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पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रालय भारी निवेश वाली योजनाएं

पवन सिंह घटोवार ने की पूर्वोत्तर परिषद की 62वीं बैठक

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 17 July 2013 10:11:00 AM

नई दिल्‍ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संसदीय कार्य राज्यमंत्री और पूर्वोत्तर परिषद के अध्यक्ष पवन सिंह घटोवार ने मंगलवार को नई दिल्ली में पूर्वोत्तर परिषद की 62वीं वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की। परिषद के सदस्यों में पूर्वोत्तर राज्यों के सभी राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस मौके पर घटोवार ने बताया कि उनके मंत्रालय ने एनएलसीपीआर (केंद्रीय) नाम से एक योजना शुरू की है। योजना के तहत एनएलसीपीआर के फंड से पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रालय भारी निवेश वाली योजनाएं लागू करेगा। एनएलसीपीआर के तहत दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा है। उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक ऊर्जा वितरण परियोजना शुरू करने और मिजोरम में नीपको (एनईईपीसीओ) तुरियल जल विद्युत परियोजना पूरी कराने की स्थिति में है। घटोवार ने योजना आयोग से पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऐसी परियोजनाएं पूरी करने के लिए एनएलसीपीआर (केंद्रीय) के तहत पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
पवन सिंह घटोवार ने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के पुनर्गठन पर बीके चतुर्वेदी समिति ने सीएसएस को और ज्यादा लचीला बनाने की सिफारिश की है। घटोवार ने पूर्वोत्तर राज्यों से योजना आयोग को समिति की इस सिफारिश के संदर्भ में अपने सुझाव भेजने का आग्रह किया है। बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों में रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं उच्च मार्ग, नागरिक उड्डयन,जहाजरानी, ऊर्जा, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी संगठनों के चलाये जा रहे विकास की विभिन्न गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। इसमें राष्ट्रीय दक्षता विकास निगम, रबड़, मसाले, काफी, चाय, राष्ट्रीय बागवानी बोर्डों जैसे विभिन्न संगठनों की आजीविका से जुड़ी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें पूर्वोत्तर परिषद की वार्षिक योजना और उसके बजट पर बातचीत हुई।
बैठक में अरूणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा के राज्यपालों और अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, मणिपुर और मेघालय के मुख्यमंत्रियों सहित परिषद के अन्य सदस्य एवं केंद्र और पूर्वोत्तर राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

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