जेवर क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर्यटन व निवेश बढ़ाएगा-विमानन मंत्री
भारत बन गया विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ारस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 7 March 2026 12:19:43 PM
गौतमबुद्धनगर (नोएडा)। नागर विमानन महानिदेशालय ने यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को गौतमबुद्धनगर (उत्तरप्रदेश) के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन केलिए विमानपत्तन लाइसेंस दे दिया है। इस विमानपत्तन का ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वाईआईएपीएल ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार केसाथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल केतहत विकास किया है। इसकी रियायत अवधि 1 अक्टूबर 2021 से 40 वर्ष तक केलिए है। यह विमानपत्तन सार्वजनिक उपयोग श्रेणी के अंतर्गत सभी मौसमों में संचालन केलिए लाइसेंस प्राप्त है। इसमें 10/28 दिशा वाला 3900 मीटर × 45 मीटर का रनवे है, जो इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और एयरोनॉटिकल ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम से सुसज्जित है और यहां चौबीस घंटे संचालन संभव है।
जेवर विमानपत्तन पर 24 कोड सी और 2 कोड डी/ एफ विमानों केलिए पार्किंग स्टैंड हैं, जो एआरएफएफ श्रेणी 9 की सुविधाओं से लैस है। इसमें बोइंग 777-300ईआर जैसे बड़े आकार के विमानों को संभालने की क्षमता है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन का विकास चार चरण में एक मल्टीमॉडल कार्गो हब केसाथ किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल केसाथ विमानपत्तन की वार्षिक क्षमता लगभग 12 मिलियन यात्रियों को संभालने की होगी। सभी चरणों के पूरा होने पर विमानपत्तन प्रतिवर्ष 70 मिलियन यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जिससे यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश केलिए एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूपमें उभरेगा।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन का विकास नागर विमानन मंत्रालय के एक मजबूत विमानन इकोसिस्टम के निर्माण के व्यापक विजन का हिस्सा है। बीते एक दशक में भारत के नागर विमानन क्षेत्रमें उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, परिचालन वाले विमानपत्तनों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 164 हो गई है, भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। भारत उड़ान योजना जैसी पहलों से नए ग्रीनफील्ड विमानपत्तनों के विकास और मौजूदा ब्राउनफील्ड हवाई अड्डों एवं क्षेत्रीय हवाई पट्टियों के उन्नयन के संतुलित दृष्टिकोण से अपने विमानन नेटवर्क का तेजीसे विस्तार कर रहा है। देश के दीर्घकालिक रोडमैप का लक्ष्य 2047 तक 400 से अधिक विमानपत्तनों का विकास करना है, जिससे कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय एकता को और मजबूती मिलेगी।
नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देते हुए कहा हैकि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश केलिए विमानन संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, वरदान है। उन्होंने कहाकि यह विश्वस्तरीय विमानपत्तन क्षेत्रीय आर्थिक विकास, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देगा और साथही स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य सत्कार के संयोजन से यात्रियों को निर्बाध यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। यह क्षेत्रके मौजूदा विमानपत्तनों पर भीड़भाड़ कम करने में भी सहायक होगा।