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बंगाल सहित पांच राज्य में चुनाव का ऐलान

9 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल को चुनाव व 4 मई को परिणाम

भारत निर्वाचन आयोग की थीम-'चुनाव का पर्व हम सबका गर्व'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 15 March 2026 05:56:55 PM

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नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने आज पांच राज्यों असम, केरलम, पुद्दुचेरी, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव-2026 की तारीखों की घोषणा कर दी है। असम, केरलम, पुद्दुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में, तमिलनाडू में 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होंगे। चुनाव परिणाम 4 मई को आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ सुखबीर सिंह संधु और डॉ विवेक जोशी केसाथ नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की थीम ‘चुनाव का पर्व हम सबका गर्व’ केसाथ मतदाताओं से चुनावों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करके शांतिपूर्ण और निडर होकर लोकतंत्र का पर्व मनाने की अपील की है। इसी घोषणा केसाथ सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
ज्ञातव्य हैकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 (अनुच्छेद 172 (1) केसाथ पठित) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 15 के तहत चुनाव आयोग को प्रदत्त अधिकार और शक्तियों का प्रयोग करते हुए चुनाव आयोग को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव संपन्न कराने हैं। चुनाव आयोग ने चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने केलिए इन राज्यों का दौरा किया। चुनाव आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, प्रवर्तन एजेंसियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, जिला एसपी/सीपी, संभागीय आयुक्तों, रेंज डीआईजी/आईजी, मुख्य सचिवों व पुलिस महानिदेशकों और असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं पुडुचेरी के वरिष्ठ अधिकारियों केसाथ बातचीत की। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने कानून व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की, ताकि चिंता के विशिष्ट क्षेत्रों का पता लगाया जा सके।
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में आम चुनाव कराने केलिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। इनमें केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों की मुस्तैद तैनाती होगी, ताकि मतदाताओं की निडर भागीदारी केसाथ शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किया जा सके। चुनावी राज्यों के संवेदनशील क्षेत्रोंमें विशेष रूपसे सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि चुनाव में सुरक्षा बलों की तैनाती और वापसी के इष्टतम उपयोग केसाथ सुरक्षा प्रबंधन में जटिल योजना और विस्तृत विश्लेषण शामिल होता है, यह प्रक्रिया गृह मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी के पुलिस नोडल अधिकारियों और रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों केसाथ परामर्श के कई दौरों केबाद पूरी की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया के ऐसे ही कई सवालों के जवाब दिए।

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