'सरकार में सभी प्रकार की आस्थाओं केसाथ न्याय होना चाहिए'
गृहमंत्री का तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी कॉनक्लेव में संबोधनस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 12 January 2026 01:44:32 PM
तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केरल कौमुदी कॉनक्लेव में कहा हैकि ‘नया भारत, नया केरल’ कॉन्सेप्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना है और यह विकसित केरल से होकर गुजरती है। उन्होंने कहाकि विकसित भारत का मतलब हैकि भारत का हर राज्य अपने इष्टतम क्षमता केसाथ विकसित हो, जाहिर हैकि इसका अर्थ विकसित केरल देखना है, सुरक्षित केरल, सबकी आस्थाओं का सम्मान करने वाला केरल बनाना है। उन्होंने कहाकि इंफ़्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, आरएंडडी, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और व्यक्ति की स्वयं की आय में बढ़ोतरी ‘विकसित केरलम’ का विजन है। अमित शाह ने कहाकि विकसित केरल में हर नागरिक की सुरक्षा की चिंता होनी चाहिए और हर प्रकार की आस्था एवं विश्वास, चाहे वो किसीभी धर्म या संप्रदाय से हो, उनका संरक्षण होना चाहिए। गृहमंत्री ने कहाकि हम आकांक्षी भारत की बात करते हैं, एक ऐसे भारत की बात करते हैं, जहां उन्नत भविष्य, प्रगति, मन में उम्मीद है, जो आत्मनिर्भर है और आत्मविश्वासी भी है, इन्हीं से मिलकर नए भारत की कल्पना होती है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि भारत के हर राज्य को उसके ऑप्टिमम लेवल पर विकसित करना हमारा लक्ष्य है, हम एक ऐसी राजनीति की भी कल्पना करते हैं, जिसमें पॉलिटिक्स से अधिक परफॉर्मेंस को प्राथमिकता मिले। गृहमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में प्रदर्शन आधारित राजनीति की शुरुआत की है, जिसमें शिकायतों की जगह प्रतिबद्धता में विश्वास है। उन्होंने कहाकि देश कितना भी विकसित होगा, शिकायतें तो होंगी ही, लेकिन यह प्रतिबद्धता होनी चाहिएकि हम हर शिकायत का निराकरण करेंगे। उन्होंने कहाकि हम एक ऐसी सोसाइटी की रचना में विश्वास रखते हैं, जहां विकास करने केलिए किसीका तुष्टिकरण नहीं करना पड़े, हम खामोशी से ताकत की ओर जाना चाहते हैं, जो चुप बैठे हैं, दबकर बैठे हैं, उनकी ताकत इतनी होकि उन्हें चुप रहने की जरूरत न पड़े, हम संदेह से निर्णय और देरी से डिलीवरी की ओर जाना चाहते हैं। गृहमंत्री ने कहाकि केरल में ढेर सारा पोटेंशियल मौजूद है, केरल की संस्कृति, साहित्य और एजुकेशन केप्रति लगाव पूरे भारतवर्ष में केरल को टॉप का राज्य बनाता है, इसमें पूरे भारत का विश्वास है। यहां पर आयुर्वेद से लेकर आईटी, स्पोर्ट्स से लेकर स्टार्टअप और बैकवॉटर से लेकर इंटेलेक्चुअल डिस्कशन तक सब मौजूद है और इनमें केरल ने पूरे भारत में बेस्ट परफॉर्म किया है।
अमित शाह ने कहाकि हालांकि केरल में दोनों विपक्षी गठबंधनों के बारी-बारी से सत्ता में आने के सिलसिले ने पॉलिटिक्स में एक प्रकार की अकर्मण्यता लाने का काम किया है। उन्होंने कहाकि केरल में अभी हुए स्थानीय निकाय चुनावों ने पूरा परिदृश्य ही बदल दिया है और वे केरल की जनता से एक नए विचार, नए ब्लड और नई प्रकार के पॉलिटिक्स की अपील करने आए हैं। उन्होंने कहाकि सिर्फ हमारी पार्टी और हमारा गठबंधन ही केरल की जरूरत पूरी कर सकते हैं, हम विकसित केरल को बहुत अच्छी तरह साकार कर सकते हैं। अमित शाह ने कहाकि मोदीजी भारतीय इतिहास के एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा से विद्युत उत्पादन और ग्रह संरक्षण तक बहुत विविध विकास किया। उन्होंने कहाकि मोदीजी ने एक नया आत्मविश्वास जगाने का काम किया है, जिसका परिणाम हैकि हम 11 साल में एक ऐसा भारत बना पाए हैं, जिसे दुनिया चकाचौंध होकर देख रही है। उन्होंने कहाकि दिसंबर 2027 से पहले हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। गृहमंत्री ने कहाकि देश में सिर्फ आर्थिक विकास ही नहीं हुआ, इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग 610 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आज दुनिया में जितने भी डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं, उनमें 50 प्रतिशत भारत में होते हैं, यह बताता हैकि हमने इन 11 साल में कितना कुछ हासिल किया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि यह भारत के समग्र विकास का मॉडल है, हम केरल की जनता के सामने ‘विकसित केरल, सुरक्षित केरल और सभी की आस्थाओं का सम्मान करने वाला केरल’ का नारा लेकर आए हैं, यह केरल जैसी डाइवर्स सोसाइटी केलिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहाकि जब तुष्टिकरण होता है तो आप किसीको अपीज़ करते ही दूसरे केसाथ अन्याय कर देते हैं। अमित शाह ने कहाकि उनकी पार्टी अपीज़मेंट में विश्वास नहीं करती, बल्कि सभी केसाथ न्याय करती है। उन्होंने कहाकि अगर केरल के हर नागरिक के विकास की चिंता करें तो प्रेषण आधारित अर्थव्यवस्था केरल का भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहाकि वे रेमिटेंस का स्वागत करते हैं और वह आना भी चाहिए, परंतु इससे केरल के हर नागरिक का विकास नहीं हो सकता, जिनके परिवार में से कोई विदेश में नहीं है, उनका क्या होगा? उन्होंने कहाकि हमें रेमिटेंस बेस्ड इकोनॉमी की जगह सभीको विकसित करने वाला इकनॉमिक मॉडल बनाना पड़ेगा और रेमिटेंस बेस्ड इकोनॉमी भी इसका हिस्सा होगी। उन्होंने कहाकि रेमिटेंस को कम नहीं करना है, परंतु और मौके भी पैदा करने पड़ेंगे, पर्यटन की संभावनाओं को तलाशना होगा और केरल में शिक्षा के क्षेत्र कोभी एक्सप्लोर करना पड़ेगा।
अमित शाह ने उल्लेख कियाकि केरल में समुद्री व्यापार की शतप्रतिशत संभावनाओं को एक्सप्लोर करना पड़ेगा, केरल का आयुर्वेद, औषधि और मसाले विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं, केरल में डेटा स्टोरेज और आईटी से सेमीकंडक्टर तक ढेर सारी ऐसी इंडस्ट्रीज हैं, जिनमें भूमि की ज्यादा जरूरत नहीं है, जहां आईक्यू की जरूरत है, उन्हें डेवलप करना पड़ेगा। उन्होंने कहाकि रेमिटेंस बेस्ड इकोनॉमी को बढ़ाते हुए एक समग्र और समावेशी विकास का मॉडल केरल को अपनाना पड़ेगा, जो केरल को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहाकि केरल के हर नागरिक केलिए यह मॉडल विकास के अवसर लेकर आएगा। गृहमंत्री ने कहाकि हम सुरक्षित केरल चाहते हैं, जब हमने पीएफआई पर बैन लगाया तो दबे स्वरों में यहां की सत्ता में रहे दोनों गठबंधनों ने विरोध किया। अमित शाह ने सवाल कियाकि क्या पीएफआई और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल को एक रख सकते हैं? जो लोग सहअस्तित्व को नहीं मानते वे कैसे केरल को एक रख सकते हैं? उन्होंने कहाकि उन खतरों को पहचानना और उन्हें समाप्त करने का प्रयास करना शासन की जिम्मेदारी है। गृहमंत्री ने कहाकि जब वे यह कहते हैंकि हमने पीएफआई पर बैन लगाया और पीएफआई के कैडर को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया तो पूरा देश खुदको सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहाकि परदे के पीछे दिखाई न पड़ने वाले ऐसे अदृश्य खतरों को पहचानकर केरल को उनसे सुरक्षित करना ही सुरक्षित केरल का कॉन्सेप्ट है।
अमित शाह ने कहाकि सरकार में सभी प्रकार की आस्थाओं केसाथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने जिक्र कियाकि सबरीमाला में आस्था का सवाल खड़ा होता है और सबरीमाला में प्रभु के खजाने में जो चोरी होती है, उसपर लीपापोती होती है, इससे शासन पर सवाल खड़े हो जाते हैं। अमित शाह ने कहाकि केवल निष्पक्ष जांच करना जरूरी नहीं है, वह निष्पक्ष दिखनी भी चाहिए, जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करानी चाहिए। गृहमंत्री ने कहाकि बारी-बारी से दो गठबंधनों के केरल की सत्ता में आने के सिलसिले ने भ्रष्टाचार बढ़ाया है, दोनों गठबंधन एक-दूसरे की सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच नहीं करते। उन्होंने कहाकि कोऑपरेटिव घोटाले, एआई कैमरा घोटाले, पीपीपी घोटाले सहित कई घोटालों की कोई निर्णायक जांच नहीं हुई, रिश्वत कांड और सोलर घोटाले की भी जांच नहीं हुई, दोनों गठबंधन की सरकारें एक-दूसरे के भ्रष्टाचार को प्रोटेक्ट करते हैं। अमित शाह कहाकि अगर केरल की जनता को भ्रष्टाचार से बाहर निकलना है तो एकबार हमारी सरकार को मौका दें, हमारी सरकार ही बिना भ्रष्टाचार के शासन, बिना भेदभाव के डिलीवरी और वोटबैंक की राजनीति के बिना विज़न दे सकती है, हमने देश में यह करके दिखाया है, हमने केरल के विकास केलिए बहुत काम किया है।
गृहमंत्री ने उल्लेख कियाकि 2004 से 2014 तक केंद्र में रही सरकार ने केरल को 72,000 करोड़ रुपए दिए थे, जबकि 2014 से 2024 तक नरेंद्र मोदी सरकार ने 3 लाख 13 हजार करोड़ रुपए की विकास निधि प्रदान की, जबकि उस समय हमारे गठबंधन केपास केरल में सत्ता नहीं थी। उन्होंने कहाकि अमृत योजना केतहत अल्लापुझा, कन्नूर, कोच्चि, कोल्लम, कोझिकोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर और गुरुवायूर के अपग्रेडेशन का कार्य किया गया है। उन्होंने कहाकि तिरुवनंतपुरम और कोच्चि को हमने स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया है, जन विकास कार्यक्रम में लगभग 19 कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को 130 करोड़ रुपए के फंड केसाथ लॉंच किया गया है। अमित शाह ने कहाकि न्यू केरल बनने पर ही न्यू इंडिया बनेगा, विकसित केरल होने पर ही विकसित भारत बनेगा। अमित शाह ने यह भी कहाकि केरल कौमुदी भारत की स्थानीय भाषाओं की पत्रकारिता में एक विश्वसनीय आवाज़ के रूपमें उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहाकि लंबे समय से काम करते-करते केरल कौमुदी राज्य की जनता की आत्मा की आवाज़ बन गया है, यह जनता की भावना, जन संस्कृति और चेतना का प्रतिरूप बन गया है।