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जनगणना-2027 का प्रथम चरण 1 अप्रैल से शुरू

पहलीबार जनगणना डिजिटल और स्व गणना का विकल्प भी मौजूद

जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने प्रेस कॉंफ्रेंस में दी जानकारी

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Monday 30 March 2026 04:41:02 PM

first phase of census 2027 begins on april 1

नई दिल्ली। भारत में पहली अप्रैल 2026 से जनगणना-2027 शुरू हो रही है। भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने आज नई दिल्ली में प्रेस कॉंफ्रेंस में जानकारी देते हुए जनगणना-2027 को दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताया, जो दो चरणों में होगी। उन्होंने बतायाकि पहलीबार जनगणना डिजिटल और स्व गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा। जनगणना आयुक्त ने कहाकि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 से 15 अप्रैल तक स्व गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास जनगणना की जाएगी। गौरतलब हैकि भारत की जनगणना का संचालन जनगणना अधिनियम-1948 तथा जनगणना नियम-1990 (समय-समय पर संशोधित) के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। भारत की पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। जनगणना-2027 श्रृंखला की 16वीं और स्वतंत्रता केबाद 8वीं जनगणना है।
भारत सरकार ने जनगणना-2027 केलिए 16 जून 2025 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया था। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की 00:00 बजे होगी (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों केलिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की 00:00 बजे होगी)। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना, जो अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राज्यों या संघ राज्य क्षेत्र की सुविधा के अनुसार 30 दिन की अवधि में आयोजित की जाएगी। इसके साथही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिन की स्व गणना की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। पहले चरण के प्रश्न जनवरी 2026 में अधिसूचित किए जा चुके हैं। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों में यह सितंबर 2026 में आयोजित होगा)। सीसीपीए के निर्णयानुसार इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी, इसमें प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
जनसंख्या गणना की सटीक तिथियां एवं प्रश्नावली समयानुसार अधिसूचित की जाएगी। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दिल्ली (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 अप्रैल से 15 मई, 2026 केबीच होगी तथा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक स्व गणना की सुविधा उपलब्ध होगी। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ एवं हरियाणा में यह कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक होगा तथा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व गणना की अवधि रहेगी। भारत सरकार ने जनगणना 2027 केलिए ₹11,718.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें प्रगणकों के मानदेय, प्रशिक्षण, आईटी अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स आदि केलिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है। जनगणना 2027 को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। प्रगणक मोबाइल ऐप से अपने स्मार्टफोन से सीधे डेटा एकत्र एवं प्रस्तुत करेंगे। दोनों चरणों में स्व गणना केलिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप एवं स्व गणना पोर्टल हिंदी एवं अंग्रेज़ी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे।
जनगणना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे-प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र का निर्माण, कार्य आवंटन, प्रशिक्षण प्रबंधन, HLB निर्माण, डैशबोर्ड से कार्य की निगरानी, कुछ जनगणना अभिलेखों या सारांशों का स्वतः निर्माण आदि केलिए एक पोर्टल विकसित किया गया है। मकानसूचीकरण ब्लॉक, HLB वेब मैपिंग एप्लिकेशन से तैयार किए जाएंगे। डेटा सुरक्षा हेतु आवश्यक सभी उपाय किए गए हैं। स्व गणना केलिए व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर एवं अन्य मूलभूत विवरणों के जरिए पोर्टल में लॉगइन कर अपनी सुविधा अनुसार जनगणना प्रपत्र भर सकते हैं। सफल सबमिशन के पश्चात एक विशिष्ट स्व गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक केसाथ साझा करना होगा। स्व गणना सुविधा से लोगों को प्रगणक के आगमन से पूर्व अपनी सुविधा अनुसार जानकारी भरने की स्वतंत्रता मिलेगी। पूर्व की भांति प्रगणक अपने आवंटित ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना करेंगे, जबकि स्व गणना इसबार एक अतिरिक्त सुविधा के रूपमें प्रदान की गई है। जनगणना के प्रथम चरण का पूर्व परीक्षण नवंबर 2025 में सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रोंमें लगभग 5000 ब्लॉकों में किया गया। इसमें गणना पद्धति, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, प्रश्नावली, ऐप एवं पोर्टल सहित डेटा संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण तक सभी गतिविधियों का परीक्षण किया गया।
एक जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक सभी प्रशासनिक इकाइयों को स्थिर कर दिया गया है। जनगणना 2027 का संचालन 36 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों, 7092 उप जिलों, 5128 सांविधिक नगरों, 4580 जनगणना नगरों तथा लगभग 6,39,902 गांवों में किया जाएगा। जनगणना अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु व्यापक व्यवस्था की गई है। सौ राष्ट्रीय प्रशिक्षकों को विषय विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया गया है, जिन्होंने लगभग 2000 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया है। ये मास्टर ट्रेनर्स लगभग 45,000 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं, जो आगे लगभग 31 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को लगभग 80,000 बैचों में प्रशिक्षण देंगे। सभी प्रशिक्षण सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की गई है, ताकि अंतिम स्तर पर कार्यरत प्रगणक एवं पर्यवेक्षक समय पर गुणवत्तापूर्ण डेटा एकत्र कर सकें। जनगणना प्रारूप के अनुसार (एसई पोर्टल पर जाएं (se.census.gov.in)→मोबाइल नंबर से लॉगइन करें→मानचित्र पर स्थान चिंहित करें→परिवार का विवरण भरें→जानकारी सबमिट करें→SE ID प्राप्त करें→प्रगणक को SE ID दें→डेटा को पुष्टिकर जनगणना में सम्मिलित किया जाएगा)

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