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सिद्धार्थ कोचिंग सेंटर में वंचितों को शिक्षा

वाराणसी में बहुजन की शिक्षा पर लक्ष्य ने की पहल

समाज अंबेडकर के शिक्षा मिशन से ले प्रेरणा-लक्ष्य

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 12 September 2017 12:56:42 AM

siddhartha coaching center in varanasi

वाराणसी। बहुजन समाज को उनके बुनियादी अधिकारों शिक्षा सुरक्षा स्वावलंबन और समाज में फैली अंधविश्वास जनित कुप्रथाओं एवं परिवार के परिवार खत्मकर रही शराब के प्रति जनजागरुकता पैदा कर रही विख्यात सामाजिक संस्‍था भारतीय समन्वय संगठन यानी लक्ष्य की वाराणसी टीम की प्रेरणा से वाराणसी के नुवांव गांव में बहुजन समाज के बच्चों को शिक्षा में सहयोग प्रदान के लिए सिद्धार्थ कोचिंग सेंटर की शुरुआत की गई है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमपी अहिरवार ने कल कोचिंग सेंटर का उद्घाटन किया।
प्रोफेसर एमपी अहिरवार ने बहुजन समाज के लोगों से अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उनकी शिक्षा पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर कहा करते थे कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो इसे पिएगा वो शेर की तरह दहाड़ेगा, इसलिए हमारी नहीं तो उनकी बात तो सुनें और अपने बच्चों को शिक्षित अवश्य करें। प्रोफेसर एमपी अहिरवार ने आशा व्यक्त की कि सिद्धार्थ कोचिंग सेंटर भविष्य मेंगांव के उपेक्षित बच्चों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने गांववासियों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
सिद्धार्थ कोचिंग सेंटर लक्ष्य कमांडर सुरेश प्रसाद और सरोज देवी ने अपने आवास पर खोला है। लक्ष्य कमांडर प्रभा रवि ने इस अवसर पर कहा कि बहुजन समाज अपनी भावी पीढ़ी की शिक्षा से ही अपनी समाज की दयनीय स्थित‌ि को सुधार सकता है। उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों को कोचिंग सेंटर भेजने की अपील की, ताकि गांव के बच्चे भी शहर के बच्चों की तरह शिक्षा ग्रहण कर सकें। श्रद्धेय राजकुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की स्‍थिति ठीक नहीं है, इसलिए यह कोचिंग सेंटर खोला गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गांववासी इसका पूर्णरूप से लाभ उठाएंगे।
सिद्धार्थ कोचिंग सेंटर में सहयोग देने वाले भी आगे आए हैं। गांव के हीपांच युवाओं अश्वनी कुमार, शिव कुमार, किशन कुमार, राजीव कुमार और गोविंद ने स्वतः समाज के बच्चों को पढ़ाने में अपना योगदान देने की इच्छा जताई है, जिससे बहुजन समाज को भारी प्रसन्नता हुई। लक्ष्य की वाराणसी टीम की इस पहल की समाज के सभी लोगों ने जोरदार प्रशंसा की। इस अवसर पर लक्ष्य कमांडर बाबूराम, शोभा चौधरी, सुरेश लोखांडे, एनके वर्मा, रामकुमार व्यास तथा अन्य कमांडर और गांव के बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी उपस्थित थे।

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