हमारी विविधता ही हमारे देश की शक्ति का स्रोत है-उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने दीं महान पर्व ओणम की हार्दिक शुभकामनाएंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 31 August 2026 01:36:19 PM
तिरुवनंतपुरम। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने केरलम की सांस्कृतिक विरासत, भक्ति और शाश्वत परंपराओं की गौरवशाली पंबा नदी पर अरनमुला उथ्रित्तथी वल्लमकली का शुभारंभ किया। राज्य का नाम केरलम होने पर केरलवासियों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने याद दिलायाकि राज्यसभा के अध्यक्ष के रूपमें उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हैकि हालही में समाप्त हुए राज्यसभा के सत्र में राज्य का नाम केरल से केरलम करने वाला विधेयक पारित हुआ है। उन्होंने केरलवासियों को उनके महान पर्व ओणम की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि ओणम और वल्लासद्या की पवित्र परंपरा से जुड़ा अरनमुला वल्लमकली, टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना का अनुकरणीय उदाहरण है, जिसमें खूबसूरती से सजी पल्लियोडम नावें और सौ से अधिक नाविक लयबद्ध तरीके से नौका चलाते हैं।
पंबा नदी के आध्यात्मिक महत्व पर उन्होंने कहाकि यह सबरीमाला तीर्थयात्रा का अभिन्न अंग है और आस्था, पवित्रता एवं आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक है। सबरीमाला की अपनी सात तीर्थयात्राओं को याद करते हुए उन्होंने बताया कि संसद सदस्य के रूपमें नामांकन से कुछ समय पहले की उनकी पहली तीर्थयात्रा उनके लिए विशेष रूपसे महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहाकि उनका मानना हैकि भगवान अय्यप्पा के आशीर्वाद ने उनकी चुनावी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपराष्ट्रपति ने अरनमुला की विरासत और प्राचीन श्रीपार्थसारथी मंदिर और प्रसिद्ध जीआई टैग प्राप्त अरनमुला कन्नाडी का विशेष जिक्र किया। उन्होंने पिछले वर्ष उपराष्ट्रपति आवास पर आयोजित समारोहों को याद करते हुए कहाकि उन्होंने अतिथियों को अरनमुला कन्नाडी भेंट की थी, जिसकी उत्कृष्ट कारीगरी की अतिथियों ने बहुत सराहना की थी। उन्होंने भावी पीढ़ियों केलिए पारंपरिक कलाओं, शिल्पों और ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर बल दिया।
सीपी राधाकृष्णन ने यह बताते हुए कि विदेशों में काम करने वाले लोग भी ओणम जैसी प्रिय परंपराओं में भाग लेने केलिए केरलम लौटते हैं, कहाकि अरनमुला यह दर्शाता हैकि कैसे सांस्कृतिक परंपराएं लोगों को उनकी जड़ों से जोड़े रखती हैं। उन्होंने परंपरा और आधुनिकता को साथ-साथ चलाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी और विरासत भी’ के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि भारत के विविध त्योहारों में देश की सांस्कृतिक एकता समाहित है। उन्होंने कहाकि हमारी विविधता विभाजन का स्रोत नहीं, बल्कि यह हमारे देश की शक्ति का स्रोत है। कार्यक्रम में केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, गृहमंत्री रमेश चेन्निथला, उच्चशिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन, जल संसाधन मंत्री मॉन्स जोसेफ, सांसद एंटो एंटनी, अरनमुला के विधायक अभिन वर्की और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।