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सरकार की गांवों में किफायती जीवन बीमा सेवाएं!

संपूर्ण बीमा ग्राम योजना और डाक जीवन बीमा का नेटवर्क बढ़ा

राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने किया नई योजनाओं का शुभारंभ

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 13 October 2017 06:32:05 AM

manoj sinha launch of the 'sampoorna bima gram yojana'

नई ‌दिल्ली। केंद्रीय संचार और रेल मंत्रालय में राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने आज संपूर्ण बीमा ग्राम यानी एसबीजी योजना और डाक जीवन बीमा के ग्राहकों की संख्या बढ़ाने की पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को किफायती जीवन बीमा सेवाएं प्रदान करने के लिए डाक नेटवर्क के जरिए बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत आने वाले सभी गांव इसकी सीमा में लाए जाएंगे। मनोज सिन्हा ने कहा कि संपूर्ण बीमा ग्राम योजना के तहत देश के प्रत्येक राजस्व जिलों में कम से कम न्यूनतम 100 आवास के एक गांव को चिन्हित किया जाएगा, जबकि प्रत्येक पॉलिसी की कम से कम एक आरपीएलआई के साथ चिन्हित गांव के सभी घरों को कवर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य संपूर्ण बीमा ग्राम के लिए चिन्हित गांव के सभी आवासों को कवर करना है।
राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि डाक जीवन बीमा यानी पीएलआई के ग्राहकों की संख्या बढ़ाने की योजना के अंतर्गत अब यह निर्णय लिया गया है कि पीएलआई के लाभ केवल सरकारी और अर्धसरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं होंगे, बल्कि यह डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टटेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंक कर्मियों जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने और अधिकतम संख्या में लोगों को डाक जीवन बीमा के तहत लाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी बीमा की तुलना में डाक पॉलिसियों का बीमा शुल्क कम और लाभांश अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के नागरिकों के संपूर्ण कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और डाक जीवन बीमा के ग्राहकों की संख्या बढ़ाना और देश के प्रत्येक जिले में संपूर्ण बीमा ग्राम के सभी घरों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा का कवरेज सुनिश्चित करना इस दिशा में एक कदम है।
मनोज सिन्हा ने कहा कि ये दोनों प्रमुख पहलें डाक विभाग शुरू कर रहा है, इससे लोगों का जीवन सुरक्षित होने के साथ ही वित्तीय समेकन भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि 1884 में शुरू किया गया डाक जीवन बीमा सरकारी और अर्धसरकारी कर्मचारियों के लाभ के लिए सबसे पुरानी बीमा योजनाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि मल्होत्रा समिति की सिफारिशों पर 24 मार्च 1995 को शुरू किए गए ग्रामीण डाक जीवन बीमा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों विशेष रूप से इन क्षेत्रों में रहने वाले वंचित वर्गों और महिलाओं को बीमा कवर प्रदान किया जाता है। कम बीमा शुल्क और उच्च लाभांश पीएलआई और आरपीएलआई योजनाओं का महत्वपूर्ण पहलू है। 31 मार्च 2017 तक देशभर में 46.8 लाख पीएलआई और 146.8 लाख आरपीएलआई पॉलिसी धारक थे। वर्ष 2000 में बीमा क्षेत्र के उदारीकरण के बाद से देश के बीमा उद्योग में काफी बदलाव आया है और भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा को स्वयं को दोबारा परिभाषित करना अत्यंत जरूरी है।

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