लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं की साझा विरासत पर गर्व जताया
लोकसभा अध्यक्ष के साथ सेशेल्स के संसदीय शिष्टमंडल का संवादस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 3 September 2026 02:35:05 PM
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा और सेशेल्स के संसदीय शिष्टमंडल केसाथ संसद भवन परिसर में द्विपक्षीय संसदीय संवाद किया। ओम बिरला ने इसवर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन के दौरान अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा केसाथ हुई बातचीत का स्मरण करते हुए भारत की आध्यात्मिक परंपराओं विशेष रूपसे योग में उनकी गहरी रुचि की सराहना की। उन्होंने मां काली केप्रति अज़ारेल योलांडा के भक्तिभाव का भी उल्लेख किया। भारत और सेशेल्स की अटूट मित्रता का जिक्र करते हुए ओम बिरला ने सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ केसाथ दोनों देशों केबीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। उन्होंने कहाकि भारत सेशेल्स के संबंध राजनय की पारंपरिक सीमाओं से परे सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं, जो जीवंत भारतीय प्रवासी समुदाय के पोषित और दोनों देशों के लोगों के आपसी स्नेहपूर्ण संबंधों पर आधारित हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहाकि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और परंपराओं से दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध और मजबूत हुए हैं। उन्होंने विशेष रूपसे सेशेल्स में भारत की आध्यात्मिक परंपराओं विशेषकर योग केप्रति बढ़ती गहरी रुचि का उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय प्रशिक्षकों के माध्यम से सेशेल्स में योग को और अधिक लोकप्रिय बनाने में भारत के सहयोग का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालकी सेशेल्स यात्रा का उल्लेख करते हुए ओम बिरला ने प्रधानमंत्री और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ पैट्रिक हर्मिनी केबीच घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित किया। ओम बिरला ने संसदीय संवाद पर बल देते हुए दोनों देशों के विधानमंडलों केबीच सहयोग को और मजबूत करने तथा लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं की साझा विरासत को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
सेशेल्स की स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा के भारत केसाथ गहरे जुड़ाव के बारेमें ओम बिरला ने कहाकि उन्होंने संसदीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण ब्यूरो, जो अब प्राइड के नामसे जाना जाता है के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया था। ओम बिरला ने कहाकि भारत केसाथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव से अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा ने दोनों संसदों केबीच संबंधों को सुदृढ़ करने में सार्थक योगदान दिया है। सेशेल्स की नेशनल असेंबली के सदस्यों को भारतीय संसद का दौरा करने का निमंत्रण देते हुए ओम बिरला ने कहाकि ऐसे आदान प्रदान से उन्हें भारत की समृद्ध और जीवंत लोकतांत्रिक परंपराओं को करीब से अनुभव करने का अवसर मिलेगा। ओम बिरला ने बतायाकि भारत की संसद ने पेपरलेस संसद के दृष्टिकोण को अपनाया है और संसदीय कार्यवाही के 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद केलिए एआई का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल संसद सहित अत्याधुनिक तकनीक में भारत के महत्वपूर्ण निवेश और विधायी निकायों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के प्रयासों से अवगत कराया।
ओम बिरला ने भारत-सेशेल्स सहयोग में अपार संभावनाओं पर कहाकि भारत सेशेल्स मिलकर ग्लोबल साउथ की आवाज़ और आकांक्षाओं को अधिक सशक्त कर सकते हैं, सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक विश्वसनीय और महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। ओम बिरला ने 'विजन महासागर' के संदर्भ में दोनों देशों की साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संयुक्तराष्ट्र और बहुपक्षीय मंचों पर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता एवं समृद्धि केलिए दोनों देशों के घनिष्ठ सहयोग पर बल दिया। अज़ारेल अर्नेस्टा ने भारतीय संसद की अपनी पिछली यात्रा का स्मरण करते हुए कहाकि भारत उनके दिल के करीब है, भारत लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने कहाकि भारतीय, सेशेल्स में शुरुआत में बसने वाले प्रवासी हैं और भारतीय संस्कृति इस देश के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में गहराई से रची-बसी है। अज़ारेल अर्नेस्टा ने डिजिटलीकरण में भारत की उल्लेखनीय प्रगति और संसदीय कामकाज में प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग की सराहना की। इस अवसर पर सांसद डॉ डी पुरंदेश्वरी, सांसद अपराजिता सारंगी और सांसद हिमाद्रि सिंह भी उपस्थित थीं।