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एआई का सकारात्मक उपयोग करें-द्रौपदी मुर्मू

'कार्यबल को एआई से संचालित भविष्य के लिए तैयार करें'

दिल्ली और रायरांगपुर में कौशल विकास उद्यमिता कार्यक्रम

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Thursday 1 January 2026 04:05:27 PM

president launched the skillthenation ai challenge

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में समारोहपूर्वक #SkilltheNation AI चैलेंज का शुभारंभ किया और ओडिशा के रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र एवं कौशल केंद्र का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने कहाकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्वभर की अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया आकार दे रही है। उन्होंने कहाकि यह हमारे सीखने, काम करने, आधुनिक सेवाओं तक पहुंचने और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करने के तरीकों को बदल रही है। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत जैसे युवा राष्ट्र केलिए एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सकारात्मक बदलाव का एक अपार अवसर है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से यही रहा हैकि प्रौद्योगिकी लोगों को सशक्त बनाए, समावेश को बढ़ावा दे और सभी केलिए अवसरों का विस्तार करे। उन्होंने कहाकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग सामाजिक आर्थिक और तकनीकी असमानताओं को पाटने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहाकि यह सुनिश्चित करना आवश्यक हैकि इसके लाभ सभी पृष्ठभूमि और आयु वर्ग के लोगों तक, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक पहुंचे। राष्ट्रपति ने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त कीकि छात्र संभावनाओं और अवसरों से भरे भविष्य केलिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह कियाकि वे याद रखेंकि प्रौद्योगिकी, अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा करने, चुनौतियों का समाधान खोजने और दूसरों को सशक्त बनाने केलिए किया जाना चाहिए। उन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा करनेवाले सांसदों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहाकि उभरती प्रौद्योगिकियों के बारेमें स्वयं सीखकर उन्होंने सीखने के माध्यम से उल्लेखनीय नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। राष्ट्रपति ने कहाकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास केलिए प्रमुख चालक के रूपमें उभरी है। उन्होंने कहाकि आनेवाले दशक में एआई देश के सकल घरेलू उत्पाद, रोज़गार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल देश के एआई प्रतिभा भंडार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहाकि सरकार विभिन्न संस्थानों, उद्योग भागीदारों और शिक्षाविदों के सहयोग से यह सुनिश्चित कर रही हैकि भारत न केवल प्रौद्योगिकी को अपनाए, बल्कि इसके माध्यम से एक जिम्मेदार भविष्य का निर्माण भी करे। उन्होंने सभीसे विकसित भारत केलिए प्रतिबद्ध होकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहाकि हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारत को ज्ञान महाशक्ति बनाने और प्रौद्योगिकी संचालित समावेशी एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का आयोजित यह कार्यक्रम भारत के कार्यबल को एआई संचालित भविष्य केलिए तैयार करने की दिशामें सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है।

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