स्वतंत्र आवाज़
word map

असम में नागरिक रजिस्टर का प्रकाशन तैयार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा

दावों और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त अवसर

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 26 July 2018 11:15:23 PM

logo govt. of india

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने असम सरकार और पड़ोसी राज्यों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ड्राफ्ट के प्रकाशन के बाद हालात से निपटने के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा है। असम सरकार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्यस्तरीय समन्वय समिति बनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि राज्य की संबंधित एजेंसियों, एनआरसी प्राधिकरणों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। शिकायतें दर्ज करने और तत्काल प्रतिक्रिया में तालमेल बिठाने के लिए राज्य की राजधानी और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
गृह मंत्रालय ने भारत के महापंजीयक को एनआरसी ड्राफ्ट के बारे में लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वेबसाइट, टोल फ्री नंबर, एसएमएस इत्यादि संचार के सभी साधनों का इस्तेमाल करने को कहा है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक वक्तव्य में कहा था कि सभी लोगों को न्याय मिलेगा और सबके साथ मानवता के आधार पर व्यवहार किया जाएगा, सभी को कानून के तहत सुधार का पर्याप्त मौका मिलेगा। उन्होंने कहा था कि सरकार यह स्पष्ट कर देना चाहती है कि 30 जुलाई को एनआरसी ड्राफ्ट के प्रकाशन के बाद असम के लोगों को दावे और आपत्ति दर्ज कराने के पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे एवं सभी दावों और आपत्तियों की जांच कराई जाएगी।
गृह मंत्रालय ने असम सरकार को सुझाव दिया है कि एनआरसी ड्राफ्ट के आधार पर प्रशासन या पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई शुरू नहीं की जानी चाहिए, जिन लोगों के नाम एनआरसी ड्राफ्ट में नहीं हैं, उन्हें विदेशी समझने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि एनआरसी ड्राफ्ट के अंतिम प्रकाशन से पहले उन्हें दावे और आपत्ति उठाने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा। एनआरसी ड्राफ्ट के आधार पर किसी व्यक्ति को नज़रबंद कर भेजने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। राज्य सरकार को इस बारे में सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा गया है।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]