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स्‍वस्‍थ जीवन में आयुर्वेद की खास जगह-कोविद

पंडित रामनारायण शर्मा राष्‍ट्रीय आयुर्वेद पुरस्‍कार प्रदान किए

'भारत के जंगल पहाड़ व गांव औषधीय जड़ी-बूटियों का स्रोत'

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Tuesday 5 December 2017 01:56:35 AM

ramnath kovid with recipients of pt. ramnarayan sharma national ayurved award

नई दिल्ली। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविद ने वर्ष 2008-2014 के लिए पंडित रामनारायण शर्मा राष्‍ट्रीय आयुर्वेद पुरस्‍कार प्रदान किए। राष्‍ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद स्‍वस्‍थ जीवन के लिए एक पूर्ण चिकित्‍सा प्रणाली है, इसमें शारीरिक, मानसिक, अध्‍यात्‍मिक और सामाजिक पहलुओं और उनके आपस में संपर्कों के बारे में एकीकृत दृष्‍टिकोण अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और योग, मस्‍तिष्‍क और शरीर के बीच संबंधों के अन्‍वेषण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्‍वस्‍थ जीवनशैली में प्राचीनकाल से ही आयुर्वेद का एक खास स्‍थान रहा है, जो इस आधुनिक युग में भी स्वास्‍थ्य लाभ में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस विचार में बहुत दम है कि स्‍वस्‍थ मन का सीधा संबंध स्‍वस्‍थ मस्‍तिष्‍क से है।
राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को मनुष्‍य के व्‍यक्‍तित्‍व के दोनों पहलुओं-मानसिक और शारीरिक पर ध्‍यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्‍साहित करना चाहिए। राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत के जंगल, पहाड़ और गांव औषधीय वनस्‍पतियों और जड़ी-बूटियों का प्रमुख स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि देश की 90 प्रतिशत औषधीय वनस्‍पति और जड़ी-बूटियां जंगलों से मिलती हैं, हमारे जंगलों में 5,000 प्रकार से अधिक जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस बहुमूल्‍य संसाधन का संरक्षण और उसे बचाना बेहद आवश्‍यक है एवं लोगों को औषधीय वनस्‍पतियों और जड़ी-बूटियां का संरक्षण करने के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। आयुर्वेद विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से लोगों को प्रभावित कर रही हैं और दुनिया वैकल्‍पिक औषधियों के लिए भारत की ओर देख रही है, यहां आयुर्वेद महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रामनाथ कोविद ने कहा कि ऐसी बीमारियों की रोकथाम, इलाज और उनके प्रबंधन के लिए आयुर्वेद को एक शक्‍तिशाली माध्‍यम के रूपमें स्‍थापित करने में विशेषज्ञों की बड़ी जिम्‍मेदारी है। आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा प्रणालियों में से एक है। यह ऋग्वेद का उपवेद है, यह विज्ञान, कला और दर्शन का मिश्रण है। आयुर्वेद का शाब्दिक अर्थ है-जीवन या आयु का ज्ञान अथवा विज्ञान। पंडित रामनारायण शर्मा राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार की शुरूआत 1982 में रामनारायण वैद्य आयुर्वेद अनुसंधान ट्रस्‍ट ने की थी। पुरस्‍कार के रूपमें हर वर्ष एक जाने-माने आयुर्वेदिक विद्वानों को सम्‍मानित किया जाता है। पुरस्‍कार के रूपमें 2 लाख रुपये नकद, भगवान धनवंतरि की चांदी की प्रतिमा और एक प्रशस्‍ति पत्र दिया जाता है।

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