जयपुर में माहेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च सेंटर की स्थापना
आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के हर तबके तक पहुंचेंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 22 August 2026 06:37:13 PM
जयपुर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा हैकि माहेश्वरी समाज ने अपनी कर्मठता, उद्यमशीलता और संस्कारों के बल पर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में सदैव अनुकरणीय योगदान दिया है। ओम बिरला ने आज जयपुर के माहेश्वरी समाज को माहेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना से मानव सेवा की अपनी यात्रा में एक नए अध्याय का शुभारंभ करने केलिए बधाई दी। शिक्षा के प्रसार में समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए ओम बिरला ने कहाकि वर्ष 1926 में जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और नगरों गांवों में शिक्षा के अवसर अत्यंत सीमित थे, तब माहेश्वरी समाज के दूरदर्शी सदस्यों ने एक प्रबुद्ध, सुसंस्कृत और प्रगतिशील समाज के निर्माण केलिए शिक्षा के महत्व को भली-भांति समझ लिया था। उन्होंने सीमित संसाधनों और अनेक कठिन चुनौतियों के बावजूद अपने संसाधनों को एकजुटकर विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की।
स्पीकर ओम बिरला ने कहाकि माहेश्वरी समाज ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सार्थक योगदान दिया, भामाशाह से जुड़ी त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर परंपरा को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहाकि माहेश्वरी समाज अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जनसेवा के अपने संकल्प पर अडिग रहा, जहां शिक्षा सुविधाओं का अभाव था, वहां विद्यालय स्थापित किए और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों केलिए धर्मशालाओं का निर्माण कर उन्हें आश्रय और सुविधा प्रदान की। लोकसभा अध्यक्ष ने कहाकि महेश्वरी समाज की सेवा भावना किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से लेकर अस्पतालों, औषधालयों, सामुदायिक केंद्रों, छात्रावासों और छात्रवृत्तियों तक माहेश्वरी समाज ने सदैव समाज के समक्ष विद्यमान आवश्यकताओं, चुनौतियों को पहचानने, उनके समाधान केलिए सामूहिकता और संवेदनशीलता केसाथ कार्य किया है। ओम बिरला ने कहाकि भारत ने अपनी सामूहिक सामाजिक चेतना और एक-दूसरे की देखभाल एवं सहायता करने की अपनी प्राचीन परंपरा से अपार शक्ति प्राप्त की। उन्होंने कहाकि सामूहिक उत्तरदायित्व, करुणा और वसुधैव कुटुम्बकम् अर्थात समस्त विश्व एक परिवार है शाश्वत भारतीय आदर्श समाज को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करने और उनसे उबरने की नैतिक शक्ति एवं दृढ़ता प्रदान करता है।
ओम बिरला ने कहाकि एक सशक्त, समृद्ध और संवेदनशील भारत के निर्माण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है, नागरिकों, स्वैच्छिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की भी इस राष्ट्रीय दायित्व में समान रूपसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहाकि समाज और राष्ट्र केप्रति योगदान को सदैव आर्थिक कसौटी पर नहीं आंका जाना चाहिए, परिश्रम समर्पण व्यावसायिक दक्षता ज्ञान और निःस्वार्थ सेवा से भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। ओम बिरला ने कहाकि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहाकि आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक विशेषकर दूरस्थ गांवों और सुदूर बस्तियों में निवास करने वाले लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहाकि सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा किसीभी नागरिक की पहुंच से बाहर नहीं होनी चाहिए।
ओम बिरला ने आशा व्यक्त कीकि माहेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर एक आदर्श धर्मार्थ अनुसंधान संस्थान के रूपमें विकसित हो। उन्होंने कहाकि संस्थान की भूमिका केवल चिकित्सा एवं उपचार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे उत्कृष्ट चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा, उन्नत अनुसंधान, नवाचार तथा समाज की उभरती स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप नए समाधान विकसित करने के क्षेत्रमें भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। ओम बिरला ने माहेश्वरी समाज और इस दूरदर्शी पहल से जुड़े लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि माहेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर सेवा करुणा का एक चिरस्थायी प्रतीक बनेगा, राजस्थान और देशभर के लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।