सी-डॉट के आधुनिक स्वदेशी तकनीकी समाधानों का लाभ उठाएगी
सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन में 'आत्मनिर्भर भारत' परिकल्पनास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Sunday 29 March 2026 01:35:19 PM
नई दिल्ली। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डॉट) के अंतर्गत आनेवाले प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संस्थान सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने राष्ट्रीय राजधानी केलिए प्रौद्योगिकी आधारित स्वदेशी और सुरक्षित पुलिस समाधानों की दिशा में दिल्ली पुलिस केसाथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस युक्तिपूर्ण सहयोग का उद्देश्य दिल्ली पुलिस की परिचालन दक्षता, सुरक्षित संचार, निगरानी, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं केलिए सी-डीओटी के अत्याधुनिक, स्वदेशी तकनीकी समाधानों के पोर्टफोलियो का लाभ उठाना है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के क्षेत्रमें ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना को और ज्यादा मजबूत किया जा सके।
दिल्ली पुलिस आधुनिक पुलिस आवश्यकताओं केलिए विशेष रूपसे तैयार नौ उन्नत समाधानों को समझौते के अंर्तगत अपनाएगा। इनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम/ फ्रॉडप्रो उपलब्ध डेटाबेस केसाथ फोटो मिलान के जरिए संदिग्धों, लापता व्यक्तियों और बार-बार अपराध करने वालों की पहचान करने में सक्षम बनाएगा, जिससे कानून व्यवस्था तैनाती के दौरान जांच प्रक्रियाओं, भीड़ निगरानी और पहचान सत्यापन को मजबूती मिलेगी। पुलिस विभाग का एकीकृत संचार समाधान, समवाद, व्यक्तिगत और समूह चैट, ऑडियो वीडियो कॉल और आधिकारिक डेटा साझाकरण केलिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करेगा, जिससे नियमित संचालन और आपात स्थितियों में इकाइयों, जिलों और विशेष शाखाओं केबीच निर्बाध व सुरक्षित समन्वय सुनिश्चित होगा। इसके पूरक के रूपमें समवाद प्राइम एक समर्पित विशेष हैंडसेट आधारित सुरक्षित संदेश प्रणाली, वरिष्ठ अधिकारियों और परिचालन टीमों केबीच महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान गोपनीयता और अखंडता सुनिश्चित करने केलिए तैनात की जाएगी।
सी-डॉट मीट एक सुरक्षित वेब आधारित वीडियो कॉंफ्रेंसिंग समाधान है, इसमें मल्टी कैमरा एक्सेस, प्रेजेंटेशन शेयरिंग और सहयोगी व्हाइटबोर्ड जैसी सुविधाएं हैं, जो ब्रीफिंग, अंतर इकाई समन्वय और प्रशिक्षण सत्रों को सरल बनाएंगी। सी-डॉट मिशन क्रिटिकल सर्विसेज प्लेटफॉर्म सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अभियानों केलिए विशेष रूपसे डिज़ाइन किए गए सुरक्षित, निजी और कम देरी वाले संचार को सक्षम करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर होने वाली घटनाओं, आपदा प्रतिक्रिया और कानून व्यवस्था के दौरान फील्ड अधिकारियों केबीच वास्तविक समय समन्वय सुनिश्चित होगा। चेहरे की पहचान से संचालित सी-डॉट इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम सटीक उपस्थिति रिकॉर्डिंग, प्रॉक्सी मार्किंग की रोकथाम और संवेदनशील पुलिस प्रतिष्ठानों पर मजबूत एक्सेस कंट्रोल के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगा। सी-डॉट सेल ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन मोबाइल उपकरणों और सार्वजनिक डिस्प्ले सिस्टम में महत्वपूर्ण अलर्ट के भू-लक्षित प्रसार को सक्षम करेगा, सार्वजनिक सलाह, यातायात अलर्ट, लापता व्यक्ति की सूचनाओं और आपातकालीन चेतावनियों का समर्थन करेगा।
साइबर सुरक्षा में त्रिनेत्रा ईएसओसी एक एआई संचालित एकीकृत सुरक्षा संचालन प्लेटफॉर्म एंडपॉइंट्स की निगरानी करेगा, कमजोरियों की पहचान करेगा और विसंगतियों का पता लगाएगा, इससे दिल्ली पुलिस के आईटी बुनियादी ढांचे, जिसमें आंतरिक इकोसिस्टम और इंटरनेट से जुड़े सिस्टम शामिल हैं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। वहीं त्रिनेत्रा 360 साइबर इंटेलिजेंस, ब्रांड मॉनिटरिंग, अटैक सरफेस मॉनिटरिंग और एआई संचालित डिजिटल रिस्क मैनेजमेंट प्रदान करेगा। तैनाती को पूरा करते हुए सी-डीओटी के क्वांटम आधारित सुरक्षा समाधान, जिनमें कॉम्पैक्ट एन्क्रिप्शन मॉड्यूल, क्वांटम सिक्योर स्मार्ट वीडियो फोन और क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन शामिल हैं, दिल्ली पुलिस के वातावरण केलिए भविष्य केलिए तैयार, क्वांटम प्रतिरोधी सुरक्षित वॉयस, वीडियो और डेटा संचार प्रदान करेंगे। दिल्ली परिवहन विभाग (सी-डॉट) के सीईओ डॉ राजकुमार उपाध्याय ने इस अवसर पर कहाकि दिल्ली पुलिस केसाथ यह साझेदारी स्वदेशी नवाचार को वास्तविक दुनिया में प्रभावी बनाने केलिए सी-डॉट की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
डॉ राजकुमार उपाध्याय ने कहाकि सुरक्षित संचार, एआई संचालित निगरानी, साइबर सुरक्षा और क्वांटम सुरक्षा के क्षेत्रमें उन्नत समाधानों को लागू करके हम दिल्ली में एक सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक सुगम ईकोसिस्टम के निर्माण में योगदान देने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहाकि यह सहयोग प्रौद्योगिकी सशक्त, आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के समय दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और पुलिस विभाग के सीईओ डॉ राजकुमार उपाध्याय, दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने दिल्ली में एक मजबूत, प्रौद्योगिकी आधारित पुलिस प्रणाली के निर्माण केप्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए आशा व्यक्त कीकि यह साझेदारी देशभर में कानून प्रवर्तन में प्रौद्योगिकी को अपनाने केलिए एक आदर्श के रूपमें कार्य करेगी।