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शहादत पर एक करोड़ दिए जाएंगे-गृहमंत्री

'शहादत सर्वोच्च बलिदान है, इसकी कोई बराबरी नहीं'

'कश्मीर घाटी को फिरसे धरती का स्वर्ग बनाएंगे'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 11 September 2017 01:58:13 AM

rajnath singh taking the salute of the guard of honour, jammu and kashmir police lines

अनंतनाग। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अनंतनाग जिले में जम्मू कश्मीर पुलिस लाइन और सीआरपीएफ के शिविर का दौरा किया। राजनाथ सिंह ने पुलिस लाइन से लगभग 1 किलोमीटर दूर पुलिस गश्ती दल पर आतंकवादी हमले में मारे गए हवलदार इम्तियाज अहमद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गृहमंत्री ने पिछले महीने अनंतनाग में हुए आतंकवादी हमले में शहीद सहायक सबइंस्पेक्टर अब्दुल रशीद को भी श्रद्धांजलि दी। गृहमंत्री के साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल कुमार सिंह और केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा भी थे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दूसरे दिन जम्मू कश्मीर पुलिस लाइन निर्धारित बैठक को संबोधित किया और इस शहादत पर उन्होंने जम्मू कश्मीर के पुलिसकार्मिकों से कहा कि यह कोई साधारण बलिदान नहीं है, यह सर्वोच्च बलिदान है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्तव्य का पालन करते हुए हुई इस महान शहादत के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं, प्रधानमंत्री ने भी इनके अदम्य साहस की प्रशंसा की है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश से प्रायोजित इस आतंकवाद का सामना करते हुए सुरक्षा बलों ने जिस पराक्रम और साहस का परिचय दिया है, उससे न केवल जम्मू कश्मीर राज्य, बल्कि पूरा देश गौरवांवित है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार को इसकी पूरी जानकारी है कि पुलिस और सुरक्षा बल किस प्रकार चुनौतिपूर्ण माहौल में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा और कल्याण के लिए सभी उपाय कर रही है, राज्य के लिए एक ट्रॉमा सेंटर की स्वीकृति दी गई है एवं राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों में बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के पुलिस स्टेशनों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध करा रही है, बुलेट प्रूफ वाहन तथा जैकेट प्रदान किए जाने के लिए पर्याप्त धनराशि जारी कर दी गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि आतंकवाद का सामना करते हुए जो सर्वोच्च बलिदान हुए हैं, देश उनसे कभी उऋण नहीं हो सकता, कोई भी धनराशि इसकी भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि हम जम्मू कश्मीर को फिर से धरती का स्वर्ग बनाएंगे, इस लक्ष्य को हासिल करने से कोई भी ताकत हमें नहीं रोक सकती। राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साल के भीतर यह उनका पांचवी बार घाटी का दौरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी, जवानों की आवास समस्या भी दूर की जाएगी। गृहमंत्री ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 90 बटालियन शिविर में सैनिक सम्मेलन को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि साहस कोई ऐसी वस्तु नहीं है, जिसे बाज़ार से खरीदा जा सके।
राजनाथ सिंह ने जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे बेजोड़ और अप्रतिम साहस की अपराजेय की क्षमता के साथ जन्मे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया की केंद्र सीआरपीएफ के कार्मिकों को और भी सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार है। गृहमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के सीआरपीएफ कार्मिकों को हेलिकॉप्टर सुविधा प्रदान करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा यह लक्ष्य है कि मैं शहीदों के परिवारों को कम से कम 1 करोड़ रुपये सीएपीएफ के जरिए उपलब्ध करवाऊं। उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत के वीर पोर्टल जारी किया है, जिससे हमारे शहीदों के परिवारों को समर्थन मिल सके। जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक डॉ एसपी वैद्य ने भी पुलिसकार्मिकों को संबोधित किया और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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