आर्थिक सहयोग भारत और जापान संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ
पंजाब कर्नाटक महाराष्ट्र में विकास परियोजनाओं को ऋण सहयोगस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 27 March 2026 03:52:20 PM
नई दिल्ली। भारत और जापान के घनिष्ठ संबंधों में आर्थिक सहयोग एक प्रमुख स्तंभ है, जो पिछले कुछवर्ष से लगातार प्रगति कर रहा है, इससे भारत और जापान केबीच रणनीतिक व वैश्विक साझेदारी औरभी मजबूत हुई है। इसी के तहत जापान ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं केलिए 275.858 अरब जापानी येन यानी 16,420 करोड़ रुपये का आधिकारिक विकास सहायता ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिन्हें पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में कार्यांवित किया जाना है। भारत के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव आलोक तिवारी और भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो केबीच ऋण समझौतों का आदान प्रदान हुआ।
भारत में विकास परियोजनाओं में बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना चरण 3 (I) 102.480 अरब जापानी येन, मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I) 92.400 अरब जापानी येन, महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I) 62.294 अरब जापानी येन और पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना में 18.684 अरब जापानी येन शामिल हैं। भारत सरकार और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) केबीच ऋण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना चरण 3 (I) का उद्देश्य बेंगलुरु महानगर क्षेत्र में बढ़ती यातायात मांग से निपटने केलिए जन तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, शहरी पर्यावरण में सुधार होगा, अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी से जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद मिलेगी। मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I) का उद्देश्य जन तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करके मुंबई में यातायात की बढ़ती मांग से निपटना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले, शहरी पर्यावरण में सुधार हो।
महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I) का उद्देश्य तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं, कॉलेजों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग स्कूलों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करके महाराष्ट्र में चिकित्सा देखभाल की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा देने में भी योगदान मिलेगा। पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना का उद्देश्य उच्चमूल्य वाली बागवानी फसलों में विविधता लाकर, सुदृढ़ मूल्य श्रृंखला और क्षमता विकास केलिए अवसंरचना का विकास करके सतत बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है। इससे पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा। ज्ञातव्य हैकि भारत और जापान में सन् 1958 से द्विपक्षीय विकास सहयोग का एक दीर्घकालिक और फलदायी इतिहास है।