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वैश्विक मित्रों! भारत के साथ जुड़िए-राष्ट्रपति

भारत और इथियोपिया बिजनेस डायलॉग में किया आह्वान

एक्‍सुमाइट साम्राज्‍य के समय से भारत के कारोबारी संबंध

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 6 October 2017 04:21:05 AM

president ramnath kovid and the president of ethiopia dr. mulatu teshome

अदीस अबाबा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने अपनी इथियोपिया यात्रा में अदीस अबाबा शहर में भारतीय बिजनेस फोरम की 12वीं वर्षगांठ पर भारत इथियोपिया बिजनेस डायलॉग में व्‍यावसायि‍क समुदाय को संबोधित करते हुए भारत के वैश्विक मित्रों से कहा है कि भारत के साथ जुड़ने का इससे बेहतर कोई समय नहीं है। उन्होंने कहा कि इथियोपिया और भारत युवा आबादी के साथ पुरानी सभ्‍यताएं हैं। उन्होंने कहा कि इथियोपिया मानवता का पालना है। उन्होंने कहा कि निरंतर मित्रता और प्राचीन सभ्‍यता के कारण भारत के राष्‍ट्रपति का पदभार संभालने के बाद मेरी विदेश यात्रा का फोकस इथियोपिया रहा। उन्होंने कहा कि दोनों देश सदियों से एक-दूसरे के साथ व्‍यापार करते रहे हैं, पहली शताब्‍दी से प्राचीन एक्‍सुमाइट साम्राज्‍य के दौरान इथियोपिया और भारत के कारोबारी संबंध फूले-फले। उन्होंने कहा कि हमारे वाणिज्यिक संबंध का पुराना दर्ज साक्ष्‍य आदूलिस के प्राचीन रेड-सी-पोर्ट पर भारत के व्‍यापारियों का सोना और हाथी दांत के लिए सिल्‍क और मसालों का कारोबार करने के लिए आना रहा है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि 19वीं शताब्‍दी में भारत के पश्चिमी राज्‍य गुजरात के व्‍यापारी इस समृद्ध और उपजाऊ भूमि पर बसने आए। उन्होंने कहा कि हाल के वर्ष में इथियोपिया के आर्थिक विकास और प्रगति की पूरे विश्‍व में सराहना हुई है और मुझे यह कहते प्रसन्‍नता है कि व्‍यापार वाणिज्‍य, निवेश तथा विशेषज्ञता आदान-प्रदान के माध्‍यम से भारत सहयोगी रहा है, साथ ही इथियोपिया में सक्रिय भारतीय व्‍यावसायिक समुदाय की उपस्थिति से भी यह साझेदारी झलकती है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय बिजनेस फोरम भारतीय निवेश को प्रोत्‍साहित करने और भारत-इथियोपिया के बीच व्‍यापार प्रोत्‍साहित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और यह फोरम इथिपोपिया में अपनी तरह का पहला पार्टनर कंट्री फोरम है, जो 100 से अधिक भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधित्‍व करता है। उन्होंने कहा कि भारत अभी इथियोपिया के शीर्ष तीन विदेशी निवेशकों में शामिल हुआ है, भारत ने कपड़ा और परिधान, इंजीनियरिंग, प्‍लास्टिक, जलप्रबंधन, कंसल्‍टेंसी तथा आईसीटी शिक्षा, फर्मास्‍यूटिकल्‍स तथा स्‍वास्‍थ्‍य में सराहनीय निवेश किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इथियोपिया में भारतीय निवेश की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग तथा स्‍थानीय संसाधनों के मूल्‍यवर्द्धन में अच्‍छी उपस्थिति है। रामनाथ कोविद ने कहा कि भारतीय निवेश से इस देश में रोज़गार सृजन हुआ है और निवेश ने इथियोपियाई परिवारों की समृद्धि में योगदान किया है। रामनाथ कोविद ने कहा कि अफ्रीकी देशों में इथियोपिया भारत से रियायती दर पर सबसे अधिक ऋण पाने वाला देश है, बिजली ट्रांसमिशन तथा गन्‍ना क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए एक बिलियन डॉलर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि यहां भारतीय निवेश की प्रशंसा की जाती है और उसे अनुकरणीय मॉडल माना जाता है। उन्होंने कहा कि इथियोपिया के साथ भारत की द्विपक्षीय साझेदारी गहरी और व्‍यापक है, सात दशकोंमें हमारे राजनयिक संबंध से मानवीय गतिविधि के सभी पक्षों में सहयोग में मदद मिली है, दोनों देशों की सरकारों ने भविष्‍य के लिए व्‍यापार और आर्थिक संबंध को प्राथमिक रूपसे चिन्हित किया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संबंधों में व्‍यापार, निजी निवेश, आधारभूत संरचनाओं के लिए रियायती ऋण तथा व्‍यापक रूपसे क्षमता सृजन के लिए विकास सहायता शामिल है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अपनी उत्‍सा‍ही यात्रा के प्रारंभिक चरणों में है, भारत में कारोबारी सहजता लाने के लिए वस्‍तु और सेवा कर जैसी महत्‍वाकांक्षी नीति लागू की गई, जीएसटी ने भारतीय बाजार को एकीकृत कर दिया है, अब तक विभिन्‍न राज्‍यों और कर क्षेत्राधिकारों में बंटे हुए थे, मेक इन इंडिया तथा स्‍टार्टअप इंडिया जैसे अपने अग्रणी कार्यक्रमों के अंतर्गत हमने विश्‍व से टेक्‍नोलॉ‍जी, निवेश तथा श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों को आकर्षित करने का प्रयास किया है। उन्‍‌होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्रों में हमारे कार्यक्रम हमारे युवाओं का कौशल विकास और सभी को मकान उपलब्ध कराने तथा बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के कार्यक्रम नए अवसर जुटा रहे हैं और त्वरित विकास की गति का सृजन कर रहे हैं, हम स्वेच्छा से प्रौद्योगिकी और डिजिटल समाधानों को अपना रहे हैं और हम इनका अपने सबसे वंचित नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों और पहलों का उद्देश्य देश में बदलाव लाने और नए भारत की नींव रखना है। फिर भी, हम बहुत कुछ सीख सकते हैं और विश्व के साथ विशेष रूप से इथियोपिया जैसे विकासशील सहयोगी देशों के साथ साझा कर सकते हैं।
रामनाथ कोविद ने कहा कि भारत और इथियोपिया दोनों ही देशों की जनसंख्या युवा है, हमारे युवा हमारे सबसे बड़े संसाधन हैं, लेकिन उनकी क्षमता का लाभ उठाने के लिए हमें उन्हें शिक्षित करने और आवश्यक कौशल से युक्त बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए मानव पूंजी के निर्माण तथा उसे 21वीं सदी की आर्थिक वास्तविकताओं से सुसज्जित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक ही समान जनसांख्यिकीय रूपरेखा होने के कारण भारत और इथियोपिया दोनों के ही सामने आबादी के स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित एक ही तरह की चुनौतियां हैं। भारत इथियोपिया सहित अफ्रीकी लोगों के लिए सस्ती दवाइयों, जनऔषधियों और विशेष स्वास्थ्य सेवा का स्रोत रहा है। इथियोपिया के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल हमारे मुख्य क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यापार वार्ता ने हमारे व्यापारिक समुदायों के बीच अंतर को पाटने में हमारी मदद की है, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसने उन कार्रवाइयों की पहचान की है, जिससे दोनों सरकारें निवेशों और व्यापार में और सहायता करने के लिए आगे बढ़ा सकती हैं चाहे वें वीजा नीतियां, बैंकिंग प्रक्रियाएं और कानून, या सीमा शुल्क विनियम और प्रक्रियाएं ही क्यों न हों।
राष्ट्रपति ने कहा ‌कि भारत का इथियोपिया के साथ संबंध अफ्रीकी महाद्वीप के साथ संबंधों का प्रतीक है, जिसमें अदीस अबाबा एक महत्वपूर्ण केंद्र है, 2015 में नई दिल्ली में तीसरे भारत अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन में हमने अफ्रीका के लिए अगले पांच वर्ष में 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक के रियायती ऋण देने की पेशकश की घोषणा की थी, यह राशि वर्तमान में चल रहे ऋण कार्यक्रम के अतिरिक्त थी, हम 600 मिलियन अमेरीकी डॉलर की अनुदान सहायता के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, इसमें 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारत-अफ्रीका विकास निधि और 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारत-अफ्रीका स्वास्थ्य निधि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि एशिया-अफ्रीका विकास कॉरिडोर क्षमता से युक्त एक अन्य पहल है। उन्होंने कहा कि मैं आपको इन ढांचों में भागीदार बनाने और इनसे लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं, यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी बड़ी परियोजनाएं पारदर्शिता के साथ तैयार की जाती हैं और इससे स्थानीय समुदाय समृद्धि प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि हल्के विनिर्माण से लेकर खाद्य प्रसंस्करण, स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष कार्यक्रम हमें प्रोत्साहित करते हैं कि सचमुच में भारत और इथियोपिया के लिए अब आकाश ही सीमा है। उन्होंने भारत और इथियोपिया को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और मौद्रिक शासन के संस्थानों में सुधार करने और इसके अनुकूल प्रासंगिक बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

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