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'पूर्वोत्तर में रेल नेटवर्क का होगा विस्तार'

पूर्वोत्‍तर व्‍यवसाय की अंतर्राष्ट्रीय क्षमता का प्रदर्शन

दिल्ली में 11वां पूर्वोत्‍तर राज्य व्‍यवसाय सम्मेलन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 9 March 2017 06:10:50 AM

naveen verma addressing at the inauguration of the 11th north east business summit

नई दिल्ली। भारत के पूर्वोत्‍तर राज्यों के व्‍यवसायों और उनके अर्थव्यवस्‍था में महत्वपूर्ण योगदान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर परिलक्षित करने वाला 11वां पूर्वोत्‍तर व्‍यवसाय सम्‍मेलन आज नई दिल्‍ली में शुरू हुआ। इसमें पूर्वोत्‍तर के व्‍यवसाय की अंतर्राष्ट्रीय क्षमता का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें उद्योग जगत की भी प्रमुख रूप से भागीदारी है। दो दिन का यह सम्मेलन निवेश आकर्षित करने, पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की ताकतों और व्‍यवसाय अवसरों को रेखांकित करने की एक पहल है, जो पूर्वोत्‍तर क्षेत्र प्रस्‍तुत करता है। एनईबीएस का उद्देश्‍य दुनियाभर के निवेशकों के सामने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की अब तक दोहन न की गई व्‍यवसाय क्षमता को प्रदर्शित करना है।
पूर्वोत्तर सम्मेलन के शुभारंभ पर वीडियो संदेश के माध्यम अपने संबोधन में रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि पूर्वोत्तर के हस्तशिल्प एवं हथकरघा को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर दुनियाभर में बेचने के लिए जल्द ही एक ई-कॉमर्स पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग गोरखा पहाड़ी परिषद ने रेल नेटवर्क को दार्जिलिंग तक बढ़ाने के लिए पर्याप्त ज़मीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस रेल नेटवर्क को आने वाले समय में आगे सिक्किम तक भी पहुंचाया जाएगा। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव नवीन वर्मा ने संबोधित किया। नवीन वर्मा ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे ब्रॉड गेज नेटवर्क की तर्ज पर एक हरित गलियारा बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को उत्पाद प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बनाने के लिए तीव्र एवं विश्वसनीय पारगमन एवं माल ढोने के माध्यमों की आवश्यकता है।
पूर्वोत्तर मंत्रालय में सचिव नवीन वर्मा ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में उत्पादित बागवानी एवं कृषि उत्पादों का अधिकांश हिस्सा पूर्वोत्तर की सीमा से लगे देशों में निर्यात किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्राकृतिक उत्पादों के लिए मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने उद्यमियों से आग्रह करते हुए कहा कि निवेशक पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश का फायदा उठाएं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रीय मंत्रालयों ने अपने बजट का 10 फीसदी हिस्सा पूर्वोत्तर क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं के लिए तय किया है। उन्होंने एनईएसबी के आयोजकों का आह्वान किया कि वे अगला सम्मेलन पूर्वोत्तर क्षेत्र में ही आयोजित करें, ताकि इस क्षेत्र के भीतर मौजूद व्यावसायिक आदि अवसरों का दुनियाभर के समक्ष प्रदर्शन किया जा सके।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव अरुणा सुंदरराजन ने कहा कि भारत में कार्यरत सालाना करीब 155 बिलियन डॉलर के कारोबार वाले विभिन्न बीपीओ में सेवारत कर्मचारियों में करीब 20 फीसदी पूर्वोत्तर के लोग कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के अनुसार पूर्वोत्तर में स्थित तीन अन्य सॉफ्टवेयर तकनीकी पार्कों की इकाइयों से सरकार को उम्मीद है कि राजस्व के एक हिस्से को यहां से सृजित किया जाएगा, यह क्षेत्र खुद अपनी क्षमताओं के बल पर इस कार्य को अमलीजामा पहनाने में सफल होगा। औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के सचिव रमेश अभिषेक ने उद्योग जगत से अपील की कि वह पूर्वोत्तर औद्योगिक नीति कार्यक्रमों का फायदा उठाए। उन्होंने पूर्वोत्तर के राज्यों का आह्वान किया कि वे राज्यों के डीआईपीपी ऑनलाइन वास्तविक समय सूचकांक में अपनी रैंकिंग सुधारने का प्रयास करें। सम्मेलन में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
पूर्वोत्‍तर सम्मेलन में क्षेत्र की ताकतों, संभावनाओं एवं पहलों को प्रदर्शित करना, क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना और स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, अवसंरचना एवं सम्‍पर्क, कृषि एवं बागवानी, खाद्य प्रसंस्‍करण, सेवा क्षेत्र एवं ऊर्जा जैसे कार्यनीतिक क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करना उसका लक्ष्य है, जिससे कि इन क्षेत्रों में निवेश एवं व्‍यवसाय अवसरों और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में व्‍यवसाय करने की सरलता को रेखांकित किया जा सके और प्रमुख मुद्दों का समाधान किया जा सके। पूर्वोत्‍तर व्‍यवसाय सम्‍मेलन में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र को एक आदर्श व्‍यवसाय गंतव्‍य के रूप में बढ़ावा देने के लिए नियामकीय संरचनाओं एवं प्रोत्‍साहनों, पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में व्‍यापार एवं वाणिज्‍य के लिए प्रमुख संभावित क्षेत्रों को रेखांकित करने वाले केंद्रित सत्र हुए। अवसंरचना एवं सम्‍पर्क, आईटी एवं आईटीईएस, कृषि एवं बागवानी, खाद्य प्रसंस्‍करण, सेवा क्षेत्र एवं ऊर्जा पर क्षेत्रवार पैनल परिचर्चाएं आयोजित की गईं। सम्मेलन में आज सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी एवं उद्योग जगत की दिग्‍गज हस्‍तियों ने भी भाग लिया।

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