स्वतंत्र आवाज़
word map

भारत मॉरीशस में प्रशासनिक सुधारों पर सहयोग

मॉरीशस मंत्री ने की भारत केसाथ और सहयोग विस्तार की शुरूआत

भारत और मॉरीशस में जन संबंधों का एक विशेष रिश्ता-जितेंद्र सिंह

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 24 August 2026 06:48:44 PM

india-mauritius cooperation on administrative reforms

नई दिल्ली। मॉरीशस गणराज्य के लोकसेवा एवं प्रशासनिक सुधार मंत्री लुचमनह राज पेंटिया ने आज यहां कर्तव्य भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। उनके साथ एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। मुलाकात का उद्देश्य लोकसेवा, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में भारत-मॉरीशस सहयोग को और ज्यादा मजबूत करना है, जिसमें दोनों देशों केबीच सतत संस्थागत जुड़ाव और विशेषज्ञता का आदान प्रदान हो। डॉ जितेंद्र सिंह ने लुचमनह राज पेंटिया से कहाकि व्यापक प्रशिक्षण अवसरों, सार्वजनिक सेवा संस्थानों केबीच मजबूत संबंधों और शासन, प्रशासनिक सुधारों और प्रौद्योगिकी आधारित सार्वजनिक सेवा वितरण में भारत के अनुभव को अधिक साझा करने के माध्यम से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहाकि भारत और मॉरीशस में गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन संबंधों का एक विशेष रिश्ता है और लोक प्रशासन तथा क्षमता निर्माण आगे सहयोग केलिए स्वाभाविक क्षेत्र प्रदान करते हैं। उन्होंने कहाकि भारत ने मॉरीशस के लोकसेवकों की क्षमताओं को विकसित करने में निरंतर सहयोग दिया है, वर्तमान सहयोग एक अधिक संरचित और स्थायी संस्थागत साझेदारी का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहाकि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरीशस यात्रा पर हुए समझौते के तहत राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के माध्यम से पांच वर्ष में 500 मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, प्रथम बैच पहले ही मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका है। उन्होंने कहाकि यह पहल व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रमों से परे भारत और मॉरीशस की सार्वजनिक सेवाओं केबीच गहन और सतत सहयोग केलिए एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
बैठक का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में लगे अग्रणी भारतीय संस्थानों जैसे-लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान और सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान केसाथ एबीवीआईपीएसआई के मजबूत संस्थागत संबंधों का विकास करना था। प्रस्तावित क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम डिजाइन, संकाय और प्रशिक्षण क्षमता निर्माण, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, एक्सपोजर कार्यक्रम, प्रशिक्षण पद्धतियों का साझाकरण, केस स्टडीज का विकास और संयुक्त अनुसंधान शामिल हैं। कार्मिक राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहाकि हालही में शुरू किया गया iGOT कर्मयोगी मॉरीशस प्लेटफॉर्म मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों के सतत डिजिटल शिक्षण और क्षमता निर्माण केलिए एक मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कहाकि भारतीय और मॉरीशस के संस्थान मिलकर शिक्षण मार्ग विकसित कर सकते हैं, सामग्री का संकलन कर सकते हैं और मॉरीशस के शासन के अनुभवों और केस स्टडी को देश की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण संसाधनों में शामिल कर सकते हैं। बैठक में भारत सरकार और मॉरीशस गणराज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, अटल बिहारी वाजपेयी लोकसेवा एवं नवाचार संस्थान के प्रतिनिधियों और भारत में मॉरीशस की उच्चायुक्त शीला बप्पू ने लोक प्रशासन में सहयोग बढ़ाना, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा और लोकसेवा नवाचार था। बैठक में पारंपरिक सिविल सेवा प्रशिक्षण से आगे बढ़कर व्यावसायिक क्षमता निर्माण के व्यापक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया। आईआईपीए ने सार्वजनिक प्रशासन, शासन, नेतृत्व और सार्वजनिक नीति के क्षेत्रमें अल्पकालिक व दीर्घकालिक कार्यक्रमों केलिए एबीवीआईपीएसआई केसाथ सहयोग का प्रस्ताव रखा है। एबीवीआईपीएसआई के संकाय और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण और मॉरीशस के वैज्ञानिक व तकनीकी अधिकारियों केलिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी प्रस्ताव है।
आईआईपीए ने संयुक्त अनुसंधान और परामर्श, सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन, संकाय और शोधकर्ताओं की क्षमता निर्माण, ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और मॉड्यूल के विकास और संकाय एवं कर्मचारी आदान प्रदान में सहयोग का प्रस्ताव रखा है। एलबीएसएनएए ने मॉरीशस के सिविल सेवकों केलिए उपयुक्त मध्य करियर और सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने और मॉरीशस की क्षमता निर्माण आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों के संयुक्त डिजाइन केलिए अवसरों का उल्लेख किया। लुचमनाह राज पेंटिया ने मॉरीशस को भारत के निरंतर समर्थन का स्वागत किया और संस्थागत सहयोग के और विस्तार की मांग की। उन्होंने प्रस्ताव दियाकि एनसीजीजी की टीमें प्रशिक्षकों और मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और कर्मयोगी भारत मंच के अधिक प्रभावी उपयोग में सहयोग करने केलिए मॉरीशस का दौरा करें। उन्होंने कहाकि चार मिशनों के माध्यम से 85 मॉरीशस के अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है और मॉरीशस की ओर से मॉरीशस में आगे के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुविधाजनक बनाने की तत्परता व्यक्त की।
मॉरीशस के मंत्री ने हिंद महासागर और पूर्वी अफ्रीका क्षेत्र केलिए सार्वजनिक सेवा शिक्षण और नवाचार के उत्कृष्टता केंद्र के रूपमें एबीवीआईपीएसआई के विकास में भारत के निरंतर समर्थन का भी अनुरोध किया। उन्होंने भारतीय संस्थानों को मॉरीशस के प्रस्तावित सुशासन प्रबंधन पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने केलिए आमंत्रित किया और भारतीय संस्थानों केसाथ गहन शैक्षणिक और संस्थागत संबंध स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। दोनों पक्षों ने नीली अर्थव्यवस्था, समुद्री प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन, विलवणीकरण और सतत विकास सहित दोनों देशों से संबंधित उभरते क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की। इन क्षेत्रों में विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम, विशेषज्ञों का आदान प्रदान और संयुक्त शिक्षण पहल भारत मॉरीशस सहयोग के नए रास्ते खोल सकते हैं। चर्चाओं में सार्वजनिक प्रशासन और क्षमता निर्माण में भारत-मॉरीशस सहयोग को मजबूत संस्थागत साझेदारी और सतत प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से एक नए स्तर पर ले जाने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। यह साझेदारी 500 अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, एबीवीआईपीएसआई, आईजीओटी कर्मयोगी मॉरीशस और मॉरीशस तथा भारतीय प्रशिक्षण संस्थानों केबीच उभरते संबंधों पर आधारित होगी।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]