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'ग़रीबों तक पहुंचे अंतरिक्ष कार्यक्रमों का लाभ'

इसरो और निजी क्षेत्र के सहयोग से आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

राज्यमंत्री ने इसरो और अंतरिक्ष कार्यक्रमों की उपलब्धियां बताईं

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 5 January 2021 02:10:22 PM

dr jitendra singh

नई दिल्ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह ने इसरो और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की कुछ हालिया उपलब्धियों के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन निजी क्षेत्र के सहयोग से आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा दे रहा है। डॉ जितेंद्र सिंह ने इन उपलब्धियों का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया, जिनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप से भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोलने का ऐतिहासिक निर्णय संभव हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (आईएन-एसपीएसीई) स्थापित करने का निर्णय निजी कंपनियों के साथ-साथ स्टार्टअप को बराबरी का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष गतिविधियों की प्रस्तावित श्रृंखला में लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान, भू-स्थानिक सेवाएं, उपग्रह नक्षत्र, अनुप्रयोग उत्पाद आदि शामिल हैं।
राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक दूरदर्शी कदम है और देशभर की प्रमुख निजी कंपनियों ने इसका व्यापक रूपसे स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि इन सुधारों के माध्यम से सिर्फ यह सुनिश्चित करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है कि भारत एक प्रतिस्पर्धी अंतरिक्ष बाज़ार बन जाए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि अंतरिक्ष कार्यक्रमों का लाभ सबसे ग़रीब लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास मोदी सरकार द्वारा ग़रीब व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सुधार की हर योजना बनाने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर प्रयास के जरिए भारत को आत्मनिर्भर बनाने के सिद्धांतों के अनुरूप है। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमता और संसाधनों को बढ़ाने के अलावा निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी प्रतिभाशाली अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के प्रतिभा पलायन को भी हतोत्साहित करेगी, जोकि अन्यथा अवसर की तलाश में भारत से बाहर जा रहे थे।
डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि 25 से अधिक औद्योगिक कंपनियां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतरिक्ष गतिविधियों के संचालन के लिए अंतरिक्ष विभाग से संपर्क कर चुकी हैं। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले छह वर्ष में बुनियादी ढांचे के विकास के विभिन्न क्षेत्रों में और साथ ही साथ आम नागरिक के जीवनयापन को आसन बनाने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि आज अंतरिक्ष एवं उपग्रह प्रौद्योगिकी का व्यापक रूपसे उपयोग आपदा प्रबंधन और सटीक मौसम पूर्वानुमान के अलावा रेलवे, सड़क और पुल निर्माण, कृषि क्षेत्र, आवास, टेली-मेडिसिन आदि के क्षेत्रों में भी किया जा रहा है।

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