'प्रचंड' को आत्मनिर्भर भारत का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया
राष्ट्रपति सुखोई 30 एमकेआई व राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 27 February 2026 04:32:32 PM
जैसलमेर। भारत की सर्वोच्च सैन्य कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज जैसलमेर में पोखरण वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में देश को गौरवांवित करने वाली एक सफल उड़ान भरी। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु वर्ष 2023 और 2025 में सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ान भर चुकी हैं। यह मिशन दो विमानों के एलसीएच फॉर्मेशन के रूपमें क्रियांवित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ केसाथ पहले विमान में उड़ान भरी, जबकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर 2 के रूपमें सवार थे। लगभग 25 मिनट के इस उड़ान मिशन के दौरान उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया। द्रौपदी मुर्मु ने इसके बाद आगंतुक पुस्तिका में एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने लिखाकि भारत के स्वदेशी रूपसे विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरना उनके लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है।
राष्ट्रपति ने कहाकि हमें अपने देश के बहादुर एयर वॉरियर्स पर बहुत गर्व है। उन्होंने प्रचंड को आत्मनिर्भर भारत का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया। उन्होंने लिखाकि इस उड़ान ने उन्हें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय वायुसेना और वायुसेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन केलिए बधाई दी। राष्ट्रपति जैसलमेर में भारतीय वायुसेना के वायु शक्ति अभ्यास का भी अवलोकन करेंगी।