भारत के औषधि नियंत्रक ने संज्ञान लेकर शुरू की कड़ी कार्रवाई
दवा का उपयोग केवल योग्य चिकित्सकों के मार्गदर्शन में ही करेंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 24 March 2026 06:18:52 PM
नई दिल्ली। भारत के औषधि नियंत्रक ने वजन घटाने वाली दवा (जीएलपी-1) की आपूर्ति श्रृंखला में नैतिक औषधीय प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने केलिए दवा की अनाधिकृत बिक्री और प्रचार के विरूद्ध अपनी नियामक निगरानी तेज कर दी है। भारतीय बाज़ार में जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं के कई नवीन जेनेरिक वेरिएंट के आनेसे खुदरा फार्मेसियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेताओं और स्वास्थ्य क्लीनिकों के माध्यम से इनकी ऑन डिमांड उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। उचित चिकित्सा पर्यवेक्षण के बिना इन दवाओं के उपयोग से गंभीर दुष्प्रभाव और संबंधित स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। भारत के औषधि नियंत्रक ने राज्य नियामकों के सहयोग से दवा आपूर्ति श्रृंखला में संभावित कदाचारों पर अंकुश लगाने और अनाधिकृत बिक्री और उपयोग को रोकने और उनपर अंकुश लगाने की कार्रवाई शुरू की है।
भारत के औषधि नियंत्रक ने दस मार्च 2026 को सभी दवा निर्माताओं को एक सलाह जारी की, जिसमें स्पष्ट रूपसे भ्रमित विज्ञापनों और किसीभी प्रकार के अप्रत्यक्ष प्रचार पर रोक लगाई गई, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं या ऑफ लेबल उपयोग को प्रोत्साहित कर सकते हैं। वर्तमान में प्रवर्तन गतिविधियों को काफी बढ़ाया गया है। ऑनलाइन फार्मेसी गोदामों, दवा थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, स्वास्थ्य और वजन घटाने वाले क्लीनिकों सहित 49 संस्थाओं में ऑडिट और निरीक्षण किए गए। ये निरीक्षण देशभर के कई क्षेत्रोंमें किए गए और इनका उद्देश्य अनधिकृत बिक्री, अनुचित नुस्खे लिखने की तरीकों और भ्रामक विपणन से संबंधित उल्लंघनों की पहचान करना था। इसके अलावा दोषी संस्थाओं को नोटिस भी भेजे गए हैं।
औषधि नियंत्रक नियामक इस बात पर जोर देते हैंकि मरीज़ों की सुरक्षा सर्वोपरि है, चिकित्सकीय देखरेख के बिना वजन घटाने वाली दवाओं का दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई हैकि वे ऐसी दवाओं का उपयोग केवल योग्य चिकित्सकों के मार्गदर्शन में ही करें। यहां यह दोहराना महत्वपूर्ण हैकि भारत में इस दवा को एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के निर्देश पर ही मंजूरी दी गई है और कुछ मामलों में केवल कार्डियोलॉजिस्ट ही इसका उपयोग कर सकता है। आनेवाले समय में नियामक निगरानी को और तेज किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना लगाना और लागू कानूनों के अंतर्गत मुकद्मा चलाना शामिल है।