हमारा सहयोग कूटनीति, बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के समर्थन में एक स्पष्ट संदेश देता है। राष्ट्रपति ने कहाकि आर्थिक सहयोग भारत यूरोपीय संघ संबंधों का प्रमुख स्तंभ है, हम व्यापार और निवेश को साझा समृद्धि एवं सामाजिक प्रगति के साधन के रूपमें देखते हैं। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संबंध में ऐतिहासिक वार्ताओं की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और विश्वास व्यक्त कियाकि इससे हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आएंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि आज समाज पर प्रौद्योगिकी का प्रभाव, अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव जितना ही गहरा है और भारत एवं यूरोपीय संघ जिम्मेदार नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में मिलकर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहाकि भारत और यूरोपीय संघ केबीच सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौता हमारे रक्षा उद्योगों केलिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु वित्त और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में यूरोपीय संघ केसाथ सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने का इच्छुक है। इस अवसर पर तीनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त कियाकि ये ऐतिहासिक समझौते भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को और सशक्‍त बनाएंगे। उन्होंने कहाकि भारत और यूरोपीय संघ संतुलन, स्थिरता और आशा की शक्ति के रूपमें उभर रहे हैं और साथ मिलकर हम एक ऐसा भविष्य गढ़ सकते हैं, जो सतत समावेशी और मानवीय हो।

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