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हिंदी अब वैश्विक भाषा हुई-केके यादव

जोधपुर हवाईअड्डे पर हिंदी पखवाड़ा समारोह

बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधा-जीके खरे

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 16 September 2017 05:16:46 AM

hindi pakkhada samaaroh at jodhpur airport

जोधपुर। हिंदी सिर्फ एक भाषा ही नहीं है, बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है, हिंदी को राष्ट्रभाषा किसी सत्ता ने नहीं बनाया, बल्कि भारतीय भाषाओं और बोलियों के बीच संपर्क भाषा के रूपमें इसे जनता ने चुना है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर के डाक सेवाओं के निदेशक एवं ब्लॉगर और साहित्यकार कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर एयरपोर्ट के तत्वावधान में आयोजित हिंदी पखवाड़ा समारोह में हिंदी के लिए ये उद्गार व्यक्त किए। कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिंदी में विश्वभाषा बनने की क्षमता है, जैसे-जैसे विश्व में भारत के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है, वैसे-वैसे हिंदी के प्रति भी रुझान बढ़ रहा है, आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूपमें हिंदी के महत्व को नए सिरे से रेखांकित किया जा रहा है।
निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिंदी आज सिर्फ साहित्य और बोलचाल की ही भाषा नहीं है, बल्कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से लेकर संचार क्रांति एवं सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर व्यापार की भाषा भी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के युग में वेब पोर्टल, वेबसाइट्स, ब्लॉग, फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया ने हिंदी का दायरा और भी बढ़ा दिया है। ‌हिंदी दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता जोधपुर एयरपोर्ट के निदेशक जीके खरे कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है, ऐसे में हिंदी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व करना चाहिए।
राजभाषा वरिष्ठ सहायक रविप्रकाश टाक ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन से जोधपुर हवाईअड्डा कार्यालय में चल रही हिंदी गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती पर पुष्पहार अर्पित करके हुआ। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादवको जोधपुर एयरपोर्टनिदेशक जीके खरे ने स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि कृष्‍ण कुमार यादव ने भारतीय डाक सेवा जैसी अखिल भारतीय सेवा में रहते हुए हिंदी साहित्यकार के रूप में न केवल ख्याति अर्जित की है, अपितु भारतीय डाक विभाग में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अनुकरणीय भूमिका निभाई है। इसके लिए उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। कृष्‍ण कुमार यादव भारतीय डाक विभाग की विविध सेवाओं को विस्तार देने वाली टीम में भी जाना पहचाना नाम है।

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