इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में देश की उपलब्धियों पर चर्चा
'अर्थव्यवस्था के वैश्विक उतार चढ़ाव से विश्व के सभी देश प्रभावित'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 22 August 2026 04:22:58 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हैकि अर्थव्यवस्था के वैश्विक उतार चढ़ाव ने यह साबित कर दिया हैकि विश्व के देशों का भविष्य आपस में जुड़ा हुआ है और भारत हमेशा इसी भावना केसाथ आगे बढ़ा है, यही कारण हैकि भारत का जी-20 मंत्र ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ था। उन्होंने कहाकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भारत को विकास और उम्मीद की किरण के रूपमें देखता है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि साझा भविष्य की यह भावना और इसके साथ जुड़ी जिम्मेदारी 21वीं सदी की दुनिया की कई समस्याओं का समाधान करती है। उन्होंने इकोनॉमिक टाइम्स के वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 में ‘साझा भविष्य’ विषय के महत्व और प्रासंगिकता बतलाते हुए विकास हथियार के रूपमें संसाधनों के उपयोग और बढ़ते अविश्वास पर वैश्विक चिंताओं का भी जिक्र किया। नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में घोषित सप्तधारा यानी मैनुफैक्चरिंग, प्रौद्योगिकी और हरित अर्थव्यवस्था सहित सात प्रमुख क्षेत्रों पर सरकार के ध्यान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहाकि भारत नीतिगत स्तरपर अगली पीढ़ी केलिए सुधार कर रहा है और ये सुधार हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान आर्थिक माहौल की तुलना अतीत की प्रतिबंधात्मक नीतियों से करते हुए लाइसेंस राज की प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट (पीएलपी) की अवधारणा को मजाकिया अंदाज में समझाया। उन्होंने कहाकि उस दौर में कंपनियों को निर्धारित सीमा से अधिक उत्पादन करने पर दंडित और माल नष्ट करने केलिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने पिछली सरकारों की उस मानसिकता की आलोचना की, जो जानबूझकर कमी बनाए रखती थी, ताकि नागरिक उनपर निर्भर रहें, इससे रोज़गार सृजन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नरेंद्र मोदी ने कहाकि इस मानसिकता वाले लोग हमेशा चाहते थेकि जरूरी चीज़ों की भारी कमी बनी रहे, नागरिकों को अभाव में रखना उनकी सोची समझी नीति थी। नरेंद्र मोदी ने कहाकि जहां पुरानें लाइसेंस राज के सजा मॉडल ने बेरोज़गारी बढ़ाई, वहीं हमारा प्रोत्साहन मॉडल लाखों नए रोज़गार पैदा कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने देश के तेज विकास का श्रेय राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता को देते हुए प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित एक स्पष्ट रोडमैप पेश किया। उन्होंने ‘अनुमति नहीं मिलने तक प्रतिबंधित’ के रवैये की जगह अपनाए गए ‘प्रतिबंधित नहीं होने तक अनुमति’ के आधुनिक दृष्टिकोण को समझाया, जिससे बार-बार नौकरशाही की अनुमति लेने की जरूरत काफी कम हो गई है। उन्होंने कहाकि सरकार और नागरिकों केबीच संबंध का मूल आधार गहरा विश्वास हो, संदेह नहीं। नरेंद्र मोदी ने जन विश्वास विधेयक का जिक्र किया, जिसके जरिए कई छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर कैद की सजा की जगह आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने उद्योगों पर बोझ कम करने केलिए 40000 से अधिक अनुपालनों को हटाने और 1500 से अधिक पुराने कानूनों को खत्म करने की बात भी की। नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक विरोध के बावजूद कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए मानसून सत्र में ‘बैंक्स बुक्स साक्ष्य विधेयक’ के पारित होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहाकि 19वीं सदी के ब्रिटिश कानून की जगह डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता देने वाला आधुनिक कानून से जटिलताएं कम होंगी और व्यापार की सुगमता को बढ़ावा मिलेगा।
नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे में बड़े पैमाने पर सुरक्षा सुधारों का ज़िक्र किया। उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल और दिल्ली मेट्रो का उल्लेख किया, जो न्यूयॉर्क, हांगकांग और पेरिस की प्रणालियों का मुकाबला करते हुए 99.9 प्रतिशत समय पर चलने का शानदार रिकॉर्ड बनाए हुए हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह सिर्फ़ मेट्रो और नमो रैपिड रेल के समय पर चलने की कहानी नहीं है, यह तेज़ीसे बदलते भारत की गौरवशाली पहचान है। उन्होंने बतायाकि सरकार देश पर पाबंदी वाले नियम थोपने के बजाय देश की ज़रूरतों के हिसाब से ऐसी नीतियां बना रही है, जो आगे की सोच रखने वाली, लोगों के हित में और विकास को बढ़ावा देने वाली हैं। उन्होंने उस अजीब स्थिति का ज़िक्र किया, जब भारत के अपने नागरिकों केलिए देश का नक्शा बनाना गैर कानूनी था और बतायाकि कैसे भू-स्थानिक डेटा के नियमों में ढील देने से स्टार्टअप्स के विकास में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। प्रधानमंत्री ने खेती, रक्षा और कंटेंट बनाने जैसे क्षेत्रों में भारत के ड्रोन उद्योग की ज़बरदस्त बढ़ोतरी का ज़िक्र किया और कहाकि यह सब पहले के कड़े नियमों के तहत बिल्कुल भी मुमकिन नहीं था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि हमने ड्रोन उड़ाने को पूरी तरह से बंदिशों से आज़ाद किया और आज भारत का ड्रोन उद्योग अभूतपूर्व ऊंचाइयां छू रहा है। प्रधानमंत्री ने गर्व केसाथ बतायाकि सीमा सड़क संगठन ने अकेले 2024 और 2025 में देश को 250 अवसंरचना परियोजनाएं समर्पित कीं। प्रधानमंत्री ने 'शांति विधेयक' की बात की, जिसने परमाणु ऊर्जा को निजी क्षेत्र केलिए सफलतापूर्वक खोल दिया और 40 से अधिक आयुध कारखानों के 7 आधुनिक कॉर्पोरेट कंपनियों में बदलने के ऐतिहासिक बदलाव का भी ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज भारत अपनी रक्षा ज़रूरतों केलिए तेज़ी से आत्मनिर्भर बन रहा है और हमारा रक्षा निर्यात व्यापक रूपसे बढ़ा है। 'ईज ऑफ लिविंग' का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ध्यान दिलायाकि डिजिटल प्रगति चाहे किराना सामान ऑर्डर करना हो, क्यूआर कोड स्कैन करना हो या तुरंत एक से दूसरे को पैसे ट्रांसफर करना हो सामान्य भारतीय जीवन का एक साधारण, लेकिन क्रांतिकारी हिस्सा बन चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारतीय मध्यम वर्ग ने जो बड़े बदलाव देखे हैं, वे कई विकसित देशों में भी अभीतक एक दूर का सपना ही हैं। उन्होंने कहाकि देश में दुनिया का सबसे सस्ता डेटा और सबसे तेज़ी से 5जी रोलआउट हो रहा है। उन्होंने आधार को मोबाइल और बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की तारीफ़ की, जिससे आसानी से ई-केवाईसी और डिजिटल प्रमाणीकरण हो पाता है और बैंक खाता खोलने से आयकर रिटर्न दाखिल करने तक सबकुछ बदल गया है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज अगर आपको बैंक खाता खोलना है तो सरकार सीधे बैंक को ही आपके पास ले आई है। प्रधानमंत्री ने ई-संजीवनी प्लेटफ़ॉर्म की तारीफ़ की, इस प्लेटफ़ॉर्म ने डॉक्टर से ऑनलाइन सलाह को मुमकिन बनाया है और उन मरीज़ों तक ज़रूरी हेल्थकेयर सेवाएं सीधे उनकी स्क्रीन पर पहुंचाई हैं, पहले उन्हें इसके लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज डॉक्टर आसानी से मरीज़ों के घर पर सीधे उनकी स्क्रीन पर मौजूद हैं, हवाई अड्डों पर 'डिजी यात्रा' का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल, हाईवे पर फास्टैग, जिससे बिना रुके और आसानी से यात्रा करना मुमकिन हुआ है।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि समय की भारी बचत हो रही है, ज़िंदगी काफ़ी आसान हो रही है और करोड़ों लोग सुरक्षित रूपसे अपनी प्रगति पर ध्यान दे पा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि देश में वास्तविक बदलाव केलिए ऐसे फ़ैसले लेने की ज़रूरत है, जिनका असर लंबे समय तक रहे, न कि ऐसे फ़ैसले जो सिर्फ़ तुरंत चुनावी फ़ायदा पहुंचाएं। नरेंद्र मोदी ने 'पीएम कुसुम' योजना और 'पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली' योजना का ज़िक्र किया, जिनसे किसानों और मध्यम वर्ग को लंबे समय तक बहुत फ़ायदा मिलता है। उन्होंने 'सूर्य घर' योजना के गहरे सामाजिक-आर्थिक असर बताए, जिससे परिवार न सिर्फ़ अपने बिजली के बिल खत्म कर रहे हैं, बल्कि ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलायाकि प्रशासन की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने केलिए तेज़ी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने भरोसा जतायाकि देश की प्रगति की राह सुरक्षित होने से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भी ज़बरदस्त स्थिरता आएगी। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों का आभार जताते हुए कहाकि भारत जितना ज़्यादा स्थिर और उसका भविष्य जितना सुरक्षित होगा, दुनिया को सुरक्षा का एहसास देने की उतनी ही ज़्यादा शक्ति यहां से पैदा होगी।