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हरिवंश नारायण सिंह दूसरी बार भी उपसभापति

संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार प्रभात कुमार झा को ध्वनिमत से हराया

सदन के रेकॉर्ड सत्र लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण-नरेंद्र मोदी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 15 September 2020 12:54:02 PM

harivansh narayan singh

नई दिल्ली। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए हरिवंश नारायण सिंह दूसरी बार भी चुन लिए गए। उन्होंने विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी प्रभात झा को ध्वनिमत से हराया। ज्ञातव्य है कि हरिवंश नारायण सिंह एक पत्रकार भी हैं और बिहार से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का पुनः उपसभापति चुने जाने पर सदन और देशवासियों की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने उनके व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि सामाजिक कार्यों और पत्रकारिता की दुनिया में हरिवंश नारायण सिंह ने जो एक ईमानदार पहचान बनाई है, उसको लेकर उनके प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है और उनके प्रति जो सम्मान और अपनापन मेरे मन में है, वही सदन के हर सदस्य के मन में भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह के सदन चलाने की उनकी शैली की सराहना की और कहा कि सदन में सबको साथ लेकर चलने की उनकी भूमिका से लोकतंत्र को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि हरिवंश नारायण सिंह विपक्ष सहित सभी के हैं और उन्होंने किसी भी पार्टी के साथ कभी कोई भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि सदन को इस तरह से चलाना कि सदस्य नियमों के तहत कार्य करें, यह एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है और हरिवंशजी ने सभी का विश्वास जीता है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्यसभा के सदस्य सदन की कार्यवाही सुचारू रूपसे चलाने में उपसभापति की सहायता करेंगे। नरेंद्र मोदी ने उनके पूर्व कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि हरिवंश नारायण सिंह कई घंटे तक लगातार बैठकर बिल पास करवाते रहे और ये दो साल उनकी सफलता के गवाह हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के भविष्य और कार्यप्रणाली को बदलने वाले कई ऐतिहासिक बिल इस सदन में पारित किए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के एक साल के भीतर पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा कामकाज का रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए राज्यसभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सदन में कामकाज के साथ-साथ सकारात्मकता भी बढ़ी है, सभी सदस्य खुलकर अपने विचार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश नारायण सिंह काफी विनम्र हैं, क्योंकि वह जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि जब हरिवंश नारायण सिंह को पहली सरकारी छात्रवृत्ति मिली तो उन्होंने छात्रवृत्ति के पैसे घर ले जाने की बजाय उनसे किताबें खरीद लीं, जिससे सिद्ध होता है कि उनका किताबों से गहरा लगाव है। उन्होंने कहा कि हरिवंश नारायण सिंह पर जयप्रकाश नारायण का गहरा प्रभाव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश नारायण सिंह अपने सादगीपूर्ण आचरण और विनम्रता के लिए जाने जाते हैं। ज्ञातव्य है कि चार दशकों के अपने सामाजिक कार्यों के बाद उन्होंने 2014 में संसद में प्रवेश किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर-संसदीय संघ जैसे सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर और अन्य देशों में भारतीय सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूपमें भारत के कद को बेहतर करने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश नारायण सिंह ने राज्यसभा में कई समितियों के अध्यक्ष के तौरपर उनकी कार्यप्रणाली में सुधार किया है, उन्होंने संसद सदस्य बनने के बाद यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि सभी सांसद अपने आचरण को अधिक नैतिक बनाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसदीय कार्यों और जिम्मेदारियों के बीच भी हरिवंशजी एक बुद्धिजीवी और विचारक के रूपमें समान रूपसे सक्रिय हैं, वे आज भी देशभर में घूमते हैं और जनता को भारत की आर्थिक, सामाजिक, सामरिक और राजनीतिक चुनौतियों के बारे में जागरुक करते हैं। उन्होंने कहा कि हरिवंश नारायण सिंह की पुस्तक हमारे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के जीवन के साथ-साथ लेखन क्षमता को भी करीब से दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सदन के सभी सदस्य भाग्यशाली हैं कि उपसभापति के रूपमें हरिवंश नारायण सिंह का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन में 250 से अधिक सत्र हो चुके हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण हैं।

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