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हामिद अंसारी भी इस्लामिक जेहाद में कूदे

उपराष्ट्रपति रहते हुए हामिद अंसारी ने उगला ज़हर

हामिद अंसारी को देश में मिल रहा करारा जवाब

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 11 August 2017 02:14:36 AM

m. hamid ansari

नई दिल्ली। कलतक भारत के उपराष्ट्रपति रहे मोहम्मद हामिद अंसारी भी भारत में चले आ रहे चरमपंथी मुस्लिम तंज़ीमों के इस्लामिक जेहाद में खुलेआम कूद पड़े हैं। भारत के उपराष्ट्रपति पद पर कार्यकाल पूरा होते ही उन्होंने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। अपनी विदाई की बेला पर राज्यसभा टीवी को इंटरव्यू में उन्होंने बोला है कि देश के मुसलमानों में डर, बेचैनी और असुरक्षा का माहौल है। उनकी इस टिप्पणी से उनके भीतर का मुसलमान जाग उठा है और जो देशवासी उनको दस साल के उपराष्ट्रपति के रूप में नहीं जान पाए, वो भी कल जान गए। बहरहाल हामिद अंसारी ने अपने जीवन में जो पाया कल उसका सारा महत्व जाता रहा है। उनकी इस टिप्पणी मात्र से देश में उनपर सवालों की झड़ी लग गई है, उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक तूफान सा बरपा है और कहा जा रहा है कि फिल्मी एक्टर आमिर खान के असहिष्‍णु गैंग का एक और छिपा रुस्तम सामने आया है।
भारत के नए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से हामिद अंसारी को तगड़ा जवाब भी मिला है और उन्होंने कहा है कि देश में अल्पसंख्यकों से कहीं कोई भेदभाव नहीं है, जो लोग अल्पसंख्यकों में असुरक्षित भावना बता रहे हैं, यह उनका राजनीतिक प्रचार है, सब जानते हैं कि सारी दुनिया की तुलना में भारत में अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और संवैधानिक पद पर रहते हुए ऐसे राजनीतिक दुष्प्रचार से बचना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के विदाई समारोह में उनकी टिप्पणी पर डिप्लोमेटिक अंदाज़ में माकूल तंज कसा कि हो सकता है कि उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके अंदर कुछ छटपटाहट रही होगी, लेकिन आज के बाद शायद उनको वैसा संकट नहीं रहेगा, उन्हें मुक्ति का आनंद भी मिलेगा और अपनी मूलभूत सोच के अनुसार काम करने, सोचने और बात कहने का अवसर भी मिलेगा। राज्यसभा में विदाई समारोह पर हामिद अंसारी की टिप्पणी का पूरा असर दिखाई दिया। यही नहीं, हामिद अंसारी की टिप्पणी देशभर में फिर एक मुद्दा बन गई है और विभिन्न स्तरों पर उनका भारी विरोध हो रहा है। कहा जा रहा है कि भारत को समझ लेना चाहिए कि लोग किस प्रकार से कश्मीर के पत्‍थरबाजों का समर्थन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर एक हामिद अंसारी से अंदाज़ में अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी के परिवार का सार्वजनिक जीवन में 100 से भी अधिक वर्ष का एक शानदार इतिहास रहा है, उनका भी उपराष्‍ट्रपति पद का कैरियर एक राजनयिक का था और उन्‍होंने उपराष्‍ट्रपति से कई अवसरों पर राजनयिक मुद्दों पर उनके अनुभव का लाभ उठाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दीर्घकालीन सेवा के बाद आज आप नए कार्यक्षेत्र की तरफ प्रयाण करेंगे, ऐसा मुझे पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि आपने फिज़िकली भी अपने आपको काफी फिट रखा है, एक ऐसा परिवार जिसका करीब सौ साल का इतिहास सार्वजनिक जीवन का रहा हो, उनके नाना, उनके दादा कभी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष रहे, कभी संविधान सभा में रहे, एक प्रकार से आप उस परिवार की पृष्ठभूमि से आते हैं, जिनके पूर्वजों का सार्वजनिक जीवन में विशेष करके कांग्रेस के जीवन के साथ और कभी खिलाफत मूवमेंट के साथ भी काफी कुछ सक्रियता रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन बड़ा ही काबिल-ए-गौर है। उन्होंने हामिद अंसारी को संबोधित करते हुए कहा कि आपका अपना जीवन भी एक पेशेवर राजनयिक का रहा है, अब पेशेवर राजनयिक क्या होता है, वह तो मुझे प्रधानमंत्री बनने के बाद ही समझ आया, क्योंकि उनके हंसने का क्या अर्थ होता है, उनके हाथ मिलाने के तरीके का क्या अर्थ होता है, तुरंत समझ नहीं आता है, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग ही वही होती है, लेकिन उसके कौशल्य का उपयोग यहां 10 साल जरूर हुआ होगा, सबको संभालने में उनके इस कौशल्य ने किस प्रकार से इस सदन को लाभ पहुंचाया होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके कार्यकाल का बहुत सारा हिस्सा एक राजनयिक के रूप में पश्चिम एशिया से जुड़ा रहा है, उसी दायरे में आपकी ज़िंदगी के बहुत सारे वर्ष गए, उसी माहौल में, उसी सोच में, उसी बहस में, ऐसे लोगों के बीच में रहे, वहां से रिटायर होने के बाद भी आपका ज्यादातर काम वही रहा।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि अल्पसंख्यक कमीशन हो या अलीगढ़ मु‌स्लिम विश्वविद्यालय हो, एक दायरा आपका वही रहा, लेकिन यह 10 साल एक अलग जिम्मा आपके हिस्से में आया और पूरी तरह एक-एक पल संविधान, संविधान, संविधान के ही के दायरे में रहा, जिसे आपने बखूबी निभाने का भरपूर प्रयास किया। प्रधानमंत्री ने हामिद अंसारी से कहा कि हो सकता है आपके भीतर कुछ छटपटाहट रही होगी, लेकिन आज के बाद वह संकट आपको नहीं रहेगा और मुक्ति का आनंद भी रहेगा और अपनी जो मूलभूत सोच रही होगी, उसके अनुसार आपको कार्य करने का, सोचने का, बात बताने का अवसर भी मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपसे मेरा परिचय ज्यादा तो रहा नहीं, लेकिन जब भी मिलना हुआ, काफी कुछ आपसे जानने-समझने को मिलता था, मेरी विदेश यात्रा में जाने से पहले, आने के बाद, आपसे जब बात करने का मौका मिलता था, तो आप की जो एक अंतर्दृष्टि थी, उसका मैं जरूर अनुभव करता था, मेरी तरफ से हृदय से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
हामिद अंसारी ने उप राष्ट्रपति के रूपमें आखिरी दिन बहुत कुछ कहा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को निष्पक्ष तरीके से स्वतंत्रता के साथ और बेबाकी से अपनी बात रखने की इजाजत नहीं दी गई तो लोकतंत्र, निरंकुश शासन में बदल जाएगा। हामिद अंसारी ने कहा कि एक लोकतंत्र की विशिष्टता इससे पता चलती है कि वह अपने अल्पमत को कितनी सुरक्षा मुहैया कराता है, अगर विपक्षी धड़ों को निष्पक्षता से स्वतंत्रतापूर्वक और बेबाकी से सरकार की नीतियों की आलोचना करने की इजाजत नहीं दी जाती है तो कोई भी लोकतंत्र, निरंकुश शासन में बदल जाएगा। उन्होंने कश्मीर के पत्‍थरबाज़ों का य‌ह कहकर समर्थन किया कि वे भी भारत के हैं। एम वेंकैया नायडू ने हामिद अंसारी को इस टिप्पणी का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे सहिष्णु देश है, भारतीय संस्कार और मूल्य हमें एक दूसरे का सम्मान करना सिखाते हैं।

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