स्वतंत्र आवाज़
word map

'जोश व उत्साह महान परिणामों केलिए जरूरी'

वडोदरा में छात्र संसद से संबद्ध विश्वविद्यालय समूह से की वार्ता

पीयूष गोयल का वीडियो कॉंफ्रेंस पर छात्रों को प्रेरणाप्रद संबोधन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 5 January 2022 01:43:48 PM

inspirational address of piyush goyal to students on video conference

वडोदरा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा कपड़ा, उपभोक्ता मामले एवं खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो कॉंफ्रेंस के जरिए वडोदरा में छात्र संसद से संबद्ध विश्वविद्यालय के एक समूह जो 10 दिन की सुशासन यात्रा 'इंटर्न लीडरशिप टूर 2022' पर हैं को संबोधित करते हुए उन्हें बड़ा सपना देखने तथा ऊंचा लक्ष्य रखने केलिए प्रेरित किया और कहाकि छात्र सकारात्मक बदलाव के एजेंट हैं। पीयूष गोयल ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं केलिए एक प्रेरणादायक नेता हैं। स्वतंत्रता आंदोलन तथा आपातकाल के विरुद्ध लड़ाई में उनकी भूमिका उद्धृत करते पीयूष गोयल ने कहाकि जनआंदोलन तत्कालीन समय के छात्रों के सहयोग से ही सृजित किए जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहाकि छात्र ऊर्जा लाते हैं और बड़े बदलावों का कारण बनते हैं एवं हमें 'चलता है' का रवैया छोड़कर 'कुछ करना है' की मनोवृत्ति लाने की आवश्यकता है। पीयूष गोयल ने कहाकि जो जोश और उत्साह छात्र लाते हैं, वह महान परिणामों को अर्जित करने केलिए जरूरी हैं। पीयूष गोयल ने कहाकि जब हमने 400 बिलियन डॉलर की आकांक्षा जताई तो लोगों ने हमारी हंसी उड़ाई, लेकिन हम पहले नौ महीने चालू वित्तवर्ष के दौरान ही 300 बिलियन डॉलर अर्जित कर चुके हैं। उन्होंने कहाकि कोरोना महामारी केदौरान भी हमने निर्यातों केबारे में तथा भारत को सीमा रहित व्यवसाय अवसरों केसाथ गतिशील बनाने को लेकर बड़ा सोचा। उन्होंने कहाकि हमारे पास विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम-एनएफएसए है और खाद्यान्न लगभग 80 करोड़ लोगों को यह सुनिश्चित करने केलिए दिया जा रहा हैकि कोई भी भूखा न रहे। पीयूष गोयल ने कहाकि सिविल सोसाइटी को न केवल सामाजिक स्थितियों में सुधार लाने पर काम करना चाहिए, बल्कि राजनीतिक प्रक्रियाओं में भी सुधार लाने की दिशा में काम करना चाहिए, जो शासन में ईमानदारी को प्रोत्साहित करती है।
पीयूष गोयल ने कहाकि सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिसे सिविल सोसाइटी ने अब सरकार की पहलों में देखना आरंभ कर दिया है। उन्होंने कहाकि सिविल सोसाइटी को हमेशा सक्रिय होना चाहिए तथा समाज के निर्बल वर्गों को सम्मान देना चाहिए, हमें अनिवार्य रूपसे सकारात्मक परिणामों केबारे में निर्णय लेना चाहिए तथा इसके बारे में पूरी शक्ति केसाथ आगे बढ़ना चाहिए। एक प्रतिभागी के प्रश्नकि वह किस प्रकार अच्छे प्रबंधन समाधानों को प्रबंधित करते हैं का उत्तर देते हुए उन्होंने कहाकि किसी भी चीज केबारे में पक्षपात और पूर्वाग्रह के बिना ईमानदार इरादों केसाथ सभी के विचारों को सुनना और उसपर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। पीयूष गोयल ने कहाकि समाधान तब उभरते हैं, जब ऐसे दृष्टिकोण को कार्यांवित किया जाता है। उन्होंने आभूषणों की हॉलमार्किंग के कार्यांवयन का उदाहरण दिया, जो गहरी अंतर्दृष्टि के अभाव में कई वर्षों तक अटका हुआ था।
पीयूष गोयल ने कहाकि भारतीय युवाओं ने वैश्विक स्तरपर बहुत प्रभाव डाला है, अंतर्राष्ट्रीय संगठन अब भारत और भारतीय युवाओं की तरफ बदलाव करने एवं विकास लाने केलिए देखते हैं। पीयूष गोयल ने कहाकि हम स्वतंत्रता के 75 वर्षों का समारोह आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और अब समय आ गया हैकि देश उस वैश्विक स्थिति को हासिल करे, जिसका वह वास्तविक रूपसे अधिकारी है। यह बताते हुए कि भारत ने ओलंपिक और पैरालिंपिक सहित वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ी है पीयूष गोयल ने कहाकि आज भारत के बिना किसी भी अंतर्राष्ट्रीय संगठन या आयोजन की कल्पना करना संभव नहीं है।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]