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पूर्वोत्तर क्षेत्र के भावनात्मक स्नेह से प्रेरित राष्ट्रपति!

त्रिपुरा में न्यायिक अकादमी एवं विधि विवि का उद्घाटन व शिलान्यास

'भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में पूर्वोत्तर क्षेत्र महत्वपूर्ण'

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Thursday 13 October 2022 01:28:05 PM

president inspired by the emotional affection of the northeast region

अगरतला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपनी त्रिपुरा यात्रा पर कहा हैकि भारत की राष्ट्रपति के रूपमें जब उन्होंने विभिन्न राज्यों की यात्राएं आरंभ कींतो चाहाकि वे शीघ्रही पूर्वोत्तर क्षेत्रकी यात्रा करें। पूर्वोत्तर क्षेत्र के भावनात्मक स्नेह से प्रेरित राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त कीकि आदिशक्ति के आशीर्वाद से उन्हें अपनी आरंभिक यात्राओं मेही पूर्वोत्तर क्षेत्रमें आने का सुअवसर मिला है और त्रिपुरा की यात्रा एक नए राष्ट्रीय दृष्टिकोण और पूर्वोत्तर क्षेत्र केप्रति उनके भावनात्मक अनुराग से प्रेरित है। राष्ट्रपति ने नरसिंहगढ़ अगरतला में त्रिपुरा राज्य न्यायिक अकादमी का उद्घाटन और त्रिपुरा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। राष्ट्रपति ने रबिंद्र सतबार्षिकी भवन अगरतला से वर्चुअल रूपसे कैपिटल कॉम्पलेक्स अगरतला में एमएलए हॉस्टल का उद्घाटन और महाराजा बीरेंद्र किशोर माणिक्य संग्रहालय तथा सांस्कृतिक केंद्र, आईआईआईटी अगरतला एवं सड़क, स्कूल और छात्रों केलिए छात्रावास से संबंधित त्रिपुरा सरकार की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया। राष्ट्रपति ने कहाकि इन परियोजनाओं से त्रिपुरा में न सिर्फ कनेक्टिविटी, शिक्षा, न्यायिक प्रणाली और विधायिका को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय त्रिपुरा ने बीते दशकमें विधि शिक्षा के क्षेत्रमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहाकि अर्थव्यवस्था के विकास केसाथ कानूनी पेशे काभी कई आयामों में विस्तार हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त कीकि एनएलयू त्रिपुरा न केवल पूर्वोत्तर, बल्कि पूरे देशमें कानूनी शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूपमें उभरेगा। उन्होंने कहाकि शिक्षा के क्षेत्रमें त्रिपुरा ने अपनी महत्वपूर्ण पहचान बनाई है, लगभग 87 प्रतिशत की दर केसाथ त्रिपुरा साक्षरता की दृष्टि से देशके अग्रणी राज्यों मेसे एक है, यहां के इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कला और संगीत से जुड़े शिक्षण संस्थानों में देश-विदेश के छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत के युवाओं ने दुनियाभर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रमें एक विशेष पहचान बनाई है और विश्वास जतायाकि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी, अगरतला का स्थायी परिसर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रमें नए मानक स्थापित करेगा। राष्ट्रपति ने कहाकि राष्ट्र के विकास और युवाओं की प्रगति केलिए एक समग्र शिक्षा प्रणाली आवश्यक है, उच्चशिक्षा केसाथ हमें प्राथमिक शिक्षा पर ज्यादा जोर देना चाहिए। उन्होंने खुशी व्यक्त कीकि त्रिपुरा की राज्य सरकार केसाथ उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्रालय ने 'विद्या-ज्योति मिशन 100' शुरू किया है, जिसके तहत मौजूदा 100 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को अत्याधुनिक सुविधाओं केसाथ गुणवत्ता वाले शैक्षणिक संस्थानों में परिवर्तित किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने कहाकि उन्हें इस मिशन केतहत कई स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विकास सहित बालिकाओं केलिए नए हॉस्टल के निर्माण का शिलान्यास करके विशेष प्रसन्नता हुई है। उन्होंने कहाकि हमारी बेटियां हर क्षेत्रमें देशका नाम रोशन कर रही हैं और बेटियों के आगे बढ़ने सेही समाज और राष्ट्र आगे बढ़ेगा। राष्ट्रपति ने कहाकि पूर्वोत्तर क्षेत्रमें विकास की अपार संभावनाएं हैं, राजमार्ग, रेलवे, वायुमार्ग और जलमार्ग की विभिन्न परियोजनाओं केसाथ क्षेत्रके विकास को एक नईगति मिली है। राष्ट्रपति ने कहाकि इससे यहां व्यापार बढ़ाने तथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों के आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने कहाकि भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है और त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र 2025 तक भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर त्रिपुरा के राज्यपाल सत्यदेव नारायणआर्य, मुख्यमंत्री प्रोफेसर डॉक्टर माणिक साहा, उपमुख्यमंत्री जिष्णु देब बर्मा और राज्य सरकार की पूरी टीम की सराहना की।

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