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नरेंद्र मोदी को उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान

'भारत उज़्बेकिस्तान की मज़बूत साझेदारी बनेगी मध्य एशिया की शक्ति'

उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति केसाथ वक्तव्य में साझा कीं द्विपक्षीय साझेदारियां

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Sunday 30 August 2026 06:07:34 PM

uzbekistan's highest honor for narendra modi

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उज़्बेकिस्तान में वहां के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव और नागरिकों ने पारंपरिक और गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च राज्य सम्मान 'ओली दाराजली डस्टलिक' से सम्मानित किया। उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति केसाथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव और उज़्बेकिस्तान के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि उज़्बेकिस्तान की यह उनकी चौथी यात्रा है और यह भारत उज़्बेकिस्तान केबीच संबंधों की निकटता, समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाती है। उन्होंने कहाकि एक दशक से उन्हें राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव केसाथ काम करने का सौभाग्य मिला है, इस दौरान वे उनसे दस से ज्यादा बार मिल चुके हैं, उनकी सकारात्मक और दूरदर्शी सोच और निरंतर सीखते रहने की भावना बहुतही प्रेरणादायक है। नरेंद्र मोदी ने भारत केप्रति शवकत मिर्ज़ियोयेव की अटूट मित्रता और प्रतिबद्धता केलिए उनका अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि उज़्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में है और इस क्षेत्र केसाथ भारत के जुड़ाव के केंद्र में भी है। उन्होंने कहाकि भारत व उज़्बेकिस्तान की सोच और आकांक्षाओं में गहरी समानता है, यंगी उज़्बेकिस्तान और विकसित भारत 2047 दोनों के केंद्र में युवा, इनोवेशन, समावेशी विकास और आधुनिक तकनीक हैं, इस साझा विजन पर चलते हुए हम दोनों देशों के लोगों की भलाई केलिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि इस वर्ष हमारी रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इस अवसर पर हमने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है, आज हमने हमारी साझेदारी के इस नए स्वरूप में तेज़ गति और ठोस परिणामों केसाथ आगे बढ़ने का महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने कहाकि हमारा द्विपक्षीय व्यापार एक बिलियन डॉलर पार कर चुका है, अब हमने 2030 तक पांच बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा है, इसके लिए हम बाज़ार तक पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और पेमेंट से जुड़े विषयों पर व्यवस्थागत रूपसे आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहाकि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में विन-विन सहयोग केलिए हम मिलकर काम करेंगे, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, ज़रूरी मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, स्पेस और नूक्लीअर एनर्जी में सहयोग हमारे संबंधों को भविष्य केलिए तैयार बना रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि कृषि और स्वास्थ्य में हमारी ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं, उज़्बेकिस्तान के बागवानी अनुभव और भारत की आधुनिक खेती के तरीके को जोड़कर हम दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा में योगदान देंगे। उन्होंने कहाकि उज़्बेकिस्तान की औषधीय जड़ी बूटियां और भारत की आयुर्वेद एक्स्पर्टीज़ भी एक प्राकृतिक संयोजन हैं। आज पारंपरिक चिकित्सा पर हुए समझौते से हमारे साझा प्रयासों को बल मिलेगा। उन्होंने कहाकि हमारा प्रयास हैकि हमारी साझेदारी केवल दो राजधानियों तक सीमित न रहे, इसलिए हम अपने शहरों और राज्यों केबीच पार्टनरशिप्स स्थापित करने जा रहे हैं, इनसे शहरी प्रबंधन, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति में सीधे संबंध निरंतर बढ़ते रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि दोनों देशों केबीच करीबी रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है, आनेवाले समय में हम दोनों देशों की रक्षा उद्योगों केबीच सीधे संबंध, सह उत्पादन और सह विकास को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहाकि हमारा मानना हैकि आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद पूरे क्षेत्र केलिए गंभीर चुनौती हैं, इनके विरुद्ध शून्य सहिष्णुता हमारा साझा संकल्प है और आगे भी रहेगा।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत और उज़्बेकिस्तान के संबंधों की सबसे गहरी जड़ें हमारी साझा विरासत में हैं, आज हमने इन्हें और मज़बूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहाकि उज़्बेकिस्तान की बौद्ध विरासत स्थल के संरक्षण के लिए हम मिलकर काम करेंगे, दोनों देशों के युवाओं विशेषकर छात्र और पेशेवर केबीच आदान प्रदान को बढ़ावा देना हमारी उच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहाकि दोनों देशों केबीच टुरिज़्म बढ़ाने केलिए आज सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनी है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि उन्हें खुशी हैकि उज़्बेकिस्तान में हिंदी भाषा को प्रमोट करने केलिए आज हम छात्रवृत्ति की घोषणा कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि खेल भी हमारे सहयोग के महत्वपूर्ण आयाम के रूपमें उभर रहा है, बीते वर्ष गोवा में बीस वर्षीय उज़्बेक ग्रैंडमास्टर सिंडारोव ने एफआईडीई वर्ल्ड कप जीता जीता था, अब नवंबर में उनका मुकाबला भारत केबीस वर्षीय शतरंज चैंपियन गुकेश केसाथ होने वाला है, एक बिसात पर जब ये दो युवा सितारे आमने-सामने होंगे तो ज़ाहिर हैकि इस मुकाबले पर पूरी दुनिया की नज़र होगी।
नरेंद्र मोदी ने अगले महीने समरकंद में होने जा रहे शतरंज ओलंपियाड केलिए शुभकामनाएं दीं और कहाकि आनेवाले समय में कुराश और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल भी हमारी स्पोर्ट्स साझेदारी को नई ऊर्जा देंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि आजकी चर्चा ने भारत उज़्बेकिस्तान के संबंधों के भविष्य की एक स्पष्ट दिशा तय की है। उन्होंने कहाकि भारत और उज़्बेकिस्तान की मज़बूत साझेदारी मध्य एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि केलिए एक शक्तिशाली ताकत साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि दो दिन बाद उज़्बेकिस्तान अपनी स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ मनाएगा और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव और नागरिकों को 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं।

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