'शिक्षक कक्षा शिक्षण को और अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाएं'
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से 82 शिक्षक और शिक्षाविद् सम्मानित हुएस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 5 September 2026 01:42:12 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हैकि शिक्षक दिवस हमारे समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है, यह भारत के राष्ट्रपति रहे शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन केप्रति सम्मान प्रकट करने का दिन भी है। प्रधानमंत्री ने कल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों और शिक्षाविदों से लोक कल्याण मार्ग प्रधानमंत्री आवास पर प्रेरक और उत्साहजनक बातचीत की। इस वर्ष तीन विभागों से 82 शिक्षकों और शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार केलिए चुना गया है, इनमें विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के 48 शिक्षक, उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षक या संकाय सदस्य और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के 13 कौशल प्रशिक्षक शामिल हैं। सम्मानित शिक्षकों और शिक्षाविदों ने अपने शिक्षण अनुभवों और नवाचारों के बारेमें प्रधानमंत्री को बताया। उन्होंने कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाने केलिए अपनाए गए कई रचनात्मक तरीकों को साझा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि शिक्षकों को बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन से परे जाकर उनके व्यवहार और दैनिक जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पारंपरिक संयुक्त परिवार व्यवस्था में कमी का उल्लेख करते हुए कहाकि बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका औरभी महत्वपूर्ण होती जा रही है। प्रधानमंत्री ने नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से बच्चों में होनेवाले बदलावों केप्रति सतर्क रहने, इसके कारणों का पता लगाने और ऐसे बच्चों को इस लत से उबरने में मदद करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहाकि बचपन की मासूमियत को सुरक्षित रखना एक महत्वपूर्ण भूमिका है और शिक्षक यह भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहाकि बच्चों में एक समान मूल स्वभाव और जिज्ञासा होती है, यदि शिक्षक इस जिज्ञासा को बढ़ावा और उचित दिशा दें, तो वे उनके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्क्रीन टाइम की समस्या का उल्लेख करते हुए कहाकि यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह कियाकि वे अभिभावकों से इस बारेमें बात करेंकि उनके बच्चे स्क्रीन पर कितना समय बिताते हैं और क्या वे देर रात तक मोबाइल फोन का उपयोग करते रहते हैं। उन्होंने सुझाव दियाकि बच्चे खेलकूद, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि विकसित करके धीरे-धीरे स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से बाहर निकल सकते हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए बच्चों को कक्षा से बाहर ले जाकर उन्हें वास्तविक दुनिया के कौशल और कार्य के विभिन्न रूपों से जोड़ने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों से यहभी आग्रह कियाकि वे केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान प्रदान करने तकही सीमित न रहें, बल्कि बच्चों में श्रम की गरिमा जैसे मूल्यों को भी विकसित करने में सहयोग करें। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार और जयंत चौधरी भी उपस्थित थे।