पिछला संस्करण
धन्यवाद आपका और ये उम्मीदें आपसे !
महत्वपूर्ण विश्लेषण
4भारतीयों का दिवाली मेला कनाडा को भाया
4ये है मुंबई नगरिया अब तू देख बबुआ!
4यूपी में माया सरकार का ‘आप्रेशन मीडिया’
4सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बजाज एलियांज
4आतंकियों के निशाने पर गोरक्षपीठ के योगी
4मायावती के प्रधानमंत्री पद के दावे की कमजोरियां !
4मायावती का राजधर्म
4मायावती की सुरक्षा चुनौती कहां-कहां से?
4फसे हैं दुविधा में बसपा के अखिलेश-नरेश
4आंध्र में माया ने टीआरएस को डुबोया
4लखनऊ से अटल ही लड़ेंगे चुनाव
4भाजपा नेताओं से नफरत, ‘कमल’ से प्यार!
4टाइमपास अध्यापिकाएं और भीख मांगते बच्चे
4विदेशों में हिंदी साहित्य का अध्ययन और समस्याएं
4हिंदी कवियों लेखकों की जन्मशती
4भोपाल के बाद अब इंदौर में आईटी पार्क
4दुनिया को टाटा बैंक का इंतजार
4पेट्रोल कीमतों से निकलती आग
4भारतीय रिज़र्व बैंक को भाया गुजरात
4कांचीपुरम की साड़ियों के नकली बाज़ार
4ओम प्रकाश जिंदल एक कर्मयोगी की कहानी !
4मेलों और मंदिरों की भेंट चढ़ती जिंदगानियां !
4अब भगवान पशुपति नाथ के लिए क्या आदेश हैं?
4आपका नेपाली नौकर माओवादियों का एरिया कमांडर तो नहीं?
4माओवादियों के धमकी भरे ई-मेल
4हमेशा याद किए जाएंगे सुरजीत!
4जड़ी-बूटियों का ही बचा सहारा
4उत्तराखंड के गांवों में चीन का नमक
4आप इन रणनीतियों में कहां खरे हैं?
4पूर्वोत्तर राज्यों में समृद्ध होती बागवानी
4असमंजस मे हैं पटवारी परीक्षा के आवेदक
4प्रयोगशालाओं में अपराधियों की खोज
4भारतीय प्रतिभाओं में समृद्धि की खोज
4किस्से शहर बनारस के
4गुर्जर आंदोलन: अराजकता में सबकुछ खोया
4राजस्थान में जनजातियों के नाम हैं शौर्य गाथाएं
4कलाम ने जारी किया जनसम्पर्क कार्टूनचरित्र ‘प्रिंस’
4राजवाड़ों की दुर्दशा पर प्रशासन की अनदेखी
4अंतरिक्ष अनुसंधान पर सरकार की मेहरबानिया
4हिंदी इंटरनेट आम भारतीयों का प्रजातंत्र-बीकेएस रे
4राम वन गमन पर दुबारा शोध-यात्रा
4छत्तीसगढ़ पुलिस की सेवाएं बेहतर बनाने की पहल
4छत्तीसगढ़ में बाल पुलिस!
4लॉटरी वाले ईमेल से सावधान
4हर माह हसरतों का लहू चूसता रहा...
4ईमेल की झूंठी शान,दिग्गजों के भी पते झूंठे
4हजरतगंज कोतवाली
4पत्रकारिता पर अहंकार और अज्ञानता का साया
4यूपी में चौराहे पर नौकरशाही!
4नारी विमर्श: दशा-दिशा और समाज
4चीनी मछलियों का भारतीय नदियों पर कब्जा
4दिल्ली में बच्चों के लिए संग्रहालय
4अमरीका के तीन लाख लोगों को प्रवासी दर्जा
4लीडरों से निराश-हताश भारतीय राजनीति !
4अभिनव बिंद्रा दुनिया का अचूक निशानेबाज़
4कश्मीर की आग देश में फैली
4लखनऊ में भाजपाईयों पर पुलिस की बर्बरता
4इंटरनेट ने प्रिंट मीडिया के लिए खड़ी की बड़ी चुनौती
4महंगाई-महंगाई तू कहां से आई?
4जार्ज बुश का कथन - 'हिंदी इक्कीसवीं सदी की भाषा'
4संस्कृत में गणित, एक प्राचीन दुर्लभ ग्रंथ
4सम्मान-पुरस्कार
4स्मृतियां
4बालीवुड में स्टार पुत्रियों की कुश्ती
4इश्मीत की मौत पर भारी अफसोस
4फरीदाबाद से रोज़ कहां गायब हो रहे हैं लोग?
4फरीदाबाद में ताबड़तोड़ अपराध
4हरियाणा में बढ़ा अंतरजातीय विवाह का ग्राफ
4महेंद्र सिंह धोनी को खेल रत्न
4लखनऊ स्पोर्ट्स कालेज खेल के साथ व्यक्तित्व विकास भीज
4साम्प्रदायिक सद़भावना के लोकदेवता-गोगाजी
4Amidst threats Northeast celebrates Independence Day
4‘मुठ्ठी में चक्की का पाट’
4सुलगते जम्मू-कश्मीर में जगमोहन की जरूरत
4पितरों का मोक्ष द्वार ‘गयाजी’
संपर्क +91 9235667544
भावी प्रधानमंत्री के लिए जो नाम सामने आए हैं, उनकी योग्यता आदि के विषय में राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़े और उनके व्यक्तित्व के सभी पहलू आम जनता के सामने प्रमुखता से प्रस्तुत किए जाएं, ताकि लोगों को अपने हिसाब से राजनीतिक दल एवं प्रधानमंत्री पद के लिए सही व्यक्ति का चुनाव करने में मदद मिले। इनमें प्रधानमंत्री कौन? दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट
मायावती को एहसास हो गया है कि उनका प्रधानमंत्री बनना असंभव है। इसलिए उन्होंने एक प्रकार से एनडीए के सामने प्रस्ताव रख दिया है कि वह कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए की सरकार न बनने देने के लिए बिना शर्त एनडीए का साथ देंगी। अटल के सामने माया का समर्पण ? विशेष रिपोर्ट
आध्यात्मिक शक्तिपीठों और पीठाधीश्वरों की सुरक्षा जैसे मामलों की घोर उपेक्षा हो रही है, यह किसी से नही छिपा है। मगर क्या वास्तव में यह सच लगता है कि ये प्रतिक्रियावादी हैं? जातियों में बटे इस दौर में सामाजिक समरसता और सामाजिक न्याय का इससे बेहतर मेल और उदाहरण और क्या चाहिए? देवी पाटन आकर देखिए! विशेष रिपोर्ट 'एक सन्यासी और राजनीतिज्ञ का सामाजिक न्याय'
लालू के राजनीतिक दांव आज के राजनीतिक माहौल में नव राजनीतिज्ञों के लिए एक पाठ्यक्रम से कम नहीं कहे जा सकते। लालू को कब लल्लू कब लालू प्रसाद और कब लालू प्रसाद यादव बनना है इसकी कला उन्हें बखूबी आती है। बालीवुड से हालीवुड और खेल खेती खलिहान तक सब जगह लालू यादव का वर्चस्व है। अपने आप में एक पाठ्यक्रम हैं लालू विशेष रिपोर्ट
अमरीका से एटमी करार पर यूपीए सरकार के विश्वास मत के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी अपने राष्ट्रधर्म से क्यों भाग खड़े हुए? जबकि उन्हीं के सामने, इसी सदन में लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने अपने वामदलों के भारी दबाव और पार्टी में आलोचनाओं की कोई परवाह ही नहीं की। अपने राष्ट्रधर्म से दूर क्यों भागे अटल ? दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट
मायावती और कांग्रेस के बीच घमासान आज अपने चरम पर पहुंच गया है। मायावती के ईमानदार होने का फैसला अब सिर्फ देश की अदालत को ही करना है जिससे अब ‘काले धन’ पर कभी भी निर्णायक मुकद्मेबाजी शुरू होनी तय है। इसमें मायावती को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। मायावती की अकूत दौलत पर है निर्णायक घमासान विशेष रिपोर्ट
दुनिया भारत में लीडरों के नैतिक पतन की पराकाष्ठा देख रही है। वह देख रही है कि भारत के लीडर और राजनीतिक दल किस तरह बिकते हैं। प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए जीभ निकाले घूम रहे महाभ्रष्ट और चार्जशीटेड नेता कुर्सी के लिए कैसे-कैसे समझौते करने को तैयार हो जाते हैं। देशहित के गंभीर मुद्दों पर भी ये राजनीतिज्ञ एक मेज पर कभी बैठते नहीं हैं। लीडरों से निराश-हताश भारतीय राजनीति ! विशेष रिपोर्ट
हज और उमरा के लिए अब वही लोग जा सकेंगे जिनकी हैसियत आलीशान फाइव स्टार होटलों के किराए की शक्ल में लाखों रूपए अदा करने की होगी। इतना ही नहीं हरम के एतराफ में अब दो-पांच और दस रियाल में सर भी नहीं मुड़ाया जा सकेगा, क्योंकि हालात इतने खराब हैं कि उमरा करने के बाद अल्लाह के घर के एतराफ में नाई और चाय की एक दुकान तक नहीं बची। अब आसान नहीं रहा हज और उमरा हिसाम-उल सिद्दी़की की विशेष रिपोर्ट
राष्ट्रवाद और राष्ट्रधर्म की शेखी बघारने वालों को सोमनाथ दा ने सीख दी है कि राष्ट्रवाद किसे कहते हैं और असली राष्ट्रधर्म क्या है। इससे सोमनाथ चटर्जी ने करोड़ों देशवासियों के मन में अपनी जगह बनाई है, अथाह सम्मान और विश्वास पाया है। लोकतंत्र के महानायक सोमनाथ दा दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट
नत्थू-कढेरा और बंसी अपने छप्पर के नीचे बैठे हुए महंगाई से घुट-घुट कर मर रहे हैं। उनके घर में जिन जरूरी चीजों की जरूरत है वह उनकी पहुंच से बाहर चली गई है। इसका सबसे सही उत्तर डा. मनमोहन सिंह के पास है जो न केवल एक प्रख्यात अर्थशास्त्री हैं बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी हैं। वह ही आम जनता को महंगाई से मोक्ष दिला सकते हैं। महंगाई-महंगाई तू कहां से आई ? विशेष रिपोर्ट
आतंकवाद और संगठित अपराध पर चर्चा में इस बार भारत और अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर जोरदार हमला जरूर देखने को मिला जिसमें पाकिस्तान अपना बचाव करते हुए अलग-थलग सा नज़र आया। सभी देश आतंकवाद पर अपनी कार्ययोजनाएं तो लेकर आए मगर वे सम्मेलन में ‘फ्लापी’ से बाहर ही नहीं निकलीं। सार्क वही घिसे-पिटे मुद्दे और नतीजा जीरो शंकर बसु की विशेष रिपोर्ट
राहुल गांधी की शादी को लेकर उत्सुकता तो है ही मगर उससे ज्यादा उत्सुकता यह जानने की है कि राहुल गांधी की अर्द्धांगिनी आखिर कौन होगी? क्या राहुल गांधी अपने पिता राजीव गांधी का अनुसरण करेंगे या वे किसी भारतीय कन्या के साथ ही सात फेरे लेंगे? राहुल गांधी की शादी पर देश की निगाहें एक विशेष रिपोर्ट
यदि पाकिस्तान को दुनिया के बीच में खड़े रहना है तो उसे भी आतंकवाद पर उसी प्रकार गोले बरसाने होंगे जिस प्रकार अमरीका बरसाता आ रहा है जिसे अब पाकिस्तान में एक सैनिक शासक ही कर सकता है। जो अध्याय जनरल मुशर्रफ ने शुरू किया है उस पर चलना पाकिस्तान की मौजूदा सरकार के लिए कठिन भी और मजबूरी भी बन गया है। यहां का लोकतंत्र अब सेना से अलग नहीं देखा जा सकता। पाकिस्तान में सेना की उंगली पर नाचता लोकतंत्र इरफान गाज़ी की रिपोर्ट
नेपाल में ‘बंदूकवादी लोकतंत्र’ लेकर आए माओवादियों को अपनी सरकार के गठन में दिन में तारे नज़र आ गए। माओवादियों के सुप्रीम कमांडर कमल दहल प्रचंड की चीन से दोस्ती और भारत से पंगा, नेपाली जनता और यहां के राजनीतिक दलों में घमासान का मुख्य कारण बन रहा है। नेपाल में ‘बंदूकवादी लोकतंत्र’ की प्रचंड की सत्ता यज्ञपुरुष गहिरे की विशेष रिपोर्ट
मुझे आश्चर्य होता है कि एक देश जो पूर्णतः पशुओं पर निर्भर है और जो यह सीख ले कि उनके साथ किस प्रकार कार्य करना है तो शाही ठाठ-बाट में रह सकता है, उसमें पशुओं के साथ व्यवहार करने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने हेतु कोई शैक्षणिक प्रणाली नहीं है। मेनका गांधी लिखती हैं-कहां हैं वन्यजीव पाठ्यक्रम और प्रबंधन?
देश में बदले सत्ता समीकरणों के कारण इस लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पारित होने की अब कोई संभावना नज़र नहीं आती है। महिला विधेयक पर बनी समिति भी अभी तक इस पर अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकी है। इसलिए बिल में ही चला गया लगता है यह आरक्षण बिल। बिल में गया महिला आरक्षण बिल ! आरती कनौजिया
आस्था सिर्फ श्रद्धा और विश्वास पर आधारित है। जहां बंगाल की खाड़ी में इतनी आध्यात्मिकता समाये है, उस जगह प्रकृति मनुष्य जानवर एवं सभी वन्यजीव जगन्नाथ भगवान की उस शक्ति का सम्मान, एहसास और उनके अलौकिक रूप का दर्शन करते हैं जिनकी महिमा का बखान मेरे शब्दों में संभव नहीं। मेरी पुरी की यात्राः आध्यात्म से पर्यटन तक बता रहीं हैं जयंती श्रीवास्तव
आजादी से आज तक बहुत कुछ बदला लेकिन इतवारी वहीं के वहीं हैं। उनकी गरीबी से आज़ादी का नंबर अभी तक नहीं आया? स्वतंत्रता दिवस हो या गणतंत्र दिवस इनके समारोहों में सड़क किनारे खड़े होकर और पुलिसवालों के धकियाने पर भी इतवारी और उनके बच्चे ही खुशी में हाथ में झंडे लहराते हुए समारोह की शोभा बढ़ाते दिखाई देते हैं। बासठ साल की आज़ादी और सुलगते सवाल नंदलाल भारती की कलम से
विवादों और आलोचनाओं से घिरे इस प्रख्यात समाजवादी को करीब से जानने वाले कहा करते हैं कि मुलायम सिंह यादव ने हमेशा राजनीतिक और सामाजिक मंच पर अपनी जरूरत का एहसास कराया है उनके लिए चुनावी साल भारी राजनीतिक चुनौतियों के साथ सामने होगा क्योंकि उन्हें अपनी नीतियों के साथ राज्य की जनता के बीच जाना है। चुनौतियों के सामने खड़ा एक समाजवादी ! राजनीतिक संवाददाता
मनोरंजन चैनल को ऑन करते ही कुछ नवोदित गवैये कुछ अंजाने निर्णायकों के सामने गानों की शक्ल में चिल्लाते और उछलते कूदते असंगत पौशाकों में नजर आएंगे। इससे यह पता चलना कोई आसान काम नहीं है कि यह प्रतियोगिता गाने की है या उछल कूदने की। किसी ऐसी सुर प्रतियोगिता के जरिए प्रतिभा का आंकलन नहीं किया जा सकता। जाने कहां गए वो सात सुर ? अशोक कुमार की रिपोर्ट
श्रीकृष्ण ने दुनिया को इस संसार को जीने का सलीका बताया है। पाश्चात्य देश श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेते हैं कि जीवन कैसे जिया जाए। भाद्रप्रद के आते ही यहां के मंदिर सज-धज रहे हैं और ब्रज श्रीकृष्ण के जन्म की तैयारियों में जुटा हुआ है। ‘अहो वृन्दावनं रम्यं यत्र गोवर्धनो गिरिः’ रिपोर्ट- गोपाल शर्मा
फिलहाल खंडूरी ने अपनों का विश्वास तो खोया है, फिर भी उनकी कुर्सी खतरा नहीं दिखता है। सितंबर में यहां त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं और इसके बाद भाजपा को फिर लोकसभा चुनाव का सामना करना है। इस पूरे राजनीतिक परिदृश्य को देखकर अब यही लगता है कि उत्तराखंé