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भारत के छात्रों व कहानीकारों के लिए स्कॉलरशिप

प्रधानमंत्री ने की प्रोफेशनल प्रोग्राम्स व सर्टिफिकेट कोर्स केलिए पहल

आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स देगा 100 छात्रों को स्कॉलरशिप

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 26 August 2026 04:25:22 PM

scholarships for students and storytellers from india

नई दिल्ली। भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और नेटफ्लिक्स छह प्रोग्राम्स में स्कॉलरशिप के ज़रिए भारतीय कहानीकारों की अगली पीढ़ी को सपोर्ट करेंगे। भारत के 100 छात्रों को स्कॉलरशिप देंगे, इसमें छह प्रोफेशनल प्रोग्राम्स, जिनमें दो एक वर्षीय डिप्लोमा और चार छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स पर 80 प्रतिशत तककी आर्थिक मदद दी जाएगी। स्कॉलरशिप में जिन छह कार्यक्रमों को शामिल किया गया है, उनमें इंटरैक्टिव कॉमिक्स एंड सीक्वेंशियल आर्ट्स और विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी में डिप्लोमा तथा वर्चुअल आर्ट डिपार्टमेंट कंटेंट क्रिएटिविटी, मीडिया टेक वर्कफ़्लो, आर्ट ऑफ कैरेक्टर एनिमेशन और ई-स्पोर्ट्स एंड गेमिंग मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स प्रमुख हैं। गौरतलब हैकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेटफ्लिक्स के सह सीईओ टेड सारंडोस केबीच 5 अगस्त 2026 को बैठक केबाद इस स्कॉलरशिप की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा थाकि भारत में कहानी कहने की एक समृद्ध परंपरा और रचनात्मक प्रतिभाओं का एक असाधारण भंडार है, जिसका उपयोग देश को कंटेंट क्रिएशन को मजबूत करने में किया जा सकता है। 'नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव' की तभी शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स इकोसिस्टम में अगली पीढ़ी के कहानीकारों को इंडस्ट्री के अनुकूल कौशल से लैस करके भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं के दायरे में निवेश करना है, जो भारत की 'ऑरेंज इकोनॉमी' के मुख्य चालकों में से एक है। यह स्कॉलरशिप पूरे भारत में छात्रों और कामकाजी पेशेवरों केलिए उपलब्ध है, जिसे आईआईसीटी के विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी और मीडिया टेक वर्कफ़्लो कार्यक्रमों का करिकुलम नेटफ्लिक्स के सुझावों केसाथ समकालीन इंडस्ट्री की कार्यप्रणालियों और वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव और आईआईसीटी बोर्ड के अध्यक्ष चंचल कुमार ने कहा हैकि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था एक निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने कहाकि जैसे-जैसे तकनीक कहानियों के सृजन के तरीके बदल रहे हैं, वैसेही अगली पीढ़ी की प्रतिभाओं को आकार देने वाले संस्थानों को भी उसीके अनुरूप विकसित होना होगा। उन्होंने बतायाकि आईआईसीटी की कल्पना भारत के विशाल रचनात्मक प्रतिभा भंडार और वैश्विक एवीजीसी-एक्सआर इंडस्ट्री की तेजीसे बदलती जरूरतों केबीच एक सेतु के रूपमें की गई थी। चंचल कुमार ने कहाकि दुनिया की बड़ी कंपनियों केसाथ पार्टनरशिप उस सेतु को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहाकि इस तरह के सहयोग से इंडस्ट्री का ज्ञान सीधे कक्षाओं तक पहुंचेगा और भारत की प्रतिभाओं को कल के रचनात्मक कार्यबल के रूपमें विकसित करने में मदद मिलेगी।
आईआईसीटी के सीईओ डॉ विश्वास देवस्कर ने कहाकि आईआईसीटी जैसे संस्थान का उद्देश्य केवल स्किल प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना हैकि वे स्किल इंडस्ट्री के विकास के अनुरूप प्रासंगिक बने रहें। डॉ विश्वास देवस्कर ने कहाकि नेटफ्लिक्स केसाथ यह सहयोग करिकुलम डिजाइन और प्रोफेशनल कार्यप्रणालियों से लेकर उन मानकों तक जिनकी छात्रों से अपेक्षा की जाती है, उस उद्योग के दृष्टिकोण को सीधे हमारे शैक्षणिक ढांचे में लाता है। उन्होंने कहाकि व्यवस्थित शिक्षा को सीधे इंडस्ट्री के सुझावों और वित्तीय सहायता केसाथ जोड़कर हमारा उद्देश्य प्रतिभाओं की एक ऐसी मजबूत पाइपलाइन तैयार करना है, जो भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था में योगदान देने केलिए पूरी तरह तैयार हो। फिक्की एवीजीसी-एक्सआर फोरम के अध्यक्ष मुंजल श्रॉफ ने कहाकि फिक्की-आईआईसीटी-नेटफ्लिक्स का यह सहयोग भारत के एवीजीसी-एक्सआर सेक्टर केलिए भविष्यानुकूल कार्यबल तैयार करने की दिशा में इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से प्रतिभा विकास की ओर एक बड़े बदलाव का प्रतीक है।
आईआईसीटी, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी सेक्टर केलिए भारत का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, फिक्की और सीआईआई की साझेदारी में स्थापित किया गया है। यह संस्थान वर्तमान में मुंबई के पैडर रोड स्थित एनएफडीसी कॉम्प्लेक्स से संचालित होता है, जबकि गोरेगांव की फिल्म सिटी में इसके 10 एकड़ के स्थायी परिसर का विकास किया जा रहा है। स्कॉलरशिप और कार्यक्रमों के बारेमें अधिक जानकारी iict.org पर उपलब्ध है।

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