स्वतंत्र आवाज़
word map

थिंपू में हुआ अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन

कृष्ण कुमार यादव को 'परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 25 January 2015 01:12:15 AM

international hindi blogger conference

इलाहाबाद। हिंदी साहित्य के ब्लॉगर व साहित्यकार एवं इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव को 15-18 जनवरी 2015 के दौरान भूटान की राजधानी थिंपू में आयोजित चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में ब्लॉगिंग हेतु 'परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान' से सम्मानित किया गया। कृष्ण कुमार यादव को सम्मान भूटान चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के जनरल सेक्रेटरी फूप श्रृंग एवं इंटरनेशनल स्कूल ऑफ भूटान तथा सार्क समिति ऑफ विमेन ऑर्गनाइजेशन की अध्यक्ष थिनले लम्हा ने दिया। सम्मान के तहत 25,000 रूपए की धनराशि, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, श्रीफल और अंगवस्त्रम देकर कृष्ण कुमार यादव को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ सात पुस्तकों के लेखक एवं हिंदी ब्लॉगिंग व सोशल मीडिया पर सक्रिय कृष्ण कुमार यादव को इससे पूर्व भी प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। कृष्ण कुमार यादव ने वर्ष 2008 में ब्लॉग जगत में कदम रखा और विभिन्न विषयों पर आधारित ब्लॉग का संचालन-संपादन किया। कृष्ण कुमार यादव के दो व्यक्तिगत ब्लॉग हैं। इनमें 'शब्द सृजन की ओर' http://kkyadav.blogspot.com ब्लॉग जो सामयिक विषयों, मर्मस्पर्शी कविताओं व जानकारीपरक, शोधपूर्ण आलेखों से परिपूर्ण है, और 'डाकिया डाक लाया' http://dakbabu.blogspot.com जो डाक सेवाओं की रोचक दुनिया को सहेजता है। कृष्ण कुमार यादव की सुपुत्री अक्षिता (पाखी) और उनकी पत्नी आकांक्षा यादव भी ब्लॉगर हैं। कृष्ण कुमार यादव ने भूटान में सम्मेलन के दौरान वैश्विक परिप्रेक्ष्य विशेषकर सार्क देशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार, न्यू मीडिया के रूप में ब्लॉगिंग के विभिन्न आयामों एवं बदलते दौर में सोशल मीडिया की भूमिका पर व्याख्यान भी दिया।
सम्मेलन में संपत देवी मुरारका की यात्रा वृत्त तृतीय भाग, कुसुम वर्मा की ह्रदय कंवल, सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर की दोहावली, अशोक गुलशन की क्या कहूं किससे कहूं सहित पांच पुस्तकों और 'परिकल्पना समय' पत्रिका के जनवरी अंक का विमोचन हुआ और विभिन्न देशों के लगभग तीस ब्लॉगर्स को सम्मानित किया गया। ब्लॉगर सम्मलेन में लखनऊ की कुसुम वर्मा ने अवधी लोकगीत प्रस्तुत किए। भूटान चैंबर ऑफ कामर्स के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी चंद्र क्षेत्री, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के पूर्व निदेशक एवं असम विश्वविद्यालय, सिलचर के भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर नित्यानंद पांडेय, छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज और ब्लॉगर रवींद्र प्रभात सम्मेलन में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन औरंगाबाद की ब्लॉगर सुनीता प्रेमी यादव ने किया।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]