प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में किया स्काईरूट इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन
'ग्लोबल स्पेस पावर के तौर पर भारत की लीडरशिप और मज़बूत हुई'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 27 November 2025 05:08:56 PM
हैदराबाद/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉंफ्रेंसिंग से हैदराबाद में स्काईरूट इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहाकि देश आज अंतरिक्ष क्षेत्रमें एक अभूतपूर्व अवसर का साक्षी बन रहा है, निजी क्षेत्रकी बढ़ती लोकप्रियता केसाथ भारत का अंतरिक्ष इकोसिस्टम एक बड़ी छलांग लगा रहा है। उन्होंने कहाकि स्काईरूट इंफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहाकि देश के युवाओं का नवाचार, जोखिम उठाने की क्षमता और उद्यमशीलता नई ऊंचाइयों को छू रही है, यह कार्यक्रम इसबात का प्रतिबिंब हैकि आनेवाले समय में भारत वैश्विक उपग्रह प्रक्षेपण इकोसिस्टम में कैसे एक अग्रणी के रूपमें उभरेगा। उन्होंने पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका को शुभकामनाएं देते हुए कहाकि ये दोनों युवा उद्यमी देशभर के अनगिनत युवा अंतरिक्ष उद्यमियों केलिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहाकि दोनों ने खुदपर भरोसा रखा, जोखिम लेने से पीछे नहीं हटे, उसके परिणामस्वरूप आज पूरा देश उनकी सफलता का गवाह बन रहा है और देश उनपर गर्व महसूस कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिक्र कियाकि भारत की अंतरिक्ष यात्रा सीमित संसाधनों केसाथ शुरू हुई थी, लेकिन देश की महत्वाकांक्षाएं कभी सीमित नहीं रहीं। उन्होंने कहाकि साइकिल पर रॉकेट के पुर्जे ढोने से लेकर दुनिया के सबसे विश्वसनीय प्रक्षेपण यान विकसित करने तक भारत ने साबित कर दिया हैकि सपनों की ऊंचाई संसाधनों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से तय होती है। प्रधानमंत्री ने कहाकि इसरो ने दशकों से भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नए पंख दिए हैं और विश्वसनीयता, क्षमता और मूल्य ने इस क्षेत्रमें भारत की विशिष्ट पहचान स्थापित की है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार स्पष्ट है, क्योंकि यह संचार, कृषि, समुद्री निगरानी, शहरी योजना, मौसम पूर्वानुमान और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार बन गया है। उन्होंने कहाकि यही कारण हैकि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्रमें ऐतिहासिक सुधार किए गए, सरकार ने इसे निजी नवाचार केलिए खोल दिया और एक नई अंतरिक्ष नीति तैयार की। नरेंद्र मोदी ने कहाकि स्टार्टअप उद्यमों और उद्योगों को नवाचार से जोड़ने के प्रयास किए गए और स्टार्टअप उद्यमों को इसरो की सुविधाएं और तकनीक प्रदान करने केलिए इन स्पेस की स्थापना की गई। प्रधानमंत्री ने कहाकि केवल पिछले छह-सात वर्ष में भारत ने अपने अंतरिक्ष क्षेत्र को एक खुले, सहकारी और नवाचार संचालित इकोसिस्टम में बदल दिया है, आजका कार्यक्रम इसी परिवर्तन का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत के युवा हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं और हर अवसर का सर्वोत्तम इस्तेमाल करते हैं, जब सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र को खोला तो देश के युवा विशेषकर जेन-जी पीढ़ी, इसका पूरा लाभ उठाने केलिए आगे आए। उन्होंने कहाकि आज 300 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्टअप भारत के अंतरिक्ष भविष्य को नई उम्मीदें दे रहे हैं, इनमें से अधिकतर स्टार्टअप छोटी टीमों, कभी दो लोग, कभी पांच लोग, कभी एक छोटे से किराए के कमरे में सीमित संसाधनों केसाथ, लेकिन नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के दृढ़ संकल्प केसाथ शुरू हुए थे। प्रधानमंत्री ने कहाकि इसी भावना ने भारत में निजी अंतरिक्ष क्रांति को जन्म दिया है। उन्होंने कहाकि जेन-जी इंजीनियर, डिजाइनर, कोडर और वैज्ञानिक नई तकनीकों का निर्माण कर रहे हैं, चाहे वह प्रोपल्शन प्रणाली हो, मिश्रित सामग्री हो, रॉकेट चरण हों या उपग्रह प्लेटफॉर्म हों। उन्होंने कहाकि भारत के युवा ऐसे क्षेत्रोंमें काम कर रहे हैं, जिनकी कुछ साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, भारत की निजी अंतरिक्ष प्रतिभा दुनियाभर में एक अलग पहचान बना रही है, आज वैश्विक निवेशकों केलिए भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र एक आकर्षक गंतव्य बन रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि नई कंपनियां उपग्रह सेवाएं प्रदान करने केलिए इस क्षेत्रमें प्रवेश कर रही हैं, अंतरिक्ष अब एक रणनीतिक परिसंपत्ति के रूपमें स्थापित हो चुका है, आने वाले वर्षों में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ेगी। उन्होंने कहाकि यह भारत के युवाओं केलिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है।
प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत केपास अंतरिक्ष क्षेत्रमें ऐसी क्षमताएं हैं जो दुनिया के कुछही देशों के पास हैं, इसमें विशेषज्ञ इंजीनियरों की मौजूदगी, उच्चगुणवत्ता वाला विनिर्माण तंत्र, विश्वस्तरीय प्रक्षेपण स्थल और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली मानसिकता शामिल है। उन्होंने कहाकि भारत की अंतरिक्ष क्षमता किफायती और विश्वसनीय दोनों है, यही वजह हैकि दुनिया को हमारे देश से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने कहाकि वैश्विक कंपनियां भारत में उपग्रहों का निर्माण करना चाहती हैं, भारत से प्रक्षेपण सेवाएं प्राप्त करना चाहती हैं और भारत केसाथ तकनीकी साझेदारी करना चाहती हैं, इसलिए इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने पर हमारा ध्यान केंद्रित होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहाकि अंतरिक्ष क्षेत्रमें हो रहे बदलाव भारत में हो रही व्यापक स्टार्टअप क्रांति का हिस्सा हैं, इस एक दशक में फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक, क्लाइमेटटेक, एडुटेक और डिफेंसटेक जैसे विविध क्षेत्रों में स्टार्टअप उद्योगों की एक नई लहर उभरी है, जिसमें भारत के युवा विशेषकर जेन-जेड पीढ़ी हर क्षेत्रमें अभिनव समाधान प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि उनकी रचनात्मकता, सकारात्मक मानसिकता और क्षमता निर्माण क्षमताएं दुनिया की जेन-जी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकती हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है, एक समय था जब स्टार्टअप कुछ बड़े शहरों तक ही सीमित थे, लेकिन आज वे छोटे शहरों और गांवों से भी उभर रहे हैं। उन्होंने कहाकि देश में अब 1.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जिनमें से कई ने यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहाकि सरकार के उठाए गए ऐतिहासिक कदम भारत के तकनीकी भविष्य की नींव मजबूत कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि देशभर में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां, चिप निर्माण और डिजाइन हब विकसित हो रहे हैं, चिप्स से लेकर सिस्टम तक भारत एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहाकि यह न केवल आत्मनिर्भरता के संकल्प का हिस्सा है, बल्कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत और विश्वसनीय स्तंभ भी बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि सुधारों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और जिस तरह अंतरिक्ष नवाचार को निजी क्षेत्र केलिए खोला गया था, उसी तरह भारत अब परमाणु क्षेत्र को भी खोलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहाकि इस क्षेत्रमें निजी क्षेत्र की मजबूत भूमिका सुनिश्चित की जा रही है, जिससे छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों, उन्नत रिएक्टरों और परमाणु नवाचार के क्षेत्रमें अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहाकि ये सुधार भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी नेतृत्व को नई मजबूती प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि सरकार युवाओं को अनुसंधान के क्षेत्रमें अधिकतम अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। उन्होंने आधुनिक अनुसंधान को समर्थन देने केलिए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना पर कहाकि ‘एक राष्ट्र एक सदस्यता’ पहल ने सभी छात्रों केलिए अंतर्राष्ट्रीय जर्नलों तक पहुंच आसान बना दी है। उन्होंने कहाकि 1 लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष देशभर के युवाओं को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आने वाला युग भारत, उसके युवाओं और उसके नवाचारों का है। उन्होंने याद दिलायाकि कुछ महीने पहले अंतरिक्ष दिवस पर उन्होंने भारत की अंतरिक्ष आकांक्षाओं के बारेमें एक चर्चा में कहा थाकि अगले पांच वर्ष में भारत अपनी प्रक्षेपण क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और अंतरिक्ष क्षेत्रमें पांच नए यूनिकॉर्न स्थापित करेगा। उन्होंने कहाकि स्काईरूट टीम की प्रगति यह सुनिश्चित करती हैकि भारत अपने प्रत्येक निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करेगा। प्रधानमंत्री ने हर युवा, स्टार्टअप, वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी को भरोसा दिलायाकि सरकार हर कदम पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने एकबार फिर पूरी स्काईरूट टीम को बधाई दी और भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई गति देने वाले सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी से 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने का आह्वान किया, चाहे वह धरती पर हो या अंतरिक्ष में। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और बड़ी संख्या में युवा, स्टार्टअप, वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी उपस्थित थे।