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भारत में विदेशी पटाखे बिके तो खैर नहीं!

पटाखे बेचते पाए जाने पर तत्काल थाने को सूचना दें

दशहरा और दीपावली का दिखेगा चीन पर असर

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 13 September 2017 06:57:09 AM

chinese crackers

नई दिल्ली। भारत सरकार ने एडवायज़री जारी की है कि विदेशों में बने पटाखों को रखना और बेचना अवैध है और कानून के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। विदेशों में बने पटाखे रखने या बेचने के मामले की सूचना उचित कार्रवाई के लिए किसी भी नजदीक के थाने में दर्ज कराई जा सकती है। भारत सरकार ने उन सूचनाओं और शिकायतों का संज्ञान लिया है कि जो औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग को झूंठी घोषणा के अंतर्गत विदेश में बने पटाखों के अवैध आयात के बारे में प्राप्त हो रही हैं। विभिन्न पटाखा निर्माता संगठनों ने समय-समय पर इस विषय को उठाया है और सूचित किया है कि तस्करी से आई सामग्रियों में रसायन ‘पोटाशियम क्लोरेट’ होता है और यह खतरनाक तथा जोखिमभरा रसायन है, यह अकस्मात जल सकता है या विस्फोट कर सकता है।
भारत में दशहरा और दीपावली का त्योहार नज़दीक है, जिससे इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अलगाववादी और आतंकवादी ताकतें जनसामान्य के बीच एवं सार्वजनिक स्‍थानों पर विस्फोट जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकती हैं। सल्फरयुक्त या किसी क्लोरेट के साथ मिश्रित सल्फरेट को बनाने, रखने, उपयोग करने आदि पर दिनांक 27/01/1992 की अधिसूचना जीएसआर संख्या 64 (ई) के माध्यम से प्रतिबंध है। इसके अतिरिक्त, विदेश व्यापार महानिदेशक ने पटाखों को आयात के मामले में आईटीसी (एचएस) के अंतर्गत प्रतिबंधित सामग्री घोषित किया हुआ है। अभी तक औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के अधीनस्थ कार्यालय पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन ने विस्फोटक नियम 2008 के अंतर्गत पटाखों के आयात के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया है।
विदेशी पटाखों की रोक के पीछे एक बड़ा कारण भारत का चीन से हाल में हुआ डोकलाम विवाद भी है, जो ऊपर से दिखता है कि खत्म हो गया है, लेकिन अंदर-अंदर उसकी चिंगारी विकराल रूप ले रही है। दशहरा और दीपावली पर भारतीय बाज़ार में पटाखों देवमूर्तियों और बिजली के सजावटी सामान की बड़ी मांग रहती है और चीन इन सामानों का बड़ा निर्यातक देश है। भारतीय बाज़ार हर बार चीन के सामान से अट जाते हैं, मगर इस बार स्थिति उल्टी हुई है। भारतीय जनता ने चीनी सामानों का बहिष्कार किया हुआ है और भारत के बाज़ार के लोगों पर दबाव है कि वे दशहरा और दीपावली पर चीन के पटाखे आदि सामान न मंगाएं। भारतीय जनता चाहती है कि ऐसे सामानों की चीन पर से निर्भरता कम की जाए। भारत सरकार ने पहले से ही विस्फोटक सामग्री पर एक अधिनियम बनाया हुआ है, जिसके बारे में भारत सरकार ने देश की जनता को आगाह किया है कि वह विदेशी पटाखे जैसा सामान भारत में बिकने पर पास के थाने में सूचना दे, ताकि विक्रेता पर कार्रवाई की जा सके।

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