नौसेना की पेशेवर उत्कृष्टता और युद्ध की तैयारियों को देखा
भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूपमें गौरवांवित!स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 29 December 2025 12:54:07 PM
कारवार (कर्नाटक)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कारवार नौसेना बंदरगाह पर पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर में सवार होकर समुद्री यात्रा की। उन्होंने कहाकि यह स्वदेशी पनडुब्बी भारतीय नौसेना की पेशेवर उत्कृष्टता, युद्ध की तैयारी और राष्ट्रीय सुरक्षा केप्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक शानदार उदाहरण है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम केबाद पनडुब्बी में यात्रा करने वाली दूसरी राष्ट्रपति हैं। स्वदेशी कालवरी श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर पर यह पहली यात्रा सैन्य परिचालन स्थितियों में सशस्त्र बलों केसाथ सर्वोच्च कमांडर के रूपमें राष्ट्रपति की निरंतर सहभागिता को दर्शाती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इससे पहले नवंबर 2024 में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भारतीय नौसेना के परिचालन प्रदर्शन को देखा और सराहा था। दो घंटे से अधिक के इस भ्रमण के दौरान उन्होंने पनडुब्बी के चालक दल से बातचीत की और परिचालन देखे। राष्ट्रपति को भारत की समुद्री रणनीति में पनडुब्बी शाखा की भूमिका और राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा में इसकी ऑपरेशनल क्षमताओं और योगदान के बारेमें बताया गया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर आगंतुक पुस्तिका में एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने लिखाकि आईएनएस वाघशीर पर नाविकों और अधिकारियों केसाथ नौकायन, गोताखोरी और समय बिताना उनके लिए वास्तव में एक बहुत ही खास और गौरवांवित करने वाला अनुभव था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लिखाकि आईएनएस वाघशीर के कई सफल परीक्षण और चुनौतीपूर्ण अभियान चालक दल की असाधारण तत्परता और समर्पण को दर्शाते हैं, जो इसके आदर्श वाक्य ‘वीरता वर्चस्व विजय’ के अनुरूप है। राष्ट्रपति ने लिखाकि वाघशीर के चालक दल के अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्साह को देखकर उन्हें विश्वास हैकि भारतीय पनडुब्बियां और भारतीय नौसेना किसीभी खतरे के खिलाफ और हर परिस्थिति में युद्ध केलिए तैयार हैं। इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, नौसेना अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।