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बहुजन समाज में शिक्षा क्रांति का आह्वान

सीतापुर में लगा लक्ष्य का विशाल जागरुकता शिविर

लक्ष्य की सद्प्रेरणाओं से जनसामान्य प्रभावित

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 12 September 2017 01:04:34 AM

seetaapur mein laga lakshy ka vishaal jaagarukata shivir

सीतापुर। शिक्षा और श्रेष्ठता जन्म से नहीं आती है, बल्कि गुणों को विकसित करने से इसका निर्माण होता है, जैसे दूध घी दही और छाछ एक ही कुल के होते हुए भी इन सबका महत्व अलग-अलग होता है। विख्यात सामाजिक संस्‍था भारतीय समन्वय संगठन यानी लक्ष्य ऐसी ही थीम से बहुजन समाज को उनके बुनियादी अधिकारों शिक्षा सुरक्षा स्वावलंबन और समाज में फैली अंधविश्वास जनित कुप्रथाओं एवं परिवार के परिवार खत्मकर रही शराब के प्रति जनजागरुकता पैदा कर शिक्षा की प्रेरणाएं दे रहा है। भारतीय समन्वय संगठन की महिला कमांडर किस प्रकार अपने समाज को अच्छाईयों के प्रति प्रेरित कर रही हैं और किस प्रकार समाज की महिलाएं बच्चे और पुरुष उनकी प्रेरणाओं से प्रभावित दिख रहे हैं, उसका यह फोटो अपने में एक हज़ार शब्दों के बराबर है।
भारतीय समन्वय संगठन लक्ष्य की टीम ने 10 सितंबर 2017 को लक्ष्य गांव-गांव की ओर अभियान के अंतर्गत सीतापुर के गांव बंगला पुरवा यानी देवकलिया बिसवां में लक्ष्य के एक कैडर कैम्प का आयोजन किया, जिसमें गांव के बहुजन समाज के लोगों ने विशेषतौर पर महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर लक्ष्य कमांडर संघमित्रा गौतम ने पंचशील, बुद्ध और उनके धम्म की विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि तथागत गौतम बुद्ध के बताए मार्ग को अवश्य ही अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तथागत गौतम बुद्ध ने वैज्ञानिक सोच पर चलने की सलाह दी है और उन्होंने बहुजन समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को अपनाने और कुप्रथाओं का तत्काल परित्याग करने को कहा है। कैडर कैंप में आईं महिलाओं ने कमांडर संघ मित्रा गौतम को बड़े ध्यान से सुना। उन्होंने समाज के सामने सुधार के अनेक प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि समाज बदल रहा है और जो शिक्षा को अपना रहे हैं, वो तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
लक्ष्य कमांडर इं अरुण भारती ने बहुजन शिक्षा में ज्योतिबा राव फुले और उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले के अनुकरणीय योगदान की विस्तार से जानकारी दी कि उन्होंने किस प्रकार दबे-कुचलों और बालिकाओं की शिक्षा के लिए स्कूल चलाए और उन्हें शिक्षित किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज उनका ऋण नहीं चुका सकता, लेकिन समाज को चाहिए कि वह उनका अनुसरण करे। इं अरुण भारती ने कहा कि लक्ष्य का उद्देश्य अपने समाज को जागरुक करना है और उसे शिक्षा की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह समय भेदभाव से कुंठित होने का नहीं, बल्कि अपने अधिकारों को हासिल करने का है, जिसमें हमें सबसे पहले अपने बच्चों को शिक्षा देनी है और बहुजन समाज के पढ़े-लिखे एवं संपन्न वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह उन परिवार के बच्चों को स्कूल तक ले जाए, जो किसी भी कारण से शिक्षा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा क्रांति की आवश्यकता है।
लक्ष्य कमांडर रेखा आर्या ने संगठन के कार्य एवं उद्देश्य बताए तथा उन्होंने मान्यवर कांशीराम के बहुजन जनजागरण में योगदान की जोरदार चर्चा की। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम चाहते थे कि बहुजन समाज को मांगने की बजाय देने वाला बनना होगा। मुन्नी बौद्ध ने बाबासाहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के संघर्षों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज और महिलाओं को जो अधिकार मिले हैं, वह केवल बाबासाहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के संघर्ष के परिणामस्वरूप हैं। प्रमोद कुमार निर्मल ने जीवनशैली में साफ-सफाई एवं बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। लक्ष्य सलाहकार एमएल आर्य ने बहुजन समाज को एकजुट होकर समाज को जागरूक करने की अपील की। अनुज काम्बले ने बहुजन समाज से उसमें व्याप्त अंधविश्वास और कुरीतियों का परित्याग करने को कहा। इस अवसर पर तुलसीराम मास्टर, देशराज, रामनरेश पासी, सुनीता भारती, आशा भारती और अर्चना गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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