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वायुसेना की स्थापना के 85 वर्ष पूर्ण हुए

बमरौली में हर्षोल्लास से मनाया गया वायुसेना दिवस

एयर मार्शल ने दिलाई निष्ठा और सेवाभाव की शपथ

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 8 October 2017 03:26:54 AM

air marshal sbp sinha addressing the air warriors

बमरौली (इलाहाबाद)। भारतीय वायुसेना मध्य कमान ने यहां वायुसेना की 85वीं वर्षगांठ को हर्षोल्लास से मनाया। इस मौक पर भारतीय वायुसेना के सम्मान में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें पूर्ण सैन्य परंपरा के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अनुसार प्रात:काल मध्य वायुकमान के युद्ध स्मारक पर श्रद्धासुमन चढ़ाए गए, जिसमें मध्य वायुकमान के वायु ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा ने राष्ट्र के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदी बिगुल की ध्वनि के साथ गारद ने शस्त्र को उल्टाकर सलामी दी, सभी सैन्यकार्मिकों ने दो मिनट का मौन रखा।
एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा ने हॉलो स्कवायर परेड में असैनिक कार्मिकों और सभी वायुयोद्धाओं को राष्ट्रसेवा में पुन: समर्पित होने के लिए निष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने मध्य वायुकमान के कार्मिकों तथा उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं कीं। एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा ने मध्य वायुकमान को उपलब्धियों के मुकाम तक पहुंचाने और सामरिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में योगदान हेतु कमान मुख्यालय के सेवाकर्मियों के प्रयासों की सराहना की। एयर मार्शल ने कहा कि भारतीय वायुसेना आधुनिकता के मार्ग पर अग्रसर है, ऐसी स्थिति में उपलब्ध साजोसामान की सही देखरेख, प्रशिक्षण और संसाधनों के सटीकतम उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने अति महत्वपूर्ण पहलुओं वायु अंतरिक्ष सुरक्षा, समुचित अनुरक्षण अभ्यास, भौतिक और साइबर सुरक्षा तथा अनुशासन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये सभी मुद्दे भारतीय वायुसेना की संक्रियात्मक क्षमता के अपरिहार्य अंग हैं, जिनपर प्रत्येक वायुयोद्धा को हर समय अपने मस्तिष्क में सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने टीम वर्क की महत्ता पर बल दिया और पर्यवेक्षकों से अपील की कि युवा वायुसैनिकों को पूर्ण अनुशासित वायुयोद्धा के रूपमें ढालने हेतु उन्हें भरपूर प्रशिक्षण तथा मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जाए। एसबीपी सिन्हा ने इस अवसर पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ ‌कोविद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा राज्यमंत्री और वायु सेनाध्यक्ष की तरफ से शुभकामना संदेश भी पढ़कर सुनाए।
वायुसेना दिवस का शुभारंभ 'रन फार फन' के आगाज़ के साथ 24 सितंबर को शुरू हुआ था, जिसमें समस्त वायुयोद्धा और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया था। एक नवोन्मेशी मेला भी आयोजित किया गया था, जिसमें अनेक प्रकार की दुकानें और विभिन्न प्रकार की आकर्षक वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। मध्य वायुकमान मुख्यालय तथा वायुसेना स्टेशन बमरौली के मध्य 27 और 28 सितंबर को वॉलीवाल एवं बास्केट वॉल के मैच भी हुए। वायुसेना स्टेशन बमरौली के स्टेशन मेडिकेयर सेंटर में 3 अक्टूबर को सेवानिवृत्त वरिष्ठ वायु योद्धाओं हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। यह स्वास्थ्य शिविर उन वरिष्ठ वायु योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता का भाव समर्पित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था, जिन्होंने मध्य वायुकमान को आधुनिक स्वरूप प्रदान कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वायुसेना दिवस पर इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य है-वायु योद्धाओं और उनके परिजनों के अंतर्मन में स्वाभिमान की अवधारणा को विस्तारित करना, ताकि वे वायुसेना के सहभागी सदस्य के रूपमें गौरव का अनुभव कर सकें। आठ अक्टूबर 1932 को अस्तिव में आई भारतीय वायुसेना अपनी शालीन शुरूआत से लंबा सफर तय करते हुए आज विश्व की सर्वश्रेष्ठ, शक्तिमान तथा अपराजेय वायुसेनाओं में अपना महत्वपूर्ण स्थान बना चुकी है। आज भारतीय वायुसेना अपनी संक्रियात्मकता, सक्षमता तथा कोर वैल्यू-'मिशन, इंटिग्रिटी एंड एक्सेलेंस' के रूप में पहचानी जाती है। बहुतायत रूपसे कई राज्यों तक फैले इस देश के वृहदाकार भूभाग के आसमान से सजग निगरानी के लिए मध्य वायुकमान मुख्यालय की संक्रियात्मक उपलब्धियों का एक लंबा इतिहास है तथा अब यह एक नए युग में वायु अंतरिक्ष शक्ति के रूपमें अपना वर्चस्व स्थापित कर चुकी है। एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा के नेतृत्व में पुरुष और महिलाओं के दल ने राष्ट्र की सुरक्षा में वायुसेना के सर्वतोमुखी प्रयास में पूर्ण समर्पण तथा सत्यनिष्ठा के साथ योगदान देने की शपथग्रहण की।

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