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राष्ट्रपति ने देखी भारत की समुद्री ताकत

'राष्ट्र की सेवा में 75 वर्ष' पर नौसेना की स्वदेशी उपलब्धियां

राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी एवं शानदार गार्ड ऑफ ऑनर

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 22 February 2022 01:25:13 PM

india's maritime power

विशाखापत्तनम। राष्ट्रपति और भारत के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर रामनाथ कोविंद ने विशाखापत्तनम में 'राष्ट्र की सेवा में 75 वर्ष' विषय पर भारतीय नौसेना के बेड़े की समीक्षा के 12वें संस्करण के दौरान स्वदेशी रूपसे निर्मित नवीनतम अत्याधुनिक लड़ाकू प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन देखा। इसे आजादी के अमृत महोत्सव केतहत मनाए जा रहे भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के रूपमें आयोजित किया गया था। राष्ट्रपति 21 तोपों की सलामी और औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के बाद स्वदेश में निर्मित नौसेना अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुमित्रा, जिसे राष्ट्रपति यॉट के रूपमें नामित किया गया है, उसपर सवार हुए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यॉट ने नौसेना, तटरक्षक बल, एससीआई और एमओईएस के 44 जहाजों को पहले विदा किया, जो विशाखापत्तनम के लंगर में चार कॉलम में पंक्तिबद्ध थे। प्रदर्शन में देश की समुद्री ताकत का प्रदर्शन दिखा।
भारतीय नौसेना बेड़े की स्थैतिक निरीक्षण केतहत शानदार फ्लाईपास्ट आयोजित किया गया। युद्धपोतों और पनडुब्बियों के एक मोबाइल कॉलम ने राष्ट्रपति की नौका केसाथ हाई-स्पीड स्टीम पास्ट किया। जहाजों की परेड, समुद्र में खोज और बचाव प्रदर्शन जैसी कई रोमांचकारी वॉटरफ्रंट गतिविधियां, हॉक एयरक्राफ्ट से एरोबेटिक्स और एलीट मरीन कमांडो की वॉटर पैरा जंप ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्रपति की नौका जैसे ही समीक्षा स्तंभों केबीच से गुजरी प्रत्येक जहाज ने पूरे राजसी सजावट जो अपने जहाज की कंपनी द्वारा संचालित होती है, उसने देश और सर्वोच्च कमांडर केप्रति बिना शर्त निष्ठा के प्रदर्शन में पारंपरिक तीन प्रतीकों (थ्री जैस) केसाथ राष्ट्रपति को सलामी दी। राष्ट्रपति ने चेतक, एएलएच, सी किंग्स, केएएमओवी, डोर्नियर्स, आईएल-38 एसडी, पी81, हॉक्स और मिग 29 के सहित 55 विमानों के समग्र फ्लाईपास्ट के करतब देखे।
राष्ट्रपति ने बेड़े को संबोधित करते हुए कहाकि भारतीय नौसेना की निरंतर सतर्कता, घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया और अथक प्रयास समुद्र एवं समुद्री जनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यधिक सफल रहे हैं, जो हमारे व्यापार और ऊर्जा जरूरतों केलिए महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना के तेजीसे आत्मनिर्भर होने और 'मेक इन इंडिया' पहल में सबसे आगे होने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहाकि देशभर के विभिन्न सार्वजनिक और निजी शिपयार्डों में निर्माणाधीन कई युद्धपोतों और पनडुब्बियों की लगभग 70 प्रतिशत सामग्री स्वदेशी है। उन्होंने कहाकि यह बहुत गर्व की बात हैकि भारत ने परमाणु पनडुब्बियां बनाई हैं और जल्द ही हमारे पास स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत 'विक्रांत' सेवा में शामिल होगा। उन्होंने कहाकि स्वदेशी नौसैनिक जहाज निर्माण क्षमताओं का विकास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रभावशाली योगदान है। राष्ट्रपति ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और संचार राज्यमंत्री देवुसिंह जे चौहान की उपस्थिति में विशेष प्रथम दिवस कवर और स्मारक डाक टिकट भी जारी किया।

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