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Lucknow University लखनऊ विश्‍वविद्यालय

Aligarh University अलीगढ़ - एएमयू अपडेट

अघोराचार्य बाबा कीनाराम महाराज

सशस्त्र सीमा बल में हिन्दी पखवाड़ा प्रारम्भ

सरकारी विज्ञापन व्यवस्था में बदलाव हो

समाजवादी छात्रसभा ने संकल्प-पत्र भरवाए

लखनऊ में भी फैशनेबुल परिधानों की मांग

हिंदुस्तान में कहीं भी बाबरी मस्जिद मंजूर नहीं-विहिप

महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी किताब

शिक्षाविद् वेद मोहला की दो पुस्तकों का विमोचन

पुरस्कारों से नवाज़े गए साहित्यकार

सिंगापुर में सितंबर में फार्मूला वन   नाईट रेस!

सहारा वन पर अब 'एक चुटकी आसमान'

स्त्री रोग कारण और निवारण'
दुबई कब जाएं

झंडा ऊंचा रहे हमारा'- मिशन नवीन जिंदल

कामन वेल्थ में जारी नहीं होंगे 'फ्री पास'

मान्यता नहीं तो फीस लौटाएं-सुप्रीम कोर्ट

डाक विभाग बना रहा है एड्रेस प्रूफ कार्ड

सीबीआई के दुरूपयोग पर बीजेपी का न्याय मार्च

हिमाचल पर्यटन को परिवहन से भारी मुनाफा

'मेरा लहू देश के काम'- रक्तदान

कॉमनवेल्थ के डाक टिकटों में भारी दिलचस्पी

मौत के मुंह से निकाला और फिर मौत के मुंह में धकेला

पोर्टब्लेयर में प्रेमचंद जयंती पर संगोष्ठी

यूनीनॉर की नई मोबाईल टैरिफ

कश्मीर का दर्जी अली मोहम्मद!

हिंदी-उर्दू पुल बनाता कथा यूके

परिषद की बैठक में मायावती फिर नहीं गईं

योजना आयोग को इसीलिए भाया गुजरात!

भीमसिंह ने राष्ट्रपति को पुस्तक भेंट की

नन्हीं ब्लॉगर बनी अक्षिता यादव 'पाखी'

ध्वस्त हुआ मायावती का जेल प्रशासन

रिलायंस कम्युनिकेशन ने करोड़ों रुपये के शेयर हड़पे

सिवनी से क्या खता हुई कमलनाथ जी!

राहुल यूथ ब्रिगेड का प्रोत्साहन अभियान

पर्सनल ला बोर्ड को धारा 87 वक्‍फ़ एक्ट नामंजूर

नए नेपाली पासपोर्ट ने बढ़ाईं भारत की मुश्किलें

मुलायम के माफीनामे पर राजनीति गर्मायी

एक पाठ्यक्रम सी 'मुझे याद है...'

अधिवक्ता राजनीति में आएं-मुलायम

हाउस ऑफ कॉमन्स में हिंदी का सम्मान

लखनऊ में क्वींस बेटन रिले का स्वागत

बरेली में क्वीन्स बेटन का अभूतपूर्व स्वागत

कथा यूके भारत से इंग्लैंड तक का सफर

निक इंडिया का सबसे बड़ा गोल

सहारा पुणे वारियर्स के ज्यॉफ मार्श हेड कोच

यूपी में साक्षर भारत मिशन-2012 की समीक्षा

लखनऊ में भारत बंद का असर, लाठीचार्ज की आलोचना

रामनरेश यादव का 83वां जन्मदिन

मप्र और बिहार से भी पिछड़ा यूपी का उद्योग

सैमसंग ने भी शुरू किए स्पोर्ट्स रत्न कार्यक्रम

बरेली में इनरव्हील क्लब का 40वां मंडलीय सम्मेलन

प्रेस और पुलिस का 'लोगो' बना अपराधियों का कवच

'एशियन फाइनेंस 2010' की सूची में आदित्य पुरी

सैमसंग का अत्याधुनिक कैमरा 'NX10'

यूपी में क्‍वीन्स बेटन रिले का भव्य स्वागत होगा

हेमामालिनी 'स्पर्श गंगा' अभियान की ब्रांड एम्बेसडर

यूपी के पांच मंत्रियों के खिलाफ मुकद्मा

बाड़मेर के कंठ-कंठ में लोक गीत

नोएडा में कारखानों का जहरीला पानी पी रहे हैं लोग

आयकर में सस्पेंस एकाउंट क्लीन अप अभियान

सोनभद्र के एसपी ने किया कन्यादान !

भाजपा के मोर्चा पदाधिकारी घोषित

यूनियन बैंक के नये अंचल महाप्रबंधक

प्यासे सिवनी को इस बार राहत मिली

पाकिस्तान का जासूस कबूतर!

यूपी बोर्ड परीक्षा के फार्म 20 अगस्त तक भरे जाएंगे

मोहित की जीवन-रक्षा में आपकी मदद चाहिए!

आगरा में विश्व भोजपुरी सम्मेलन

साइबर क्राइम के यूपी में चार ब्यूरो होंगे

ब्रैम्पटन लाइब्रेरी में 'साउथ एशियन हेरिटेज मास'

केम्ब्रिज में हिंदी-उर्दू कहानी की कथा गोष्ठी

मुलायम ने जातिवार मतगणना को सही ठहराया

नक्सली क्षेत्रों मे कम्युनिटी पुलिसिंग से बढ़ा विश्‍वास

वीरेंद्र भाटिया का भैसाकुंड पर अंतिम संस्कार

असली चुनौतियां तो अपने घर और पड़ोस में-प्रधानमंत्री

पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र भाटिया का निधन

यूपी में भू-गर्भ जल संरक्षण के लिए कानून

सपा ने बंगाल में माहौल बनाया

सूर्य प्रताप शाही ने हनुमान गढ़ी में माथा टेका

जेएसपीएल, ओमान में शदीद आयरन का अधिग्रहण करेगी

हिन्दू-मुस्लिम जोड़ों का सामूहिक विवाह करायेगा मंसूरी समाज

यूनीनॉर की बिहार, झारखंड में 'डायनमिक प्राइसिंग'

YB Dato’ Sri-A Dynamic Personality of Malaysia

रामोजी फिल्म सिटी का फिल्म व टेलीविजन स्कूल

राजीव की पुण्यतिथि पर मेडिकल कैंप

जेएसपीएल के मुनाफे में मजबूती

मुलायम भक्त शारदानंद अंचल नहीं रहे

कनाडा में लेखकों के बीच कथाकार तेजेन्द्र शर्मा

शहीदों की उपेक्षा कर रही हैं मायावती-वरूण

विश्व मातृ दिवस पर कविता छाया चित्र प्रदर्शनी

सिपाहियों कि भर्ती में भारी धांधली का आरोप

Hyundai Launches ‘Always Around’ campaign

'राष्ट्रवाद का बिगुल बजाएं'

पोर्टब्लेयर में टैगोर की जन्मशती

'मायावती इस्तीफा क्यों नहीं दे देतीं?'

comScore Expands Presence in Asia-Pacific Markets

डाक घरों में नई पेंशन योजना शुरू

दावानल से गड़बड़ाया दुधवा का पारिस्थितिकीय तंत्र

नेपाल में पर्यटन के लिए 'बिजनेस मीट'

'मकबूल के लिए यह आज़ादी भी कम बोझ नहीं'

मायावती को समर्थन के बदले में राहत?

महंगाई के खिलाफ असरदार हड़ताल

‘सहारा पुणे वॉरियर्स’

दलित हिंदुओं का हक मुसलमानों को न दें- हिंदू महासभा

राष्ट्रमण्डल खेलों को देखते हुए आगरा में प्राथमिकता पर विकास

पुस्तक का विमोचन और तैल चित्र प्रदर्शनी

अनीस अंसारी को जीलानी की बधाई

दिल्ली के बवाना में लैंडफिल परियोजना का भारी विरोध

अनीस अंसारी उर्दू, अरबी विश्वविद्यालय के अन्तरिम कुलपति

यूपी की वार्षिक तबादला नीति

हरदोई में एसटीएफ ने ईनामी बदमाश मारा

एसटीएफ ने इलाहाबाद में पकड़े मुन्ना भाई

राम जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन फिर-वेदांती

‘सहारा आईपीएल अवार्ड्स’ की घोषणा

'सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करो'

ग्राम पंचायतों की आरक्षण-आवंटन नियमावली में संशोधन

राजकीय पालीटेक्निकों में प्रवेश शुल्क बढ़ा

हृषीकेश सुलभ को इंदु शर्मा कथा सम्मान

सुरक्षा बलों के नाम पत्र-'वीर तुम बढ़े चलो!'

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में शामिल हों

मुलायम की हड़ताल सफल बनाने की अपील

अनीस अन्सारी मुस्लिम आरक्षण की लड़ाई लड़ेंगे

मुख्तार अंसारी फिर बसपा से निकाले गए

'अम्बेडकर जयंती कांग्रेस बसपा का मज़ाक'

साल भर मनेगी संत कंवर राम की जयंती

नक्सली खौफ पर भारी नन्हीं शिक्षिका 'भारती'

टेक्सास डालस में नवीन जिंदल सम्मानित

सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि

लुप्तप्रय तेंदुआ की खाल एंव हड्डियां बरामद

वरुण गांधी ने सहारनपुर में जुटाई भारी भीड़

'सच्चर कमेटी का इस्तेमाल घातक'

बियानी में सीपीटी-सीएस परीक्षा के गुर बताए

मुसलमानों को आरक्षण मिले-मुलायम

उम्मीद-ए-रोशनी कायम है लेकिन भाई गांधी से

ब्रिटेन में भी हवाई अड्डों पर बॉडी स्कैनर से गुज़रिए

बियानी स्कूल में छात्राओं की रैली

Penang National Park- Malaysia

मिलिण्डा के सामने भी मायावती का राजनीतिक अलाप

लोहिया का जन्मदिन सपा के संघर्ष से जुड़ा

कश्मीर में जलता ध्वज और छज्जे पर बैठी बिल्ली

हर्षवर्द्धन 'गूगल' की 'है बातों में दम' स्पर्धा के विजेता

Romance your loved one in picturesque Singapore

गिरिजा प्रसाद कोइराला नही रहे

परमाणु क्षति विधेयक नहीं चाहिए- ग्रीनपीस

होम्योपैथी के प्रसार के लिए कार्यशाला

'रमा की नायिकाएं दबी कुचली नारियां नहीं'

महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण

बड़बोले वन अफसर बने दुधवा के बाघों के दुश्मन

मोर वन में जन सूचना अभियान शुरू

जांबाज पुलिस कर्मियों को पदोन्नति बैज लगाए

महारैली अपने बूते पर की-मायावती

असम राइफल्स को सैल्यूट

बिहार में राज्य जल नीति पर सुझाव मांगे

यूपी सीआईआई ने केंद्रीय बजट को सराहा

अंडमान द्वीप समूह के डाक मेले में करोड़ों का व्यवसाय

ज़माने के रंग में थारूओं की होली

'तत्व' के ये दो तरूण-आकाश और निशांत

गांव बचाने के लिए खून से लिखा गया ज्ञापन

...तो आजाद हुआ थारूओं का सुरमा!

पिछड़ों की उपेक्षा के खिलाफ अप्रैल में विराट रैली

सहारा एकेडमी की 13वीं वर्षगांठ पर पुरस्कृत हुए

झांसी कार्यशाला पर यूपी सरकार की सफाई

नई औद्योगिक इकाइयों को इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट

सपा ने आचार्य की पुण्य तिथि मनाई

भगवान महावीर के संदेशों से प्रेरणा लें-आडवाणी

पटना को बनाया जा रहा है पर्यटन स्थल

सहारा हॉस्पिटल ने मनाई अपनी पहली वर्षगांठ

श्रीरामस्वरूप कॉलेज में अभिव्यक्ति 2010

बियानी कॉलेज में छात्राओं ने वार्षिकोत्सव मनाया

पर्सनल ला बोर्ड के अवामी जलसे की तैयारियां

सहारा सिटी होम्स लखनऊ को आईएमएस सर्टिफिकेट

'यूपी में महिलाओं पर बरसती हैं लाठियां'

सहारा इंडिया का 101 जोड़ों को शुभ आशीष!

मुलायम ने स्वच्छ जीवन का पाठ पढ़ाया

कुंभ में शंकराचार्य और भीम सिंह ने विश्वशांति ध्वज लहराया

बियानी कॉलेज में छात्राओं को 'कल्पना चावला अवार्ड'

भोपाल में भारतीय लोकतंत्र दिखाती एक प्रदर्शनी

सहारा इंडिया ने की 'कर्त्तव्यपूर्ति योजना’ में आर्थिक मदद

बालों के प्रत्यारोपण पर सहारा हॉस्पिटल में कार्यशाला

ऐम्बी वैली सिटी से हवाई मार्ग शुरू

काम आई पावर कारपोरेशन की बिजली हेल्प लाइन

यूनीकोड की समस्या पर 'प्रखर' ने काबू पाया

अमर-जया सही निकाले गए-सपा

जौली अंकल की पुस्तक 'हंसना ज़िंदगी है' का विमोचन

डॉ गणेश दत्त सारस्वत को श्रद्धांजलि

शिक्षकों पर लाठीचार्ज की निंदा

शतरंज में भारत: महारत की छाप

मैग्नस कार्लसनः निर्विवाद श्रेष्ठ

बंदी रक्षक ने कैदी को यातना देकर मार डाला

बच्चे अपने ज्ञान का क्षितिज स्वयं तलाशे- राज्यपाल

'शब्द की सत्ता से उठते भरोसे को रोकें'

कथा यूके के 15 वर्ष

रेल राज्य मंत्री ने निरीक्षण किया

जनेश्वर मिश्र पंचतत्व में विलीन

छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र नहीं रहे

सपा की दहाड़ के सामने माया सरकार बौखलाई

पांडेय विधान परिषद के सभापति होंगे

श्रीदुर्गा इंटर कालेज में गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस की परेड में एसएसबी की महिला वाहिनी भी शामिल

यूपी में मीडिया को धमका रही है माया सरकार

क्या मायावती बीमार हैं?

महाकुंभ में मुख्यमंत्री का 'एक पंथ दो काज'!

हरिद्वार में महाकुंभ शुरू

नंदलाल पाठक को परिवार पुरस्कार

पदोन्नति पर साहित्यकारों ने केके यादव का अभिनंदन किया

इस विवादास्पद जीत पर बड़ी खुश हैं मायावती

मायावती के लिए नई मुसीबत बना परिषद चुनाव

शरीयत की रोशनी में महिलाओं की समस्याओं पर गंभीर चर्चा

लिब्राहन कमीशन और हाल-ए-बाकी कमीशन?

मंसूरी समाज के सामूहिक विवाह में 10-10 हजार का अनुदान

‘वीर’ की जाबांजी में लखनऊ का मिखिल चंडीरमानी

दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ के बीच तीव्र रेल कॉरीडोर

‍लखनऊ का प्रतीक टीवी शो 'लिफ्ट करा दे' में पहुंचा

लेखन प्रतियोगिता में शिप्रा विजेता

राजनाथ पर उम्र का असर!

संघ किसी के विरोध में नहीं - मोहन भागवत

तेजेंदर शर्मा से एक साक्षात्कार

शिक्षा की दुर्दशा पर विद्वानों में चिंता

जापान के प्रधानमंत्री से सहाराश्री मिले

'नया दौर' का अंक शकील बदायूंनी के नाम

लंदन में व्हाइट क्रिसमस का पहला आगाज़

साहित्यकार केके यादव को ‘ज्योतिबा फुले फेलोशिप’

बड़े राज्यों के पिछड़ेपन का है कोई जवाब?

मीडिया छात्रों की बड़ी जिम्मेदारियां - डा अली

विज्ञान नगरी में पदार्थों के अद्भुत संसार की दीर्घा

वित्तीय साक्षरता पर रिजर्व बैंक का जोर

ऐप्जा की उत्तर प्रदेश इकाई

शिक्षा में सुधार पर लंबी चर्चा

मध्य प्रदेश, राजस्थान नगरीय चुनाव में भी चला हाथी

सीमा शुल्क बोर्ड का वेब एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर विकसित

सशस्त्र सीमा बल की 46वीं वर्षगांठ पर शानदार परेड

तेजेंद्र शर्मा की पुस्तक का लोकार्पण और रचनापाठ

अल्पसंख्यकों का पैसा दूसरे मदों में खर्च- अज़ीज़ी

मुमताज पीजी में साइंस प्रतियोगिता

'छोटे राज्यों की मांग देश के लिए घातक'

'केवल चिट्ठियां लिखने वाली सरकार है ये'

शाहिद सिद्दीकी बसपा से निष्कासित

मुख्य सचिव ने गांव जाकर योजनाओं की समीक्षा की

'मीडिया विमर्श' में इस बार 'मीडिया और महिलाएं'

सोनिया के जन्मदिन पर भोपाल में सभा और रैली

भाजपा और सपा ने की राहुल गांधी की खिंचाई

यूपी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता का आरोप झूंठा?

छह दिसंबर को ज्ञापन दें और शांति भी बनाए रखें-जिलानी

सपा छह को काला दिवस मनाएगी

वकील के साथ पुलिस का दुर्व्यवहार

सीआईआई का लघु उद्योगों पर सेमिनार

उपचुनावों में लोकतंत्र की हत्या- मुलायम

‘सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड’ से सम्मानित हुए खिलाड़ी

ग्लोबल वार्मिंग में भारत ने अपनी जिम्मेदारी निभाई

दुनिया बचानी है तो अभी कदम उठाओ!

छह दिसंबर के मद्देनज़र मायावती ने फोर्स मांगा

लखनऊ में आशा के गहनों की प्रदर्शनी

उद्यमी यूपी में पूंजी निवेश करें-मुख्य सचिव

'वेश्याओं को बेटियों के रूप में अपनाया'

प्रभाष जोशीजी की अस्थियां हर की पौड़ी पर विसर्जित

प्रवर्तन निदेशालय ने भी मांगा अमर सिंह का आर्थिक विवरण

खेलों के लिए ‘सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड’ की घोषणा

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद याद किए गए

लंदन ओलंपिक में मदद देगा सहारा इंडिया

खेल मंत्री ने आरएसओ का ऑडिट क्यों रूकवाया?

विधवाओं ने समाज कल्याण अधिकारी को घेरा

वीरांगना ऊदादेवी पासी को याद करने पर भी माया सरकार का प्रतिबंध

भातखंडे में मासिक संगीत संध्या हुई

आर्यावर्त में सांस्कृतिक गतिविधियां

यूपी बिहार में पोलियो सबसे ज्यादा

श्रीदुर्गा शिक्षा निकेतन ने बाल-दिवस मनाया

'बच्चों पर ध्यान दें और युवा नीति बनाएं'

अबू आज़मी का लखनऊ में सम्मान

सपा ने नकारात्मक राजनीति में अपनी सीटें गंवाईं- मायावती

क्वायन कलेक्शन का शौकीन अमान!

उपचुनाव में बसपाइयों ने कई जगह बूथ कब्जाए

‘किसानों को हर्बल खेती की सलाह

जलवायु का सौदागर न बने सऊदी अरब!

यूपी में अब व्यवसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद

वंदेमातरम् विरोधियों पर राष्ट्रद्रोह लगे-भाजपा

वाजपेयी की अपील-'अमित पुरी को जिता दें '

आईआईएसई के प्रतियोगियों ने कानपुर में बाजी मारी

'...तो टंडन के उत्तराधिकारी अमित पुरी को चुनें'

''पत्थरों वाले पार्को में अस्पताल, स्कूल, मकान बनाएंगे'

अमित पुरी के जनसंपर्क में उत्साह भी, मुद्दे भी

पैंथर्स ने जम्मू-कश्मीर विलय दिवस मनाया

आज सड़क भी ताकतवर हो गई- विष्णु नागर

अटल के नाम पर टंडन के काम पर अमित पुरी की आस

टंडन की सीट पर अमित पुरी का नामांकन

निजी विश्वविद्यालय अध्यादेश में बदलाव

मुंबई में यूपी सरकार की इन्वेस्टर्स मीट

मुख्य सचिव के अधिकार बहाल

योजना आयोग से यूपी को 39 हज़ार करोड़ रूपए

यूपी में मुख्यमंत्री ने भारी खर्चे घटाए

बिजली दरों में वृद्धि का विरोध करेगी सपा

डिम्पल ने बढ़ाया मुलायम का आत्मविश्वास

परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक की शर्त छात्र विरोधी - मायावती

उप्र उच्चतर शिक्षा आयोग में 4 नये सदस्य

'जागरूक पत्रकार एसोसिएशन'

यूपी के स्कूल-कालेजों में रैंगिग पूरी तरह प्रतिबंधित

आ रहा है ख़तरनाक बीटी बैंगन

ब्रिटिश पार्लियामेंट की छत पर ग्रीनपीस का सत्याग्रह

'नेस्‍ले इंडिया जीएम खाद्यान्‍न नीति अपनाए'

प्यारेलाल खंडेलवाल का निधन

लड़कियां मेहनत से तालीम हासिल करें-बेगम हमीदा

आईआईएसई का दीक्षांत समारोह

कहां ग़ायब हैं छत्तीसगढ़ के बाशिंदे?

पेड़ों का अंधाधुंध कटान रोकें

ख़ूबियों से भरी है अनुराधा की चित्रकारी - काउंसलर ज़कीया

श्रीदुर्गा कल्याणी ट्रस्ट ने नेत्र शिविर लगाए

हरिनारायण को साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान

सार्वजनिक जीवन में साख की बड़ी भूमिका - गोविंदाचार्य

'मेरा हलफ़नामा'

श्रीभगवान और कृष्ण मोहन को 'प्रमोद वर्मा आलोचना सम्मान'

अलंकित ग्रुप का लखनऊ में क्षेत्रीय कार्यालय खुला

'सामना' का ऑपरेशन राज ठाकरे 'नालायक औलाद!'

जसवंत: हिंदुस्तान में जीरो-पाकिस्तान में हीरो

'माया सरकार का हमलावरों जैसा आचरण'

कुछ है भी इस ब्रीफकेस में?

दलित राजनीति पर मीरा कुमार का पहरा

'हरियाणा का बंटाधार करेंगे भजन और माया

हुंडई का चैन्‍नई में ड्राइविंग स्‍कूल

मुलायम के यहां रोज़ा अफ़तारी हुई

परमाणु हमला नीति पर पुनर्विचार जरूरी - सेना प्रमुख

'मिठलबरा' का दूसरा संस्करण 'मिठलबरा पार्ट-टू'

यूनीसेफ के आईसीबीडी पुरस्कारों की घोषणा

योजना आयोग करा रहा है स्वास्थ्य कार्यक्रमों का मूल्यांकन

जेके वॉल पुट्टी का बाज़ार बढ़ा

ईद मुबारक !

'जिस लाहौर नहीं वेख्या… राजनीतिक नाटक नहीं है'

इलाहाबाद बैंक के व्यवसाय मे भारी इजाफा-कामत

गिरीश पंकज के व्यंग्य पर शोध

'पर्यटन को नक्सलवाद का कोई ख़तरा नही'

लखनऊ विश्‍वविद्यालय की अब ये छवि

गणेशजी को आमजन के निकट लाए लोकमान्य !

"अपने समय से आगे के फ़िल्मकार थे बीआर चोपड़ा"

रारी उपचुनाव में बाबा दुबे की दीवाली!

अनाथों के सहारे को मौलाना नदवी ने खूब सराहा

Hyderabad Rising

'प्रवास में पहली कहानी' का लंदन में लोकार्पण

अभिजीत और राजीव ओगिल्वी एंड मेदर इंडिया के डायरेक्टर

श्रीरामस्वरूप में फ्रैशर नाइट

श्रीरामस्वरूप के दीक्षांत में निष्ठा सिंह को स्वर्ण पदक

बदलती दुनिया को देखे मीडिया

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी का नोएडा पार्क का दौरा

लखनऊ के प्राणी उद्यान में ‘पेड़ रक्षा बंधन’

कत्यूरी व चन्द राजवंशों का उत्तराखंड

भाजपा का सदस्यता अभियान

सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन आगरा में

पांच सौ करोड़ के शेयर जारी कर रही है श्रीराम

राज्य उद्योगों को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें

आनंद ऋचा की कलाकृतियों से साक्षात्कार

सूर्यग्रहण: ब्रह्माण्ड का एक अद्भुत रूप

रीता के घर में आग से माया का दांव उलटा

माया के राज-पाट पर संकट के बादल

सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ रही हैं मायावती

वरुण गांधी भी हुए भाजपा के युवराज!

भगवान दास मोरवाल को इंदु शर्मा कथा सम्मान

जुलाई माह- मंगल पाण्डे पर विशेष

वकीलों पर सर्विस टैक्स का विरोध

दुर्गा शिक्षा निकेतन में मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार

उड़ीसा में भगवान जगन्‍नाथ का महोत्सव शुरू

भारतीय साहित्य में कानपुर का बड़ा योगदान

ब्लैकमेलरों का सफाया, यूपीए फिर आया

'हिंदी भाषा' अपनो में ही पराई

लखनऊ कोर्ट की सुरक्षा की अनदेखी

पंजाब में धान बुआई मजदूरों की चांदी

ऋग्वेद में पांचजन और पंच परम्परा

सिंगापुर में अमर सिंह की किडनी का इलाज

मायावती सर्वजन के कितने नजदीक

महत्वाकांक्षाएं उजागर नहीं करना चाहते रमन सिंह!

पंद्रहवीं लोकसभा के विजयी सदस्य

भारत में हाशिये पर जा रहा घरेलू क्रिकेट

आईपीएल में रंगभेद, कोई नई बात नहीं !

तेंदुलकर को सब कुछ मिला, भारत को क्या मिला?

धोनी! राजनीति छोड़ो, क्रिकेट खेलो!

यूपीए को पीएचडी की बधाई

बढ़ते चरण शिखर पुस्तक का विमोचन

एलयू में पीएचडी पर लगी रोक हटी

धारा-370 में संशोधन जरूरी- भीमसिंह

हमारा प्रधानमंत्री और देश का प्रधानमंत्री

पैंथर्स पार्टी की दिल्ली यूनिट भंग

पश्चिम में रालोद-भाजपा के झंडे गड़े

न्यायिक अधिकारी त्वरित निर्णय करें- प्रदीप कांत

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ लड़खड़ा रहा है- अध्यक्ष प्रेस परिषद

सृजनगाथा सम्मान की घोषणा

उलेमा कौंसिल ने सपा के पक्ष में अपील की

इटावा में बसपा प्रत्याशी का यह कैसा प्रचार?

भाजपा और सपा में सिमटा लखनऊ का मुकाबला

लखनऊ में टंडन के लिए टूटा छीका

कहां आजम खां और कहां जया प्रदा!

बसपा सरकार ने आचार संहिता तोड़ी

बाबा दुबे ने बसपा को हैसियत बताई

अंबेडकर जयंती पर वेदों के खिलाफ किताबों की बिक्री

बिजनेस लीडरशिप विकसित की जाए

अहमदाबाद में कनाडा का व्यापार कार्यालय

चुनाव घोषणा पत्र में सपा के वादे

मंजरी दुबे को राग विहार का स्मृति पुरस्कार

यूपी में जान-माल सुरक्षित नहीं- भाजपा

रीता बहुगुणा देंगी लखनऊ में जोरदार टक्‍कर

भारत के सम्‍मान के लिए माल्‍या आगे आए

हिंदुस्तान में क्यों न दफन हों ये आतंकवादी ?

बेचारा पाकिस्‍तान!

क्या होती है 107/116/151 दण्ड प्रक्रिया संहिता?

आखिर लोहे का टुकड़ा स्वर्ण में कैसे बदला?

किस किसका ‘मुख’ देखेगी धरती?

श्रीराम स्वरूप कालेज में छात्र सिंपोजिया

पारदर्शी मतदान में बाधक चुनाव निशान

आज कहां है केरल

सोनभद्र पर चला जेपी का बुल्‍डोजर

फंडों के निवेश में धैर्य से काम लीजिए

गुजरात में अब नैनो सिटी

सस्‍ते कर्ज़ में भी हैं कई खतरे

नकोदर का दरी कारोबार सिमटा

कोरस से हिलता टाटा स्टील का मुनाफा

नौकशाहों ने फंसाया प्रतिस्पर्धा कानून

खेती में भारत पड़ोसियों से भी पिछड़ा?

बॉलीवुड को आस्‍कर से ज़िंदगी!

ऑस्कर के अलावा पिंकी को और क्या मिला?

न देखी गई फिल्म की समीक्षा

क्या भारी पड़ेगी गजनी की गाज?

कसाब को कानूनी मदद

आतंक के समुद्री रास्‍ते, एक और चुनौती

बिहार में लाठी पीछे, विकास आगे

राजमहल छोड़ना चाहती हैं राजमाता

मीरा अमेरिका में नई राजदूत

विवेक कुंदरा व्हाइट हाउस में

फैशनेबल चार्ल्स

माओवादी सत्‍ता में घिसटता नेपाल

नेपाल में प्रचंड को दंड

नेपाल में ‘देवी कुमारी’ पर विवाद

वेबसाइट से छवि निखारिए, नेताओं में होड़

ज्ञानेंद्र का राजशाही बहाली का प्रयास

चावला नए मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त

बांग्लादेश में हालात अभी भी बेकाबू

उल्फा को खालिदा के समर्थन की पोल खुली

‘अछूत की शिकायत’ के बहाने

पासवान दलित फ्रंट के पीएम उम्मीदवार

मीडिया, कुए में घुली भांग

ग्वालियर मे अनोखा जैन तीर्थ

बांग्लादेश में हालात अभी भी बेकाबू

मदर टेरेसा का उपहार

भोजपुरी के तुलसीदास

छत्तीसगढ़ में जादू-टोना रोकने की पुलिस की पहल

‌हिंदी अगली सदी का शोधपत्र

डेविड फ्राली यानि वामदेव शास्त्री से मिलिए!

बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की छाया-स्मृति

दिनकरजी की जन्मशति पर कानपुर में संगोष्ठी

साहित्य में घुसा बाज़ारवाद और जुगाड़वाद

कपिलवस्तु के लिए इस सरकार ने क्या किया?

अतीत के झरोखे-एक जाम तुम्हारे नाम

किस किसका ‘मुख’ देखेगी धरती?

वर्षा वन की निशा का घुप्प संसार

क्रिकेट का बदला चेहरा

तेंदुलकर को सब कुछ मिला, भारत को क्या मिला?

ऐसा क्या है राजस्थान रॉयल्स में?

आप का बच्चा झूठ बोले तो!

मेरे पास भी एक हरित पार्टी हो तो

‌प्राचीन श्रीलंका और उसका इतिहास

तमिलों को भारत के खिलाफ भड़का रहा है लिट्टे

शिक्षा और अनुशासन ही सबकुछ

मुख्यमंत्री ने कार्टून बनाया

मक्खी: एक विलक्षण कीट

जासूसों के जासूस

महिलाओं के लंबे जीवन का रहस्य

शक्ति बढ़ाने के लिए व्यायाम करें

‌बच्चों में भी अब फैशन का क्रेज

मध्यवर्गीय नैतिकता की कब्रगाह

दारूल उलूम पर लगे प्रतिबंध

तेहरान में क़ैद अमरीकी महिला पत्रकार

तीन बैंक समूहों की ग्राहकों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग

भ्रष्‍ट राजनीति के खिलाफ अंबिका का नगाड़ा

खुले आसमान में हर साल लाखों टन अनाज सड़ता और नालियों में बहता रहता है, हर साल करोड़ों लोग दो वक्त की रोटी की जद्दोजहद में घुटते-मरते रहते हैं। ये दो तस्वीरें हैं भारत में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की। भारत का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि स्थितियां सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ ही रही हैं। सरकार की छत्रछाया में अन्न की बरबादी हो और सुप्रीम कोर्ट को इसमें आदेश देने पड़ें तो समझा जा सकता है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है। अनाज सड़ता रहे पर गरीबों में नहीं बटेगा ?-  रिपोर्टratan-tata-president

Hindi News Portalसंजीव मेहता आज भारत को 63वें स्वतंत्रता दिवस पर तोहफ़े के रूप में भारत की जनता को ईस्ट इंडिया कंपनी पेश करते हैं। ईस्ट इंडिया के क़रीब तीस से चालीस मालिक थे। संजीव मेहता ने एक-एक को ढूंढ कर कंपनी के मालिक़ाना हक़ अपने नाम करवाए। अगले साल संजीव ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत लाने की योजना बना रहे हैं। यानि कि चक्र पूरा होगा और यह कंपनी इस बार अपने भारतीय पैरों के साथ दोबारा भारत पहुंचेगी। ईस्ट इंडिया कंपनी पर भी लहराया तिरंगा- तेजेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट


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सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

मिले सुर मेरा तुम्हारा


Hindi News Portalभारत में जनता अधनंगी, भूखी, प्यासी तरसे और खेलों के नाम पर कांग्रेस से नेताओं और उनसे जुड़े कारिंदे करोड़ों कमाकर मौज उड़ाएं? भारत का कानून इन कालनेमियों को अपनी जद में लेने में असहाय महसूस करे? देश की पुलिस इनमें से कई भ्रष्टाचारियों और दुराचारियों को सलाम ठोके और गरीब गुरबों को थाने की हवालात और जेल की हवा खिलाए? खेल-खेल में अरबों का खेल-लिमटी खरे की रिपोर्ट


क्रांति की शक्ति सिर्फ पुरुषों को ही आकृष्ट नहीं करती है बल्कि महिलाओं को भी वैसे ही आकृष्ट करती आ रही है, इसीलिए हर युग के इतिहास में महिलाओं की शौर्य-गाथाओं का प्रमुखता से वर्णन मिलता है। भारत में सदैव नारी को श्रद्धा की देवी माना गया है, जब अवसर आया तो इसी नारी ने चंडी का भी रूप धरा और अपनी अदम्य शक्ति का लोहा मनवाया। भारतीय वीरांगनाओं की ये शौर्य-गाथाएं!- आकांक्षा यादव का आलेख


Hindi New Portalचंदौली में स्वतंत्रता संग्राम के आखिरी दौर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्नान पर 16 अगस्त 1942 को महाईच परगना के आन्दोलनकारियों ने जो कुछ किया वह कामयाबी और बलिदान के नजरिये से संयुक्त प्रान्त (उत्तर प्रदेश) और भारत के ऐसे कई बड़े मामलों में से एक था, लेकिन इस कांड की उतनी चर्चा नहीं हो पाई जितनी होनी चाहिए थी। इसकी प्रमुख वजह यह थी कि खुफिया विभाग ने ब्रिटिश गवर्नर को जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें धानापुर (वाराणसी) के स्थान पर चानापुर (गाजीपुर) लिखा था। शहादत की एक अमर गाथा -एम अफसर खां ‘सागर’ की रिपोर्ट


Hindi News Portalटाटा उद्योग समूह के अध्यक्ष रतन टाटा के छठवें उत्तराधिकारी की खोज अभी से आरंभ हो गई है। रतन टाटा ने 1991 में इसके अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। अगले 29 माह में वे यह पद छोड देंगे। लगभग बीस साल के कारोबार में रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा समूह के राजस्व में पच्चीस फीसदी बढोत्तरी दर्ज की गई है। रतन टाटा के उत्तराधिकारी की खोज - एक रिपोर्टratan-tata-president


Hindi News Portalयदि फेसबुक पर युवाओं में राजनीति को लेकर घोर निराशावादी धारणाएं घर कर रही हैं तो इसके गंभीर कारण हैं जोकि भारतीय राजनीति के लिए अच्छे संकेत नहीं कहे जा सकते। इस गहरी निराशा को उखाड़ फेंकने के लिए राजनीतिक दलों को कुछ तो उपाय करने ही होंगे ताकि धरती पर मनुष्य के लिए अनंतकाल से सर्वश्रेष्ठ उत्तरदान मानी जाने वाली 'राजनीति' के प्रति युवाओं के दिल और दिमाग में विश्वास लौट सके। आखिर लोकतंत्र में इन्हीं के हाथों में तो देश के भविष्य का निर्माण निहित है। 'आई हेट पॉलिटिक्स' मगर क्यों...?-असमा फातिमा की रिपोर्ट


Hindi New Websiteगुजरात की मानव बम इशरत जहां, भारतीय जनता पार्टी के लिए बिहार विधान सभा चुनाव में सशक्त चुनावी मुद्दा बन गई है। हेडली का रहस्योद्घाटन भाजपा के सुपर स्टार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक 'कलंक' से मुक्ति और एक वरदान बन गया है। इंटरनेट पर धूम मचा रहे नरेंद्र मोदी के सामने ऐसे समय पर इशरत जहां के पैरोकार राजनीतिक दलों को बेनकाब करने का अवसर आया है जब देश के महत्वपूर्ण राज्य बिहार में आम चुनाव सर पर हैं जिसमें भाजपा राजनीतिक दलों और केंद्र सरकार को अभी से ही पूरी तरह घेरने में जुट गई है। हेडली का बयान भाजपा के लिए वरदान -विशेष संवाददाता


Hindi New Portalभारत के जनसेवक अपनी जवाबदारी भूल चुके हैं, यह बात पूरी तरह स्थापित हो चुकी है। अब किस पर भरोसा किया जाए? क्या न्यायालय स्वयं ही इस मामले में संज्ञान लेकर इन सभी से यह पूछ सकता है कि छब्बीस साल तक सभी गोपनीय राजों को अपने सीने में दफन करने वालों की नींद अब क्यों टूटी है और उन्होंने किसके दबाव में अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ा था? सोनिया गांधी को भी अपना मौन तोड़ना ही होगा, वरना उनकी चुप्पी राजीव गांधी पर लगने वाले आरोपों की मौन स्वीकारोक्ति ही समझी जाएगी। सत्ता के गलियारों में भी रिसी भोपाल गैस -लिमटी खरे की रिपोर्ट


hindi news siteवाद्ययंत्र से जुड़ा एक प्रशिक्षु कलाकार जब सारंगी के बारे में नही जानता है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सारंगी सुनने वाले कितने बचे होंगे? छानबीन से पता चलता है कि सारंगी के उस्ताद भी बस गिने चुने हैं और सीखने वाले तो नदारद हैं ही। इसलिए इस वाद्य यंत्र की मधुर और कर्णप्रिय लय अब बहुत कम ही सुनने को मिलती है। यदि सारंगी को संगीत की मुख्य धारा से जोड़े रखना है तो इसके अधिक से अधिक प्रचलन एवं प्रचार-प्रसार के साथ इसकी खूबियों को बताया जाना बहुत जरूरी है। 'सारंगी' को नही जानते हैं क्या?-असमा फातिमा की रिपोर्ट


hindi news portalमेघों की गर्जना से आत्मविभोर होकर कर्णप्रिय आवाज़ के साथ नृत्य करने वाले मोर प्यास के मारे दम तोड़ रहे हैं। विकास के नाम पर उनके परंपरागत परिवास उजाड़कर प्रशासन ने उनका प्राकृतिक वातावरण नष्ट कर दिया है। कल तक वे जिसे अपना घर-आंगन समझते थे वह उन्हें पराया लग रहा है। उन्हें न पानी नसीब है और न घर। इस कारण सारस के बाद राष्ट्रीय पक्षी मोर पर भी इटावा में मौत मंडरा रही है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह पक्षी भी वन्य जीवों की सुंदर प्रजातियों से गायब हो जाएगा। इटावा में प्यास से दम तोड़ रहे हैं मोर विकास मिश्रा की रिपोर्ट


hindi new websiteअरूधंती ने अपने कहे की नई व्याख्या की है और ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया। मीडिया के इस काम को उन्होंने मीडिया का ग्रीनहंट नाम दिया है। जाहिर तौर पर अरूंधती को जो करना था वे कर चुकी हैं। वे एक हिंसक अभियान से जुड़े लोगों को संदेश दे चुकी हैं। अपने दो जून के वक्तव्य की 12 जून को सफाई देकर वे अपना लक्ष्य पा चुकी हैं। उनका पहला लक्ष्य था वह प्रचार जो गुनहगारों के पक्ष में वातावरण बनाता है, दूसरा लक्ष्य खुद को चर्चा में लाना और तीसरा लक्ष्य एक भ्रम का निर्माण। किन्हें गुमराह कर रही हैं अरूंधती? संजय द्विवेदी की रिपोर्ट


hindi news portalराजनेताओं, उद्योगपतियों धर्माचार्यों और फिल्मी दुनिया की हस्तियों को अपनी मायावी साधना के चुंबकीय चमत्कारों से चकरघिन्नी बना देने वाले नेमीचंद जैन यानी तांत्रिक गुरू चंद्रास्वामी को अगर किसी ने भाव नहीं दिए थे तो वे राजीव गांधी थे। एक समय, देश-दुनिया के बड़े-बड़े 'राजयोगियों' पर चंद्रास्वामी ने इतना प्रभावशाली सम्मोहन यंत्र चलाया हुआ था कि बड़े-बड़े आचार्यों के भाव गिर गए। 'समय' के ही अचूक फेर में स्वामीजी को तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा। चंद्रास्वामी के 'प्रचंड राजयोग' को करीब से देखने वाले आलोक तोमर ने कुछ लिखा है-'चंद्रास्वामी की दोबारा उदय होने की तैयारी'


hindi news websiteभारत में पूज्य माने जाने वाले 'गजराज' को अपने अस्तित्व के लिए आजकल एक नई लड़ाई लड़नी पड़ रही है। उनके शिकार, घटते जंगल और आहार में कमी और उससे भी ज्यादा इनकी आए दिन मनुष्य के साथ मुठभेड़ या गुस्से में इनका उपद्रव इनके लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। कहीं इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है तो कहीं बढ़ रही है। वन्य पशुओं के आने-जाने के रास्ते पर बढ़ते अतिक्रमण के चलते रोजमर्रा के टकराव की कीमत दूसरे वन्यजीवों को भी चुकानी पड़ती है।गजराज क्यों भटक रहे हैं? देवेंद्र प्रकाश मिश्रा की रिपोर्ट


कौन हैं जिन्होंने अश्लील आर्केस्ट्रा को पूर्वांचल का दरवाजा और घर आंगन दिखाया है और दिखा रहे हैं? परंपरावादी भोजपुरी संगीत आर्केस्ट्रा के सामने क्या संरक्षित और सुरक्षित रह पायेगा? आज हर नेता, हर साहित्यकार गीतकार और हर दार्शनिक भोजपुरी की बड़ी-बड़ी बातें करता है। लेकिन इस अश्लीलता पर उसकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है। लोक-लिहाज की वह पुरानी सभ्यता यहां तार-तार हो जाती है जब गावों में देर रात और भोर तक माइक बंद किये बिना आर्केस्ट्रा के असली रूप का नंगा नाच होता है। अश्लील मुंबईया आर्केस्ट्रा की पूर्वांचल में घुसपैठ कुसुम सिंह की रिपोर्ट


क्या बौद्ध धर्म से उन्हें यही शिक्षा मिली है कि वे जातीय नफरत पैदा करें, दूसरों के धर्मों, महापुरूषों, उनके पूज्य देवी-देवताओं वेदों शास्त्रों का अपमान करें? उन्हें ही क्या यह किसको अधिकार है कि वह ऐसा कृत्य करे कि दूसरों की भावनाएं आहत हों? ऐसा करने की हिम्मत तभी हो सकती है जब उसको किसी शक्तिशाली की शह प्राप्त हो। क्या मायावती या उनकी सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को यह मालूम नहीं है कि एक कथित पत्रिका हिंदू धर्म, ब्राह्मण, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, देवी-देवताओं और वेद-शास्त्रों के खिलाफ गालियां लिखकर बेतुका और जातीय रंजित विषवमन कर रही है? और क्यों न करें क्योंकि मायावती भी तो ऐसा करती रही हैं। देवताओं, धर्मशास्त्रों के हमलावर को मायावती की शह?


hindi news siteयद्यपि सरकार राष्ट्र मंडल खेलों की तैयारी की गंभीरता और सक्रिय प्रयासों का एहसास कराती आ रही है परन्तु तैयारी के संबंध में और समय पर तैयारी पूरा होने में कई मंचों से सन्देहास्पद खबरें भी आ रही हैं जो इस खेल की महत्ता के दृष्टिगत देश को एक असम्माननक एवं अजीब परिस्थति में खड़ी कर सकती हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के नाम पर कितने बड़े घपले हो रहे हैं और उन्हें कितनी बेशर्मी से दबाया जा रहा है इस पर जरा गौर कीजिएगा- कॉमन वेल्थ में भी दलालों का अरबों का खेल


मनु, यह नाम दुनिया के लिए दर्शन, ज्ञान, नीति, उपदेश, शासन-प्रशासन, जीवन-शैली, यश और अपयश का भेद बताता है। जहरीले जातिवादियों को मनु का आभारी होना चाहिए जो आज राजयोग भोग रहे हैं और एक नीचतापूर्ण भ्रामक शैली में जन-मानस को मनु के खिलाफ भड़काने की अनाधिकृत चेष्टा कर रहे हैं। इनमें बहुत से चलते तो हैं मनु के अनुसार मगर समाज व्यवस्था को अपने पक्ष में करने के लिए मनु की झूठी आलोचना करने से बाज नही आते हैं। मनु से मिला है इन्हें राजयोग! हृदयनारायण दीक्षित का आलेख


भारतीय वित्त आयोग ने इन राजनीतिक वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर दिया कि उसके सुझाये वस्तु और सेवाकर मॉडल को कुछ राज्यों ने स्वीकार नहीं किया है। वित्त आयोग ने उन राज्यों के लिए कुछ निरुत्साही शर्तें रख दी हैं, जो आयोग के आर्थिक अनुशासन और अन्य सिफारिशों को लागू नहीं करेंगे। गरीब राज्यों की विवशता यह भी है कि वे अपने यहां आर्थिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए न तो अधिक कर लगा सकते हैं और न ही सामाजिक, आर्थिक क्षेत्रों की विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च कम कर सकते हैं। वित्त आयोग ने की राज्यों की उपेक्षा डा विष्णुदत्त नागर


अदालत में पुरातत्ववेत्ताओं की अयोध्या उत्खनन रिपोर्ट पर बयान लिखे जाने का कार्य समाप्ति की ओर है। जिरह बाद फैसला लिखा जाएगा। क्या निर्णय होगा, इसकी भविष्यवाणी भी कोई नहीं कर सकता। फैसले के क्रियान्वयन का नैतिक बल सरकार के पास होगा या नहीं, यह कहना भी बहुत कठिन है। बनारस के दोशीपुरा कब्रिस्तान से सम्बंधित शिया व सुन्नी मुसलमानों के बीच पिछले 110 वर्ष पुराने विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 1983 में दिए गए निर्णय का क्रियान्वयन आज तक नहीं हुआ। प्रश्‍न उठ रहा है कि क्या जागरूक और स्वाभिमानी समाज अपने धर्म की रक्षा का दायित्व सरकार की कृपा पर छोड़ दे? कहां पहुंचा राम-जन्‍म भूमि मुक्ति आंदोलन?


hindi news portalसानिया मिर्जा से भारतीय जन मानस में सवाल पूछा जा रहा है कि बीस करोड़ भारतीय मुसलमानों में उसे अपनी पसंद का दूल्हा नहीं मिला? ऐसा करके उसने भारतीयों को क्या संदेश देना चाहा है? एक भारतीय से मंगनी करने के बाद सानिया ने बेरहमी से उस रिश्ते को तोड़ दिया, किसके लिए? एक पाकिस्तानी के लिए? भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की पाकिस्तान के प्रतिबंधित सट्टेबाज क्रिकेट खिलाड़ी शोएब मलिक से शादी? सचमुच सबको चौकाने वाली इस सच्ची ख़बर से मिनटों में सानिया मिर्जा, भारतीयों की नज़रों से गिर गई है। भारत में खत्म हुआ सानिया मिर्जा का 'खेल'! विशेष संवाददाता


hindi news siteउत्तर भारत से विमुख होते हुए दक्षिण की ओर रूख कर रही भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी का इंदौर एजेंडा उनके दस फीसदी वोटों का इजाफा ऐसे कर पाएगा? खुद कॉडर भाजपाई ही कह रहे हैं कि भाजपा की धंसती जमीन और उसकी आंतरिक कलह पर खड़े ये वो सवाल हैं जिनका उत्तर केवल इंदौर में सपने देखने से ही प्राप्त नहीं किया जा सकता। अपने ज़मीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और उन्हें लगातार बेइज्जत करती आ रही भाजपा का इसीलिए कॉडर दरक रहा है। दस फीसदी वोट कहां से लाएंगे गडकरी? दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट


hindi news portalदुधवा नेशनल पार्क में चल रही विश्व की अद्वितीय गैंडा पुनर्वास परियोजना संबंधित अफसरों की लापरवाही कुप्रबंधन एवं उपेक्षा का शिकार हो गयी है। उर्जाबाड़ से संरक्षित वनक्षेत्र में रहने वाले तीस सदस्यीय गैंडा परिवार के पांच सदस्य करंटयुक्त फैंसिंग तोड़कर बाहर घूम रहे हैं। पार्क प्रशासन के अफसर गैंडों की सुरक्षा की कोई पुख्ता दीर्घकालिक व्यवस्था नहीं कर रहे हैं। इससे मानव के आक्रोश से उनका जीवन भी संकट में है। इसके अतिरिक्त एक ही नर गैंडा की संतानों का परिवार होने से उनके ऊपर अनुवांशिक प्रदूषण यानी अन्तःप्रजनन के खतरे की तलवार भी लटक रही है। दुधवा में अब गैंडों और मानव के बीच संघर्ष शुरू  देवेन्द्र प्रकाश मिश्र की रिपोर्ट


भारत के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में जनसम्पर्क एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देखते ही देखते जनसम्पर्क पहले की तुलना में एक प्रतिष्ठित पेशा बन गया है और यह कैरियर क्षेत्र भी बनकर उभर रहा है। जनसम्पर्क एक बहुत ही रचनात्मक कार्य है, ये सृजन-सम्पर्क की आत्मा है। इस पेशे को अपनाकर आप एक साथ अपने व्यवसाय, समाज, शासन और व्यवसायिक प्रतियोगी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दुनिया में जनसंपर्क की बढ़ती महत्ता  हीरा देवांगन एवं रूसेन कुमार का आलेख


hindi news siteदहेज उत्पीड़न और शारीरिक यातनाएं देकर प्रियंका को घर से निकालने एवं उसमें पुलिस की फाइनल रिपोर्ट का एक मामला इन दिनों गाजियाबाद में काफी चर्चा का विषय है। अपने को मुख्यमंत्री मायावती का अत्यंत विश्‍वासपात्र प्रचारित करने वाले और आईपीएस काडर में भ्रष्ट और बदनाम गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रघुबीर लाल की इस मामले में भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह मामला शुरूआती दौर में तो न्याय की तरफ जाता दिखाई दिया था मगर जैसे ही यह एसएसपी रघुबीर लाल के हाथों में आया, न्याय की धज्ज़ियां उड़ती चली गईं। दहेज उत्पीड़न में इसलिए लगवाई फाइनल रिपोर्ट!


hindi news portalसंत कंवर राम त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति, जीवन के मर्म को जानने वाले ऋषि, दया के सागर, दीन दुखियों, यतीमों और विकलांगों के मसीहा थे। जहां उनके मुख मण्डल पर किसी ऋषि सा तेज झलकता था वहीं उनके नेत्रों से नूर बरसता था। मानव सेवा ही उनका मुख्य ध्येय था। उनके परोपकारी एवं आध्यात्मिक जीवन ने मानव के संस्कारो में कल्याण, सर्व धर्म समभाव, परोपकार एवं मानव आदर्शों को नई दिशा प्रदान की है। चालीस वर्ष की अद्भुत गुरू भक्ति में संतजी के जीवन में अनेक घटनाएं घटीं। जब संत कंवर राम की लोरी से बच्चा जीवित हो उठा विशेष आलेख


hindi news websiteडूब मरने जैसी बात है कि भारतीय राज्य अपने नागरिकों को राष्ट्रीय बजट से उच्चस्तरीय शिक्षा भी नहीं दे सकता। आश्चर्य है कि विश्व की आर्थिक महाशक्ति का दावा ठोंकने वाला भारत उच्च शिक्षा के लिए यूरोपीय/अमेरिकी कम्पनियों के ही सहारे है। भारत के पास उच्च शिक्षा का स्वदेशी ढांचा नहीं है। दोषी केंद्र की सरकार है। भारत के दुर्दिन हैं, राष्ट्रनिर्माण के संवैधानिक जिम्मेदार ही स्वदेशी का अपमान और विदेशी का सम्मान करा रहे हैं। घर का जोगी जोगना, आन गांव का सिद्ध!  हृदयनारायण दीक्षित का आलेख


hindi news portalश्रीराम मर्यादा पुरूषोत्तम हैं। वे लोकश्रुति में हैं। स्मृति में हैं। इतिहास में हैं। वे संज्ञा हैं, सर्वनाम हैं, वे भारत का मन हैं, अंतरंग हैं, बहिरंग हैं। प्रीति और प्यार हैं। रस हैं, छन्द हैं। गीत और काव्य हैं। प्रीति और अनुभूति हैं। तरूणाई और यौवन हैं। वे लोकआस्था में ब्रह्म हैं। मंगल भवन अमंगल हारी हैं। भारतीय इतिहास के महानायक श्रीराम के जन्म का मंगल मुहुर्त भी यही मधुमास है।  'मंगल भवन अमंगल हारी' राम नवमी पर विशेष आलेख


इंडिया-इंडिया की गूंज करने वाला भारत कब समझेगा? राष्ट्रीय खेल सिर्फ नारों और सपनों से नही बचता, इसके लिये जुटना पड़ता है। ध्यान चंद तो संघर्ष के दौर में निकले थे लेकिन, उनकी मौत एम्स के जनरल वार्ड में हुई और इलाज कर रहे डॉक्टर की उनकी मौत पर पहली टिप्पणी यही थी, हॉकी मर गई। लेकिन तब भारत के लिये गोल्ड मेडल जीतना कोई मायने नहीं रखता था, जरूरी यह होता था कि विरोधी टीम कोई गोल ना कर जाए। मगर अब समूचा खेल ही रक्षात्मक हो गया है, यानी अब तो विरोधी का गोल बचाने की कोशिश होती है। .....तो वह हॉकी कहां गई? पुण्य प्रसून बाजपेयी का आलेख


तीस हज़ारी में महिला अदालत की न्यायाधीश रहीं स्वर्णकांता ने कहा 'महिलाओं पर जुल्म के मामलों की सुनवाई के बाद वे कह सकती हैं कि घरेलू हिंसा का शायद ही कोई ऐसा मामला हो जिसमें औरत, औरत के खिलाफ न हो। इतना ही नहीं, कानून का फायदा सशक्त पक्ष को मिल जाता है। अबलाओं की रक्षा के लिए बने कानून अधिकांश मामलों में अपने मूल लक्ष्य को नहीं पाते। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को तब तक नहीं पाया जा सकता जब तक औरत अपने साथ की औरत की पीड़ा न समझे।' बिखरते रिश्तों के सामने बेबस कानून!  एक रिपोर्ट


बुंदेलखंड में पूज्य नाग देवता के दंश से हर साल सैकड़ों लोग काल के मुंह में चले जा रहे हैं। जन सामान्य में इसे लेकर काफी असहजता है। भीषण गर्मी और जंगलों की तबाही भी सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि के महत्वपूर्ण कारण हैं। इस भू भाग पर सर्पदंश से हाने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। बुंदेलखंड के छतरपुर, पन्ना और टीकमगढ़ जिले सबसे अधिक सर्पदंश से प्रभावित हैं। फिर भी यहां नाग देवता की बहुत मान्यता है और कुल देवता के रूप में पूजा-अर्चना की जाती है। सर्पदंश से थर्राया बुंदेलखंड धीरज चतुर्वेदी की रिपोर्ट


hindi news portalदेश के जाने-माने राष्ट्रीय उद्यानों में एक दुधवा नेशनल पार्क से आज जैसे रोने की आवाज आती है। यह पार्क वन्य प्राणियों और समृद्धशाली वनसम्पदा से आच्छादित था। मीलो लंबी हरियाली और हरे-भरे मैदानों में फलते-फूलते वन्यप्राणी साम्राज्य की हलचल से गुलजार, बारहों-मास वसंत ऋतु की दूर तक फैली महक से आस-पास के इलाकों में मदमस्ती का एहसास कभी किसी स्वर्ग लहरी से कम नही था। लेकिन आज दुधवा में मरघट का सा सन्नाटा दिखाई देता है। दुधवा में मरघट का सा सन्नाटा! डीपी मिश्रा का आलेख


रंगनाथ मिश्र आयोग की सदस्य सचिव आशा दास ने तो इसाई और मुसलिम दलितों को अनुसूचित जाति वाला आरक्षण देने की सिफारिश का विरोध करने के साथ सलाह दी है कि हमारे देश में धर्म और जाति के आधार आरक्षण देने से निहित स्वार्थों का लाभ ही हो रहा है, इसलिए सरकार अपनी नीतियों और कार्यक्रमों में बदलाव करे और धर्म और जाति के आधार के बगैर परिवार को इकाई मान कर सभी ऐसे परिवारों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाए जो आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हों। रंगनाथ आयोग की सिफारिशें ही सर्वसम्मत नहीं एक रिपोर्ट


भारत में हर साल धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देश के राजपथ पर शक्ति प्रदर्शन के साथ इस दिवस की रस्में अदा की जाती हैं। क्या यह देश जान सकता है कि उसके वे सपने कहां हैं जो भारतीय संविधान को लागू करते हुए देखे गए थे? क्या ये ही वो सपने हैं-आरक्षण, जातिवाद, राग-द्वेष, भाषा और प्रांतवाद, भ्रष्टाचार या अपराध की राजनीति? जरा सोचिए और अपने गणतंत्र दिवस की उपलब्धियों को तलाशिए। भारतीय गणतंत्र में ये आरक्षण! अनवर वकार अल्वी का आलेख


मुलायम hindi news websiteऔर अमर में रिश्तों को लेकर उठे तूफान को अब देर-सवेर निर्णायक तबाही तक पहुंचने से शायद ही कोई रोक पाए। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि एक दलाल और एक राजनीतिज्ञ के बीच में एक दिन ऐसा होना ही था। इनमें इतना बड़ा अंतर है कि राजनीतिज्ञ एक राजनीतिज्ञ होता है जबकि दलाल सिर्फ एक दलाल। इसलिए मुलायम सिंह यादव भले ही आज राजनीतिक भंवर में उलझे हुए हों लेकिन अमर सिंह ने बौखलाहट में जिस रणनीति से नाराज़गी की छछूंदर पकड़ी है वह उनको उनके हश्र तक जरूर पहुंचा देगी। बौखलाए अमर सिंह को 'शरण' की तलाश विशेष संवाददाता


अंग्रेजों को वास्तव में इससे कोई लेना-देना नहीं था क़ि भारतीय यानी हिंदू चिंतन कितना श्रेष्ठ है। उन्हें तो केवल इसमें रुचि थी कि इसे धर्म के रूप में कैसे इस्लाम के खिलाफ खड़ा किया जा सकता है। हिंदू श्रेष्ठता के अहंकार में हिंदू (भारतीय) चिंतक भी उस जाल में फंसते गये, भारतीय सुधारक राजा राममोहन राय भी। इसका एक ही चारा है कि हम फिर से भारत और भारती को अपनाएं और अपनी सोच को पुन: सार्वभौम मानववाद से जोड़ें। 'हिंदू' शब्द भारत की एक नई समस्या? डॉ राधेश्याम शुक्ल का आलेख


कहींhindi news portal बर्फ से लकदक चोटियां, कहीं शीतल जल धाराएं, तो कहीं गर्म पानी के चश्में। यह सब नजारे हिमाचल में एक साथ मिलते हैं। हिमाचल ने पारिस्थितकीय संतुलन को कायम रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति की है। यहां के लोग अतिथि का आदर-सत्कार करने के लिए बहुत विख्यात हैं, तभी तो हिंसा मुक्त हिमाचल प्रदेश, पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं आरामदायक डेस्टिनेशन माना जाता है। बेमिसाल और बेनज़ीर हिमाचल! जोगिंदर पाल की रिपोर्ट


महिलाओंNarayan Dutt Tiwari के प्रति आसक्ति या मुर्गे की टांग खाना भी दिग्गजों की कुर्सियों के लिए खतरा बनते आए हैं। अपनी संतुष्टी, ब्लैकमेल या किसी अन्य लाभ की आशा में राजनीतिक साजिशें रचने वालों के कारण न केवल समाज और देश संकट में खड़ा दिखाई देता है अपितु एक नहीं बल्कि कई हस्तियों और राजनेताओं का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाता है। देखा जाए तो ऐसी साजिशें समाज, देश या शासन व्यवस्था पर किसी बाहरी हमले से कम नहीं मानी जा सकतीं। राजनीतिक साजिशों के मारे ये राजनेता! दिनेश शर्मा की रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश में कड़े राजनीतिक संघर्ष और अपनी ही रणनीतियों के असली सच का आज सामना कर रहे हैं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव। वे कहां खड़े हैं? वे धरती-पुत्र के नाम से विख्यात हैं लेकिन आज यह खिताब और उनकी ख्याति दोनों ही ख़तरे मे हैं। उनके सारथी अमर सिंह ने उन्हें ऐसे रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब वे अपनी विफलताओं पर तोहमते लगाते रहेंगे। ऐसे बहुत से मामले हैं जो मुलायम सिंह यादव को अब सीना तान कर चलने नहीं दे रहे हैं। इस राजनीतिक परिदृश्य में उनके साथियों को अपने नेता के राजनीतिक भविष्य को लेकर घोर आशंकाएं और चिंताएं घेर रही हैं। अमर के मकड़जाल में मुलायम नज़रबंद! विशेष संवाददाता


कांग्रेस hindi news siteइस बात को स्वीकार करती है कि अलग तेलंगाना राज्य के गठन की घोषणा उससे जल्दीबाजी में हो गई है लेकिन इसका अमल ठोक-बजाकर ही किया जाएगा। हड़बड़ी में गड़बड़ी स्वाभाविक है और उसके अपने दुष्परिणाम भी होते हैं। कल तक आंध्र प्रदेश के जो विधायक अलग तेलंगाना राज्य के हिमायती थे, वे अचानक ही उसके विरोधी कैसे हो गए, इसकी तह में भी कांग्रेस को जाना होगा। छोटे राज्य देश के लिए कितने मुफीद? एक रिपोर्ट


भारत hindi news websiteमें सत्ता के कमज़ोर नेतृत्व और देश में राष्ट्रीय एकता अखण्डता जैसे मुद्दों पर भी यहां के राजनीतिक दलों में गहरी मतभिन्नता का आखिर कहीं तो नुकसान होना ही है और वह हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत की क्या हैसियत है और शक्तिशाली देश भारत को कितनी तवज्जोह देते हैं यह अमेरिका-चीन की संयुक्त विज्ञप्ति से पता चल जाता है। यह मुद्दा भी इस यात्रा में निश्चित रूप से दोनो देशों के आगे पीछे रहेगा। 'बीजिंग आघात' के साए में भारत-अमेरिका वार्ता एक रिपोर्ट


यूपी के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने सोचा होगा कि एमएलसी सुनील सिंह से भी वे उनका बंगला या उसकी जमीन ले लेंगे लेकिन यह पासा उल्टा पड़ गया है। इसे लेने के लिए जिस प्रकार का दबाव बनाया है वह रिकार्डिंग सुनकर समझा जा सकता है। बंगले के अधिग्रहण की भी वे इशारे-इशारे में धमकी दे रहे हैं। इस टेप मे सबसे अहम बात यह है कि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री शैलेश कृष्ण बड़े ही आत्म विश्वास से कोर्ट की बेंच बदलने की बात कर रहे हैं जिससे लगता है कि किसी स्तर पर कोर्ट को मैनेज किया हुआ है और कोर्ट में या उसके बाहर उनके पास कोई ऐसा है जो इतना शक्तिशाली है कि किसी भी कोर्ट में कुछ भी कर सकता या करा सकता है। धौंस देकर मायावती के लिए बंगला मांग रहे हैं शशांक और शैलेश एक रिपोर्ट


मधु कोडा, देश में कांग्रेस की राजनीति का एक घोर पाप है, जिसका घड़ा धड़ाम से फूटा है। उसने झारखंड में निरीह और भोले-भाले आदिवासियों पर भारी भरकम अजगर छोड़ दिए जिन्होंने झारखंड को लूट-खसोट कर उसे नक्सलियों की आग में जलने को छोड़ दिया। मधु कोडा जैसे दैत्य कभी सर न उठाते यदि कांग्रेस झारखंड में भाजपा को पटकनी देने के लिए राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रख कर घटिया समझौते और तौर-तरीके अख्तियार नहीं करती। पता चल रहा है कि सरकार में माफियाओं का एक बड़ा सिंडिकेट है जोकि भारी सरकारी सुरक्षा के बीच रहकर काले कारनामों को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। कांग्रेस का घोर पाप है मधु कोडा! दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट


आपने hindi news portalलखनऊ में कहा था कि अपन का ऊपर भी इंडियन एक्सप्रेस हाउस रहेगा। किसी संस्थान के प्रति निष्ठा की ऐसी बेजोड़ मिसाल पेश करने वाले प्रभाष जोशी जी आप ठीक ही कह रहे थे। यहां आपकी निष्ठा पर कोई उंगुली नहीं उठा पाया। पत्रकारिता के प्रभाष जोशी युग के अंत होने से अपूर्णनीय नुकसान हुआ है, लेकिन जब-जब देश में हिंदी पत्रकारिता के कदम लड़खड़ाएंगे तब-तब प्रभाष जोशी एक अदृश्य प्रेरणा के रूप में जरूर सामने होंगे। पत्रकारिता में कुछ नया कर दिखाने वालों के इस हृदय सम्राट के प्रति स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। प्रभाष जोशी-मेरी पाठशाला! दिनेश शर्मा


कश्मीररूखसाना कौशर में आतंक का बहादुरी से मुकाबला करने वाली रूखसाना कौशर का हिंदुस्तान कायल हो गया है। उसकी बहादुरी के चर्चे पाकिस्तान अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों में हो रहे हैं। हर कोई उसे सैल्यूट करता है। जम्मू कश्मीर में न जाने कितनी ऐसी बहादुर लड़कियां होंगी जिनकी भुजाएं आज आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने के लिए फड़फड़ा रही होंगी। यहां एक प्रश्न भी उठ रहा है कि जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में बहादुरी में मिली इस आधी-अधूरी सौगात को क्या नाम दिया जाए? यदि सरकार रूखसाना को सच्चा ईनाम देना चाहती है तो वह इसे इसी ओहदे पर पुलिस की पक्की नौकरी दे। रूखसाना कौशर को हिंदुस्तान का सैल्यूट! गुल मोहम्मद की रिपोर्ट


दलित वोटों को अपनी रैयत समझकर उन्हें ठेकेदारों, गुंडों और माफियाओं को बेचती आ रहीं बसपा अध्यक्ष मायावती के भ्रष्टाचार जनित अहंकार का 'मर्दन' करने निकले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के लिए उत्तर प्रदेश में किसी ताकतवर दलित नेता को आगे किए बिना ऐसा कर पाना संभव नहीं है। राहुल गांधी को कांग्रेस के 'दलित मिशन' के लिए ऐसा दलित नेता चाहिए जो दलित राजनीति की गहरी-समझबूझ रखता हो। कहना न होगा कि यदि मायावती को राजनीति आती तो उनको प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने से कोई रोक नहीं पाता। कांग्रेस की यह चूक! दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट


देश में काम की कमी नहीं है, लेकिन काम आदमियों के लिए नहीं है, मशीनों के लिए है। आम मेहनतकश अनपढ़ लोगों का काम बुल्डोजर जैसी मशीने लेती जा रही हैं और पढ़े-लिखे लोगों का काम कम्प्यूटर लेता जा रहा है। ऐसे में हर हाथ को काम देने और दिला पाने का नारा केवल एक गैरजिम्मेदार व्यक्ति ही उछाल सकता है, जिसने बदली हुई परिस्थितियों का पर्याप्त अध्ययन नहीं किया है। एक याचिका में कहा गया है कि 1750 रुपए प्रत्येक मतदाता को मिलेगा तो कोई व्यक्ति देश में ऐसा नहीं बचेगा जिसके दिमाग को रोजगार न मिले। तब मतदान भी पर्याप्त संख्या में होगा और लीडरशिप भी विकसित होगी। हर वोटर को 1750 रुपए देने के लिए आंदोलन भरत गांधी का लेख


बहुजनमायावती और अमर सिंह समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच घटिया दर्जे का वाक-युद्ध अपने चरम पर है। उत्तर प्रदेश्‍ा की तेईस करोड़ की आबादी पर समय-समय पर राज करने वाली इन दोनों राजनीतिक पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने सत्ता को हथियाने और अपना कब्जा बनाए रखने के लिए जिन हथकंडों का इस्तेमाल किया हुआ है उनसे प्रबुद्ध वर्ग तौबा कर रहा है और आम आदमी घुट-घुट कर जी रहा है। मायावती, उनके मंत्रियों और कुछ शीर्ष अधिकारियों की सपा या कांग्रेस नेताओं के खिलाफ साजिशों का भंडाफोड़ भी हो रहा है जिसमें बसपा और मायावती को बदनामियों के अलावा कुछ भी हासिल नही हो रहा है। सपा-बसपा में बदज़ुबानी का नंगा नाच एक रिपोर्ट


मुंबईChild Labour फिल्मों में अक्सर एक छोटा सा बच्चा फुटपाथ पर बूट-पॉलिश करता है और उसके सामने पॉलिश का पैसा फेंक देने पर वह स्वाभिमान में अकड़ते हुए डॉयलॉग बोलता है कि 'साहब वह मेहनत का पैसा ले रहा है न कि कोई भीख।' बूट-पॉलिश कराने वाला साहब उससे प्रभावित होता है और फिर उसके हाथ में पैसे दे देता है। वास्तविकता देखनी हो तो मुंबई आइए जहां उसका स्वाभिमान तो छोड़िए, उसका जीवन ढाबों, होटलों, घरों, दुकानों और आग और ज़हर उगलने वाले कारखानों में सिसक रहा है मुंबई में लोहे की भट्टियों में झुलसता बचपन आलोक नंदन की रिपोर्ट


नौकरशाही Supreme Court & UP Chief Secretary Atul Guptaको उसका धर्म बताना या उनके कर्त्तव्यों और कार्यप्रणाली पर टीका टिप्पणी करना या सलाह देना उनके 'ईगो' को सीधे चोट पहुंचाना समझा जाता है। ये अपने स्वार्थ या किसी दबाव में ही अक्सर काम करते देखे जाते हैं। यही कार्य प्रणाली आज इनके लिए मुसीबत बन गई है। वास्तव में उत्तर प्रदेश में नौकरशाहों की गुलामों से भी बदतर स्थिति हो गई है। यह नज़ीर हमेशा कायम रहेगी कि एक नौकरशाह को दूसरों की करनी कैसे भोगनी पड़ रही है। काल बिबस कहुं भेषज जैसे' विशेष रिपोर्ट


कहते हिना परवीनहैं कि रिश्ते ऊपर से बनकर धरती पर आते हैं। 'हिना परवीन' उन खुशनसीब लड़कियों में से एक है जिसने यतीमखाने में संरक्षण पाकर अपने सुखद और वैवाहिक जीवन के सपने को पूरे होते देखा। संघर्षों से भरी उसकी आत्मकथा को देखकर उसने कभी नहीं सोचा होगा कि उसे और लड़कियों की तरह सम्मान और रीति-रिवाज़ के साथ डोली में बैठाकर रूख़सत किया जाएगा। बचपन से ही अपनों से तिरस्कार पाई हिना प्रारम्भिक जीवन के अनगित संघर्षों की जीती-जागती दास्तान है। यतीम से घर-बार हुई हिना! रज़िया बानो की रिपोर्ट


सास गारी देवे, देवर जी समझा लेवे, ससुराल गेंदा फूल.... में रायपुर का भी जिक्र आता है। इस गाने के बोल छत्तीसगढ़ी भाषा में हैं, जिसे पहली बार रायपुर की ही प्रसिद्ध जोशी बहनों ने गाया है। हालांकि अब जोशी बहनों को दुख है कि इस गीत को फिल्मकार ने छत्तीसगढ़ को क्रेडिट नहीं दिया है। अगर ऐसा होता तो और अच्छा होता, मगर उन्हें इसका ज्यादा मलाल नही होना चाहिए। राष्ट्रीय फलक पर रायपुर का हस्तक्षेप धीरे-धीरे मुखर, प्रखर और प्रभावी हो रहा है। गेंदा फूल भर नहीं, राष्ट्रीय फलक पर है रायपुर! रिपोर्ट


गांधीजीBapu इस मामले में बहुत साफ थे कि सिर्फ अंग्रेजों के देश के चले जाने से भारत को सही स्वराज्य नहीं मिल सकता, वे साफ कहते हैं कि हमें पश्चिमी सभ्यता के मोह से बचना होगा। पश्चिम के शिक्षण और विज्ञान से गांधी अपनी संगति नहीं बिठा पाते। वे भारत की धर्मपरायण संस्कृति में भरोसा जताते हैं और भारतीयों से आत्मशक्ति के उपयोग का आह्लान करते हैं। अंधेरों को चीरती गांधी के शब्दों की रौशनी संजय द्विवेदी का आलेख


वायुयान Naxalite Gangसे देवदूतों की तरह रायपुर की धरती पर उतरने वाले बुध्दिजीवी, बस्तर के गांवों के दर्द को नहीं समझ सकते। आंखों पर जब खास रंग का चश्मा लगा हो, तो खून का रंग नहीं दिखता। वे लोगों के गांव छोड़ने से दुखी हैं, लेकिन कोई किस पीड़ा, किस दर्द में अपनी आत्मरक्षा के लिए अपना गांव छोड़ता है, इस संदर्भ को नहीं जानते। सलवा-जुड़ूम के शिविरों की यातना और पीड़ा उन्हें दिख जाती है, लेकिन नक्सलियों की सतत यातना और मौत के मंजर उन्हें नहीं दिखते। नक्सलवाद यानि संगठित अपराधियों का गिरोह विशेष आलेख


उत्तराखंड Mountain Trainके पहाड़ी इलाकों में सड़कों के रखरखाव पर सालाना करोड़ों रूपए की धनराशि खर्च करने पर भी सड़कों की स्थिति बहुत दयनीय है। इन सड़कों पर भीषण दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। हर साल सैकड़ों लोग इन हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। यहां आने वाले पर्यटक और तीर्थयात्री पहाड़ों की लाजवाब प्राकृतिक छटा के साथ ही इन कष्टदाई सड़कों को भी नहीं भुला पाते। सामरिक दृष्टि से भी इस पहाड़ी इलाके को रेलमार्ग से जोड़ा जाना अत्यन्त जरूरी है। उत्तराखंड के पहाड़ों में कब जाएगी रेल? हेमपंत की रिपोर्ट 


सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार यह तय करे कि अब किसी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरूद्वारा नहीं बनेगा अगर सार्वजनिक स्थान पर इनमे से एक भी निर्माण हुआ तो संबंधित अधिकारी को समुचित सजा दी जाएगी। इस महाआदेश के लिए हम उच्चतम न्यायालय के आभारी हैं। केंद्र सरकार इस मामले पर यदि राज्यों के साथ सहमति बनाने में कामयाब हो जाती है तो यह इस देश की सौ करोड़ जनता के साथ न्याय और उपकार होगा। उच्चतम न्यायालय के हम आभारी हैं! के विक्रम राव का आलेख  


रेल प्रशासन, रेलकर्मियों और रेल उपयोगकर्ताओं के बीच भारतीय रेल पत्रिका एक मजबूत संपर्क-सूत्र का काम कर रही है। पत्रिका का पहला अंक 15 अगस्त 1960 को प्रकाशित हुआ था। पत्रिका की शुरूआत के पीछे तत्कालीन रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री तथा बाबू जगजीवन राम का विशेष प्रयास था। भारतीय रेल पत्रिका अगस्त 2009 को अपनी गौरवशाली यात्रा पर चलते हुए स्वर्ण जयंती मना रही है। रेल की हमसफर हिंदी पत्रिका 'भारतीय रेल' विशेष रिपोर्ट


सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक जांच के आदेश तो दिए हैं, लेकिन न्यायिक जांच के निष्पक्ष होने पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। अब सवाल सिर्फ अस्थाना की मौत की जांच का नहीं है बल्कि न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर उंगलियां उठ रही हैं। मसलन सूचना के अधिकार की परिधि में जज साहब क्यों नहीं आते हैं? सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति की क्या प्रक्रिया है? जज साहब की जवाबदेही किसके प्रति है? इस देश के संविधान के प्रति, सरकार के प्रति या जनता के प्रति या किसी के प्रति नहीं? न्यायपालिका की साख का सवाल! अमलेंदु उपाध्याय का आलेख 


जलवायु परिवर्तन को आज मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। माह दिसम्‍बर 2009 में ही डेनमार्क, कोपेहेगन में होने वाले अन्‍तर्राष्‍ट्रीय जलवायु परिवर्तन समझौते को इसे रोकने की दिशा में मील के पत्‍थर के रूप में देखा जा रहा है। धरती की सतह पर बढ़ते तापमान को दो डिग्री सेंटीग्रेड से कम रखने के लिए पूरे विश्व में अन्‍तर्राष्‍ट्रीय शासकीय, आर्थिक और शैक्षिक स्तरों पर इसे लेकर विचार-विमर्श हो रहे हैं। जलवायु असंतुलन की भयावह चपेट में भारत! डा सीमा जावेद की विशेष रिपोर्ट  


'निशंक' के सामने उत्तराखंड के भाजपा के शीर्ष नेताओं में सामंजस्य स्थापित करके चलने की जरूरत है जिसमें भगत सिंह कोश्यारी को भी संतुष्ट रखना होगा। इस पूरे राजनीतिक परिदृश्य में एक बात बिल्कुल स्पष्‍ट है कि भाजपा यहां तभी जनता का खोया हुआ विश्वास हासिल कर सकती है जब उसके लीडर राजनीति के 'कॉमन मिनिमम प्रोग्राम' से चलेंगे अन्यथा कांग्रेस इन सबको निगल जाने के लिए तैयार बैठी है। पत्रकार से मुख्यमंत्री तक पहुंचे 'निशंक' की अब असली परीक्षा दिनेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट  


इच्छा शक्ति हो तो पलायन रुक सकता है और इसके साथ ही रुक सकता है लोगों के लापता होने का यह अंत हीन और दुखद सिलसिला जोकि छत्तीसगढ़ जैसे विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक राज्य को कहीं न कहीं शर्मशार करता है। यहां के सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के लिए यह एक चुनौती है कि वे अपने राज्य के बारे में उन गलत धारणाओं को खत्म करने के लिए गम्भीर पहल करें क्योंकि अकेले पुलिस और प्रशासन के पास ही सारी सामाजिक और शोषणात्मक समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। कहां ग़ायब हैं छत्तीसगढ़ के वाशिंदे? गिरीश पंकज का आलेख


विविधताओं से भरे देश में किसी संदेश का आख़िरी आदमी तक पहुँच जाना साधारण नहीं होता। कंपनियां अब ऐसी रणनीति बना रही हैं, जो उनकी इस चुनौती को हल कर सकें। चुनौती साधारण वैसे भी नहीं है। भारत के गाँवों में सालों के बाद झाँकने की यह कोशिश भारतीय बाज़ार के विस्तारवाद के बहाने हो रही है। देश के मैनेजमेंट गुरू इन्हीं विविधताओं को लेकर शोधरत हैं। यह रास्ता भारतीय बाज़ार के अश्वमेध जैसा कठिन संकल्प है। विज्ञापन बाज़ार अब चला गांव की ओर संजय द्विवेदी का आलेख


चीनChina Great Wall of China की साम्राज्यवादी सोच सुरसा मुख की तरह बढ़ रही है। पड़ोसी देशों में उसकी अनधिकृत घुसपैठ को कमोवेश इसी रूप में देखा जा सकता है। वह जिस तरह नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान की भारत विरोधी सोच को हवा दे रहा है, यह इस बात का द्योतक है कि उसे फाह्यान और ह्वेनसांग के सपनों का गौरवशाली भारत पसंद नहीं है। पड़ोसी देशों की सामरिक महत्व की जमीनों को हथियाने की उसकी कोशिशें परवान चढ़ रही है। चीन भारत का कितना हितैषी? सियाराम पांडेय ‘शांत’


उत्तरSports Minister Ayodhya Prasad Pal and RSO Lucknow प्रदेश के खेल मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल ने खेल को भी अपनी राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। बदनाम गुटबाज़ जातिवादी और राज्य के खेल परिसरों में अराजकतत्वों को बढ़ावा देकर खेल के वातावरण को लंबे समय से दूषित करते आ रहे खेल विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ वे ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं जिनसे खेल का कोई भी विकास नहीं हो सकता है। खेल छात्रावासों के भोजनालयों को उन्होंने अपने बसपा कार्यकताओं का लंगर बना डाला है। खेल मंत्री ने आरएसओ का ऑडिट क्यों रूकवाया? रजनीश सिंह की रिपोर्ट


यहां तो जातिगत राजनीति के हर कुएं में आरक्षण की भांग पड़ी हुई है। कांग्रेस सांसद सलमान खुर्शीद ने अगर मुसलमानों के लिए अलग से आरक्षण की मांग उठा दी है तो ईसाइयों को भी आरक्षण देने की मांग बुलंद होती रही है। जैन धर्म से जुड़े लोगों को भी आरक्षण देने की मांग उठ ही चुकी है। गुर्जरों को आरक्षण देने की मांग भी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था पर विचार किया जाए तो अब किसी को भी किसी तरह का आरक्षण लाभ मिलना मुमकिन नहीं है आरक्षण का बेताल फिर डाल पर सियाराम पांडेय ‘शांत’ का आलेख


छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी आदिवासी सभ्यता विनाश के कगार पर आ खड़ी हुई है। अपने वतन के प्रति वफादारी वीरता, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विख्यात इस आदिवासी समाज का नेतृत्व ऐसे ख़तरनाक हाथों में खेल रहा है, जिसका उद्देश्य इस समाज में विघटन पैदा करके उसे प्रगतिशील समाज से अलग-थलग कर देना है। जिससे इस समाज का सारा ऐतिहासिक वैभव और विशेषताएं सदा के लिए नष्ट हो जाएंगी। आतंकवाद के खिलाफ कभी भी सशस्त्र अभियान योगेश मिश्रा की रिपोर्ट


चेन्नई भुवनेश्‍वरीपुलिस ने जिस प्रकार एफआईआर दर्ज कर 'दिनामलार' के संपादक बी लेनिन को गिरफ्तार किया उससे जिस्मफरोशी के धंधे मे लिप्त कॉलीवुड की ऐसी ताकतों को और ज्यादा खुलकर काम करने का प्रोत्साहन ही मिला है। पुलिस को शर्म आनी चाहिए कि वह ऐसे अवसरों पर काले-धंधे वालों के साथ ही खड़ी दिखाई देती है। जब ऐसी घटनाएं उजागर हुई हैं तो पुलिस उसमें मूकदर्शक ही नज़र आई है क्योंकि ये कुकर्म भी पुलिस की आय का बहुत बड़ा जरिया माने जाते हैं। कॉलीवुड में देह-व्यापार पर मीडिया और कलाकार आमने-सामने एक रिपोर्ट


विदेशी मामलों में भारत की स्थिति अत्यंत दयनीय और लचर होती जा रही है। कूटनीतिज्ञों का कहना है कि इतना कमजोर भारत कभी नहीं था जितना कि आज दिखाई पड़ रहा है। इसका कारण भारत में आंतरिक राजनीतिक कलह और सरकार में सामंजस्य का भारी अभाव है। भारतीय विदेश नीति में हस्तक्षेप रखने वालों के अपने एजेंडे हैं। किसी एक मुद्दे पर भी सहमति बन पाना बहुत मुश्किल होता है इसलिए कूटनीतिक बैठकें निरर्थक ही साबित होती जा रही हैं। नेपाल के सामने भी भारत बेबस विशेष संवाददाता


भारत के राजमुकुट हिमालय में हीरे की तरह दमकता उत्तराखंड देश के 27वें राज्य के रूप में अपनी अलौकिक छटा बिखेर रहा है। भौगोलिक एवं प्राकृतिक संपदा से समृद्धशाली इस राज्य की राजनीतिक ऐतिहासिक सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराओं और सभ्यता लोक संगीत के विविध आयाम इतने प्रेरणादायक हैं कि उनके जितने करीब जाएं उतना ही आस्था और विश्वास को मजबूत करते हैं। उत्तराखंड ने हर क्षेत्र और हर दौर में अपनी अलग और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अतीत में उत्तराखण्ड घनश्याम जोशी की रिपोर्ट


किशोर दाKishore Kumar! क्या आप सुन रहे हैं कि आज दुनिया आपके सदाबहार गीतों को कितनी शौक से गा रही है और गुनगुना रही है। आज का दिन हम सबके लिए इसलिए भावनात्मक और यादगार है क्योंकि इस दिन आपने हमसे अचानक कहा अच्छा तो हम चलते हैं। क्या आपने ये गाना आज के लिए ही गाया था? आपको हरेक रूप में और हर रंग में ढूंढ लिया जाता है। कौन कहता है कि आपकी आवाज़ में दर्द नही था? किसी आलोचक ने उसे महसूस करने की कोशिश ही नहीं की। अच्छा तो हम चलते हैं ... किशोर दा! मनमोहन हर्ष का आलेख


देवधर ट्राफी जैसी प्रतियोगिता को स्थगित किया गया है तो दूसरी तरफ घरेलू क्रिकेट की स्थापित प्रतियोगिताओं पर कारपोरेट टूर्नामेंट और आईपीएल चैपियंस टूर्नामेंट को तरजीह दी गई है। एक ओर जहां इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट ढांचे को मजबूत किया जा रहा है वहीं भारत में इसे हाशिये पर धकेला जा रहा है। यदि इसी तरह से चलता रहा तो आने वाले समय में रणजी ट्राफी जैसी प्रतियोगिताएं भी दोयम दर्जे की बनकर रह सकती है। भारत में हाशिये पर जा रहा घरेलू क्रिकेट मनीष कुमार जोशी की रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश में तिकड़मों से शराब के व्यवसाय में एकाधिकार कायम करने वाले शराब के ठेकेदार पौंटी चढ्ढा चार साल से कोयले का भी जमकर कारोबार कर रहें है, लेकिन यह सारा काम इतनी सफाई से हो रहा है कि किसी को कानों कान खबर तक नहीं है। पौंटी चड्डा की मायावती सरकार में भी बल्ले-बल्ले है और वह इतनी घुसपैठ रखते हैं कि उनके दावे के सामने कोई नही खड़ा होता। शराब के बाद पौंटी चढ्ढा ने अब कोयला भी हड़पा श्रवण शुक्ला की रिपोर्ट


सवाल शासन और समाज का पीछा कर रहा है कि इन्हें डाकू किसने बनाया और वे कौन हैं जो इनकी बर्बादी और बीहड़ों में धकेलने के लिए जिम्मेदार हैं। सामंतवादी शक्तियां और इलाकाई पुलिस, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से यदि उन्हें आगे बढ़ने देती तो आज केवट न डाकू कहलाते और न अपराधी। उनका डाकू और अपराधी के रूप में चिन्हित होने का ज्यादातर मतलब है कि उन्होंने पुलिस और सामंतियों के असहनीय अत्याचारों का सामना किया होगा। चित्रकूट के बीहड़ों में कौन बना रहा है इन्हें डाकू ? वीरेंद्र वर्मा की रिपोर्ट


नेगारा के नेशनल पार्क और सुमात्रा (इंडोनेशिया) के गुनुंग ल्युसर नेशनल पार्क जैसे, दक्षिण पूर्वी एशिया के अनछुए वर्षा वनों की अंधेरी रात का रहस्य व भयानकता इतनी गूढ़ होती है कि उसके समक्ष अदृष्ट और अज्ञात का रहस्य भी फीका पड़ जाता है। फिर भी वन्य जीवन के शौकीनों के लिए इससे बेहतर स्थान और समय कोई दूसरा नहीं हो सकता। वर्षा वन की निशा का घुप्प संसार केन रूबेली की रिपोर्ट


क्या वे सवाल आज खत्म हो गए हैं कि आर्य समाज दुविधा में पड़ा हुआ है? यह नहीं माना जा सकता। जिन चुनौतियों से लड़ने के कारण आर्य समाज की पहचान बनी है वे मौजूद हैं। फिर भी आंदोलन में कोई दम नहीं दिखता। इसके कारण कुछ गहरे हैं। उन्हें पहचाने बिना आर्य समाज को जिन्दा नहीं किया जा सकता।