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चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की भूमिका अहम-राष्ट्रपति

'जीएसटी से वित्तीय एवं व्यावसायिक सौदों में पारदर्शिता'

भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान की प्लेटिनम जुबली

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 2 July 2018 12:42:38 PM

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान की प्लेटिनम जुबली पर दिल्ली में एक समारोह का उद्घाटन किया और जीएसटी के कार्यांवयन की पहली वर्षगांठ का जिक्र करते हुए कहा कि जीएसटी ने हमें कई लक्ष्यों को अर्जित करने में सहायता की है, इसने देशभर में पंजीकरण, शुल्क भुगतान, रिटर्न फाइल करने एवं करों के रिफंड के लिए एक समान मंच की स्थापना से व्यवसाय करने की सुगमता में वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि एक उचित कराधान प्रणाली का अनुपालन सरकार को राजस्व उपलब्ध कराने से कहीं अधिक है, यह उसी सामाजिक अनुबंध का हिस्सा है, जो हमारे संविधान को मजबूत बनाता है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की ऐसी संस्कृति को आगे बढ़ाने में एक अहम भूमिका है, वे करदाताओं और कराधान प्रणाली के लिए सुविधा प्रदान करने वाले भी हैं और सार्वजनिक भरोसे के पहरेदार भी हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी शुद्धता का निर्वाह करना सभी करदाताओं और कराधान एवं वित्तीय प्रोफेशनलों का केवल कानूनी दायित्व ही नहीं है, बल्कि इसमें नैतिकता का भी एक हिस्सा जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत हमने खुद को कुछ अधिकार दिया है, साथ ही कुछ जिम्मेदारियां भी दी हैं, यह हममें से प्रत्येक का दायित्व है कि हम उस समाज में योगदान दें, जो हम साझा करते हैं और उस देश की समृद्धि में योगदान दें, जिसके हम हिस्सा हैं। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों एवं हितधारकों को जीएसटी के सफल कार्यांवयन के लिए बधाई दी।
रामनाथ कोविंद ने कहा कि जीएसटी का लागू होना अर्थव्यवस्था को औपचारिक रूप देने, कानून के राज को स्थापित करने, वित्तीय एवं व्यावसायिक सौदों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने और भारत को एक अधिक कर अनुपालक समाज बनाने की दिशा में कई वर्ष से किए जा रहे सतत प्रयासों का एक नतीजा है। उन्होंने आईसीएआई से युवाओं विशेष रूपसे महिलाओं के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह हमें एक अधिक समृद्ध और अधिक समतामूलक समाज बनाने में मदद करेगा। भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान एक राष्ट्रीय पेशेवर लेखा निकाय है, यह एक चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने की योग्यता को निर्धारित करता है, परीक्षा लेता है और लेखांकन की प्रेक्टिस करने का लाइसेंस देता है। इसके अलावा यह सरकारी संस्थाएं आरबीआई, सेबी, एमसीए, सीएजी, आईआरडीए आदि को नीति निर्माण में सहयोग भी देता है।

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