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लंदन से योगिनी मूर्ति की स्वदेश वापसी

कलाकृतियों का स्वदेश में आगमन जारी-किशन रेड्डी

बांदा के लोखरी में मंदिर से चुराई गई थी योगिनी मूर्ति

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 17 January 2022 01:44:48 PM

return home of the statue of yogini from london

नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने घोषणा की हैकि उत्तर प्रदेश के बांदा के लोखरी में एक मंदिर से अवैध रूपसे हटाई गई 10वीं शताब्दी की पत्थर की बकरी के सिर वाली योगिनी की मूर्ति भारत वापस लाई जा रही है। मकर संक्रांति के दिन लंदन में उच्चायोग पहुंची बकरी के सिर वाली योगिनी मूर्ति को नई दिल्ली के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भेज दिया गया है। एक ट्वीट में इसकी घोषणा करते हुए संस्कृति मंत्री ने कहाकि हमारी असली कलाकृतियों का स्वदेश में आगमन जारी है। इससे पहले लंदन में भारतीय उच्चायोग ने कहाकि 10वीं शताब्दी की एक विशेष पत्थर की मूर्ति की बरामदगी और उसके स्वदेश भेजने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, इसे 1980 के दशक के आसपास उत्तर प्रदेश के बांदा के लोखरी में एक मंदिर से अवैध रूपसे हटा दिया गया था।
योगिनी मूर्ति एक बकरी के सिर वाली योगिनी की है, जो मूलरूप से बलुआ पत्थर में पत्थर के देवताओं के एक समूह से संबंधित है और वह लोखरी मंदिर में स्थापित था। वर्ष 1986 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय संग्रहालय की ओरसे भारतीय विद्वान विद्या दहेजिया के अध्ययन का यह विषय था, जिसे बाद में 'योगिनी पंथ और मंदिर : एक तांत्रिक परंपरा' शीर्षक केतहत प्रकाशित किया गया था। यह पता चला हैकि 1988 में लंदन के कला बाजार में कुछ समय केलिए यह मूर्तिकला सामने आई थी। भारतीय उच्चायोग को बकरी के सिर वाली योगिनी मूर्तिकला की खोज केबारे में जानकारी मिली, जो लंदन केपास एक निजी निवास के बगीचे में पाई गई। यह लोखरी संग्रह के विवरण से मेल खाती थी। सिंगापुर की इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट और लंदन की आर्ट रिकवरी इंटरनेशनल संस्था ने लंदन में भारतीय उच्चायोग को मूर्ति की पहचान और उसकी बरामदगी में तत्परतापूर्वक सहायता की, जबकि भारतीय उच्चायोग ने स्थानीय और भारतीय अधिकारियों केसाथ अपेक्षित दस्तावेज तैयार किए।
दिलचस्प बात यह हैकि 2013 में भारतीय दूतावास पेरिस ने भैंस के सिर वाली वृषणा योगिनी की एक ऐसी ही मूर्ति को बरामद किया था, जो निश्चित तौरपर लोखरी गांव के उसी मंदिर से चुराई गई थी। इस वृषणा योगिनी की मूर्ति को सितंबर 2013 में नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थापित किया गया था। लोखरी उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के बांदा जिले में मऊ अनुमंडल में एक छोटा सा गांव है। योगिनियां तांत्रिक पूजा पद्धति से जुड़ी शक्तिशाली महिला देवताओं का एक समूह हैं। उन्हें एक समूह के रूपमें पूजा जाता है, जिसमें अक्सर 64 होती हैं और माना जाता हैकि उनके पास अनंत शक्तियां होती हैं।

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