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मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारियां!

उज्बेकिस्तान व किर्गिज़ गणराज्य के लिए रवाना हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

विकसित भारत उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़ के साझा विकास लक्ष्यों की चर्चा

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Saturday 29 August 2026 05:26:37 PM

prime minister narendra modi departed for uzbekistan and kyrgyzstan

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज और कल द्विपक्षीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान एवं 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने केलिए किर्गिज़ गणराज्य की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़ गणराज्य के दौरे से पहले प्रधानमंत्री ने प्रस्थान वक्तव्य में जानकारी देते हुए कहाकि उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर वे 29-30 अगस्त को राजकीय दौरे पर ताशकंद रहेंगे। उन्होंने कहाकि हाल के वर्षों में भारत-उज़्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में तेज प्रगति हुई है और वे राष्ट्रपति केसाथ व्यापार, निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा, ऊर्जा, विकसित भारत और यंगी उज़्बेकिस्तान के साझा दृष्टिकोण को बढ़ावा देने केलिए सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की यह चौथी यात्रा है। इस दौरान प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति केसाथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में दोनों देशों केबीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए विकसित भारत@2047 और उज़्बेकिस्तान-2030 के साझा विकास लक्ष्यों पर अपने विचार साझा करेंगे। उन्होंने कहाकि वे ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करेंगे, जो दोनों देशों को जोड़ने वाले घनिष्ठ सांस्कृतिक और जन से जन संबंधों का प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि वे किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25 वर्ष पूरे होने पर 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहाकि भारत 2017 से एससीओ का सक्रिय सदस्य है और वे सुरक्षा संपर्क अवसर आधारित क्षेत्र केलिए भारत के विज़न को आगे बढ़ाने एवं क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद व उग्रवाद के संकट से मुक्त बनाने केलिए सदस्य देशों केसाथ मिलकर कार्य करने केलिए उत्सुक हैं, जो पड़ोस और उससे परे भी शांति और स्थिरता केलिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि वे राष्ट्रपति और एससीओ के नेताओं से मिलने एवं छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लेने केलिए भी उत्सुक हैं। उन्होंने कहाकि यह समारोह मध्य एशिया की समृद्ध जीवंत विरासत का उत्सव है, जिसका भारत गहरा सम्मान करता है। नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त कियाकि उनका यह दौरा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारियों को और भी ज्यादा सुदृढ़ करेगा, इस क्षेत्र केसाथ भारत के सभ्यतागत जुड़ाव को गहरा करेगा और शांति स्थिरता एवं समृद्धि की साझा आकांक्षाओं को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहाकि यही मूल्य विश्व केसाथ भारत के जुड़ाव के मूल में भी हैं। 

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