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ग्रामीण युवाओं को प्रोत्साहन दें-उपराष्ट्रपति

बीआईएसटी की रजत जयंती पर सलाह शिख़र सम्मेलन

'ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका के बेहतर अवसरों की जरूरत'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 10 November 2017 01:46:15 AM

vice president m. venkaiah naidu

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने से आकांक्षी ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकती है। उपराष्ट्रपति भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट यानी बीआईएसटी की रजत जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय सलाह शिख़र सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन की थीम थी-‘समावेशी विकास के लिए युवा ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहन’। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण भारत तेजी से बदल रहा है, ग्रामीण युवा नवीन जानकारियों से वाकिफ़ हैं, कुछ नया सीखने को उत्सुक हैं, उनमें उद्यमिता की भावना है और उनमें वैश्विक आकांक्षाएं भी मौजूद हैं।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार समावेशी विकास को बढ़ावा देने तथा भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन आदि का उद्देश्य नवोन्मेषी वतावरण को समर्थन प्रदान करना है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शहरी जीविका मिशन का लक्ष्य शहरी गरीब परिवारों को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करना तथा उन्हें कौशल प्रदान करके उनकी आय को बढ़ाना है, ताकि शहरी ग़रीबी का उन्मूलन हो सके। उन्होंने कहा कि यह नीति इस विश्वास पर आधारित है कि ग़रीब लोगों में उद्यमिता की क्षमता मौजूद है और वे ग़रीबी से बाहर आना चाहते हैं, उनकी क्षमताओं का उपयोग करते हुए एक सार्थक एवं सतत जीविका के अवसर उपलब्ध करना एक चुनौती है।
वेंकैया नायडू ने कहा कि ऋण, तकनीक के फायदे तथा विपणन तक पहुंच से संबंधित बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यमिता संस्कृति के विकास में बीवाईएसटी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि चुनौती यह है कि किन तरीकों से ग्रामीण उद्यमियों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न रहें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका के बेहतर अवसरों का तेजी से सृजन किया जाना चाहिए। सम्मेलन में प्रिंस चार्ल्स और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

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