राष्ट्र 15 अगस्त 2026 को मनाएगा अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस
आज़ादी की लड़ाई में राष्ट्रीय गीत की यादगार विरासत को सम्मानस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 11 August 2026 05:28:57 PM
भारत की गौरवशाली विरासत समेटे ऐतिहासिक धरोहर लालकिले की प्राचीर से पहलीबार ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा। राष्ट्र 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर से मुख्य समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे हो रहे हैं, आज़ादी की लड़ाई के दौरान लाखों लोगों को प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत को इसकी यादगार विरासत के सम्मान में पहलीबार लालकिले की प्राचीर से गाया जाएगा। प्रधानमंत्री के लालकिले के प्रांगण में पहुंचने पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। इसके बाद वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को पारंपरिक रूपसे संबोधित करेंगे। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘युवा शक्ति’ को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवाओं के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
आजादी की लड़ाई में पीढ़ियों को एकजुट करने और प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान देने केलिए 8 अगस्त 2026 से देशभर में कई बैंड प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। देश के 343 प्रमुख स्थानों पर सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, सीमा सुरक्षा बल, एकीकृत रक्षा स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल और असम राइफल्स के बैंड की प्रस्तुतियां 15 अगस्त 2026 तक जारी रहेंगी। नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन बैंड प्रस्तुतियों के आयोजन स्थलों पर आम जनता केलिए प्रवेश खुला रखा गया है। वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स ओलंपियाड-2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों की उपलब्धियां विज्ञान के क्षेत्रमें युवा शक्ति की सफलता का उदाहरण हैं। इन छात्रों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया है। समारोह केलिए लगभग 5000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, ये लोग जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में कामयाब रहे हैं और 'विकसित भारत' की यात्रा में देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशिष्ट मेहमानों में वे ‘मौन योद्धा’ भी शामिल हैं, जो दूसरों को उनके लक्ष्य हासिल करने में मदद करने केलिए दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। स्वतंत्रता दिवस उनके योगदान को सम्मान देने का भी अवसर है। देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से दिल्ली में रहने वाले 1500 से ज़्यादा लोगों को पारंपरिक वेशभूषा में इस भव्य समारोह को देखने केलिए आमंत्रित किया गया है। वे लालकिले पर भारत की एक छोटी सी झलक पेश करेंगे। जनसेवा और कर्तव्य भावना को ध्यान में रखते हुए देश के मुख्य कार्यक्रम के निमंत्रण कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को प्रत्येक नागरिक के कल्याण केलिए समर्पण और सेवा की भावना केसाथ आगे बढ़ने केलिए प्रेरित करना है। निमंत्रण कार्ड पर अंकित धर्मचक्र सही कर्तव्य और निरंतर नि:स्वार्थ कर्म की शाश्वत गति का प्रतीक है। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने केलिए बनाए गए प्रांगण घेरों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इसके साथही ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का संदेश भी दिया जाएगा। यह अभियान सुनिश्चित करेगाकि कार्यक्रम केबाद लालकिला देशभर से आनेवाले पर्यटकों केलिए साफ-सुथरा और आम लोगों केलिए उपलब्ध रहे।