उपराष्ट्रपति का एलबीएसएनएए मसूरी में प्रशिक्षु आईएएस को संबोधन
देश के विकास में सिविल सेवकों के अनुकरणीय योगदान की सराहनास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 20 August 2026 05:33:22 PM
मसूरी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के चरण-II के प्रशिक्षण समापन पर उन्हें बधाई देते हुए सिविल सेवकों के देश के विकास में अनुकरणीय योगदान को सराहा और कहाकि वे नीति एवं जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यांवयन केबीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विकसित भारत@2047 यात्रा का उल्लेख करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह कियाकि विभिन्न स्तरीय विकास कार्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और वह समावेशी हो। उन्होंने उनसे ‘सेवा भाव और कर्तव्य बोध’ को अपना मार्गदर्शक मंत्र बनाने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अधिकारियों से व्यक्तिगत या समूह उत्कृष्टता के बजाय टीम उत्कृष्टता केलिए प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने एकजुट टीमों के निर्माण, सहकर्मियों को प्रेरित करने और अपने पूर्ववर्तियों की अच्छी कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। सिविल सेवाओं में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व का जिक्र करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि 2024 बैच में लगभग 41 प्रतिशत महिलाएं हैं, यह वृद्धि नारी शक्ति का एक सशक्त प्रमाण है, जहां प्रतिभा रूढ़ धारणाओं से ऊपर उठती है और दृढ़ संकल्प बाधाओं को पार करता है। उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक सेवा वितरण में सुधार केलिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने को कहा। उन्होंने निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता और भविष्य केलिए तैयार रहने पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि चरित्र और ईमानदारी लोक सेवा की नींव है, सच्चा नेतृत्व सत्ता या पद से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक रूपसे कार्य करने की क्षमता से आंका जाता है। उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहाकि वे यह सुनिश्चित करेंकि हर नागरिक की शिकायत सुनी जाए, उनका समाधान हो और हर नागरिक सशक्त हो। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, उत्तराखंड के कृषि एवं किसान कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और एलबीएसएनएए के निदेशक डॉ बी राजेंदर भी उपस्थित थे।