स्वतंत्र आवाज़
word map

भारतीय रेल बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटी-रेलमंत्री

नेपाल में बाढ़ से पीड़ितों व मृतकों केप्रति भारत की शोक संवेदनाएं

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच ब्रॉड गेज रेल खंड शुरु हुआ

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 1 September 2026 03:06:33 PM

indian railways mobilizes to help flood victims

नेपालगंज। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि भारतीय रेल ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित इलाकों से बाढ़ पीड़ितों को भारत लाने की व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने कहाकि रेलवे ने बाढ़ पीड़ितों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने हेतु विशेष कोच और दूसरी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्रदान की हैं। गौरतलब हैकि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे इस खंड को ब्रॉड गेज में बदला गया है और इसका विद्युतीकरण किया गया है। चार मौजूदा रेलगाड़ियों की सेवाओं को भी नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया है। इन कार्यों का उद्घाटन कार्यक्रम था, जिसे वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए रेलमंत्री संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, बहराइच के सांसद डॉ आनंद कुमार गोंड, गणमान्य और क्षेत्रीय नागरिक भी जुड़े थे।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपाल में भीषण बाढ़ और उससे निपटने केलिए भारत के राहत कार्यों का जिक्र करते हुए कहाकि भारत और नेपाल में गहरे सांस्कृतिक सामाजिक पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों केप्रति संवेदना व्यक्त की और कहाकि भारत सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करने के प्रयास कर रही है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे बोर्ड विभिन्न रेलवे जोनों, राज्य एवं जिला प्रशासनों तथा विदेश मंत्रालय केसाथ मिलकर कामकर रहा है, ताकि नेपाल की परिस्थितियों से प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और वापसी सुनिश्चित की जा सके। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच खंड का आमान परिवर्तन अब देश के बड़े रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। रेलमंत्री ने कहाकि इन सेवाओं से नेपालगंज रोड और आसपास के इलाकों के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी तथा दूसरे बड़े शहरों केलिए सीधी रेल कनेक्टिविटी हासिल होगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहाकि देशभर में ब्रॉड-गेज परिवर्तन कार्यक्रम पूरा होने वाला है और यात्रियों केलिए कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने हेतु रेल मंत्रालय ने 14213/14214 वाराणसी–बहराइच एक्सप्रेस, 15132/15131 वाराणसी सिटी–गोरखपुर एक्सप्रेस और 75109/75110 व 75111/75112 गोंडा–बहराइच रेलगाड़ियों की दो जोड़ियों की सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। रेलमंत्री ने कहाकि इस विस्तार से इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी और बड़े शहरी एवं आर्थिक केंद्रों तक पहुंच काफी बेहतर होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को भी लाभ होगा, खासकर उन लोगों को जो रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार और दूसरे कार्यों केलिए सीमावर्ती इलाकों में आते-जाते हैं। गौरतलब हैकि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच मीटर-गेज रेल खंड का निर्माण मूल रूपसे 1886 में हुआ था। आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने केबाद यह खंड अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। इससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड स्टेशनों को बेहतर कनेक्टिविटी हासिल हो रही है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि पूरे उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल इलाके में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने हेतु व्यापक पैमाने पर योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बतायाकि जिन जगहों पर पहले से दोहरी लाइनें हैं, वहां तीसरी और चौथी लाइनें जोड़कर सात बड़े रेलवे नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने पूर्वांचल को सेवा प्रदान करने वाले दिल्ली-गाज़ियाबाद-मुरादाबाद-सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर नेटवर्क का उल्लेख किया और कहाकि दिल्ली से गोंडा वाले खंड को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहाकि हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी के विकास से राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहाकि यात्रा में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने बतायाकि दिल्ली-आगरा की यात्रा में 58 मिनट, दिल्ली-कानपुर में 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली-लखनऊ में 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली-प्रयागराज की यात्रा में लगभग तीन घंटे लगेंगे। उन्होंने कहाकि दिल्ली-वाराणसी की यात्रा में लगभग साढ़े तीन घंटे लगेंगे।
अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि प्रस्तावित कनेक्टिविटी को आगे चलकर पटना तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहाकि दिल्ली और पटना केबीच 1,170 किलोमीटर की यात्रा लगभग साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहाकि इससे लोग उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों और उत्तर भारत के हिस्सों केबीच बहुत कम समय में यात्रा कर सकेंगे। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड का पूरा होना और लंबी दूरी की रेलगाड़ियों की सेवाओं का विस्तार, सीमावर्ती इलाके में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। अश्विनी वैष्णव ने बतायाकि यह परियोजना न केवल इस इलाके को देश के बड़े शहरों से बेहतर ढंग से जोड़ेगी, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते भी खोलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नेपाल की प्राकृतिक आपदा पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि इस त्रासदी ने न केवल मित्र देश नेपाल को, बल्कि भारत सहित कई देशों के लोगों को भी प्रभावित किया हुआ है, उन्होंने उन परिवारों केप्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं, जिन्होंने इस आपदा में अपने परिजनों को खो दिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि इस रेल खंड का उद्घाटन और चार नई रेलगाड़ियों की सेवाओं की शुरुआत इस इलाके के लोगों के दशकों पुराने सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहाकि इस नई रेल कनेक्टिविटी से बहराइच, रुपईडीहा और नेपालगंज केबीच संपर्क मजबूत होगा तथा सीमा के दोनों ओर के लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी। आकांक्षी जिले बहराइच के सीमावर्ती इलाके में आमान परिवर्तन परियोजना के पूरा होने से इस क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को काफी गति मिलने की उम्मीद है, रेल कनेक्टिविटी से लोगों एवं सामानों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में व्यापार, रोज़गार, पर्यटन, सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहाकि सीधा ब्रॉड गेज संपर्क स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा और सीमावर्ती इलाकों तथा उत्तर प्रदेश एवं उसके बाहर के प्रमुख शहरों केबीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहाकि इससे क्षेत्र के लोगों केलिए रोज़गार और सुविधाओं के नए अवसर सृजित होने और बहराइच व आसपास के इलाकों के समग्र विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच मीटर-गेज रेल खंड के विद्युतीकरण से इलेक्ट्रिक इंजन वाली रेलगाड़ियों का परिचालन संभव हो पाएगा, जिससे डीजल ट्रैक्शन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन को घटाने में मदद मिलेगी। यह पहल ऊर्जा की दृष्टि से किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल रेलवे के परिचालन की दिशा में भारतीय रेल के प्रयासों के अनुरूप है।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]