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राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन प्रधानमंत्री से मिले

अंतर्राष्ट्रीय स्तरपर देश व देश के एथलीटों के बढ़ते सम्मान से खुश

प्रधानमंत्री आवास पर बुलाकर किया गर्मजोशी से स्वागत व सम्मान

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 10 August 2026 04:42:44 PM

commonwealth games champions met the prime minister.

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियनों को प्रधानमंत्री आवास बुलाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। खिलाड़ियों केसाथ प्रेरक बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहाकि ‘जो खेलता है, वह खिलता है’। उन्होंने कहाकि उनके 12 से 13 वर्ष के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय खिलाड़ियों का अपने आवास पर स्वागत करना एक नियमित और प्रिय परंपरा रही है। उन्होंने कहाकि भारतीय खिलाड़ियों के निरंतर प्रयासों और देश केलिए लगातार जीत हासिल करने की उनकी सफलताएं स्कूली छात्रों को नियमित प्रचार संबंधी सलाह से कहीं अधिक प्रभावी ढंग से प्रेरित करती हैं। नरेंद्र मोदी ने चैंपियनों से कहाकि उनका पदक उन्हें स्कूलों में जाकर कही गई किसीभी बात से कहीं अधिक प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक एथलीट से बातचीत की, जिन्होंने अपनी बेटियों के खेल में भाग लेने, उनकी प्रगति पर नज़र रखने और आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में तीन पदक जीतने के आश्वासन के बारेमें अपने पूर्व वादे को याद किया। उन्होंने उनकी आत्मविश्वास को सकारात्मक रूपसे स्वीकार किया और उत्कृष्टता केप्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की भावनात्मक यात्रा को समझाते हुए एक खिलाड़ी के दृढ़ संकल्प का उल्लेख किया, जिसने गुरु पूर्णिमा के दिन मिली जीत अपने कोच को समर्पित की और एक अन्य खिलाड़ी की प्रशंसा की, जो चार साल तक लगातार चोटों और व्यक्तिगत कठिनाइयों से जूझने केबाद राष्ट्रीय ध्वज फहराते देख मंच पर भावुक होकर रो पड़ा। उन्होंने कहाकि इस तरह की राष्ट्रीय विजय व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं बढ़कर भावी पीढ़ियों केलिए प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बन जाती है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि उनकी यह जीत आनेवाली पीढ़ियों केलिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है।
प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय स्तरपर भारतीय खिलाड़ियों के बढ़ते सम्मान और भय पर चर्चा करते हुए कहाकि अब वैश्विक प्रतिद्वंद्वी भारतीय प्रतिद्वंदियों के खिलाफ खेलने से घबराते हैं। उन्होंने विशेष रूपसे भारतीय मुक्केबाजों की बढ़ती प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला और खेलो इंडिया योजना जैसी जमीनी पहलों और सरकार के लगातार प्रतियोगिताओं में दिए जा रहे समर्थन के बारेमें खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया को स्वीकार किया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि विश्व के खिलाड़ी भी अब इन मुक्केबाजों से डरने लगे हैं। प्रधानमंत्री ने खेल प्रोत्साहन के मूल सिद्धांत पर कहाकि खिलाड़ियों को खेलो इंडिया पहल की प्रतिष्ठा बढ़ाते हुए एक युवा शिक्षार्थी की विनम्रता को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहाकि राष्ट्रीय खेलों की सच्ची सफलता केवल भौतिक बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं करती, बल्कि देश में एक व्यापक खेल संस्कृति के निर्माण पर निर्भर करती है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि खेल बुनियादी ढांचा एक बात है, लेकिन देश में पदक तभी मिलते हैं, जब देश में खेल संस्कृति का निर्माण होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराने वाले भारतीय सेना के एक एथलीट की देशभक्ति की सराहना की और उनकी जीत को भारतीय सेना के नायकों को समर्पित करते हुए कहाकि इस तरह का गहरा राष्ट्रीय गौरव खेल की उपलब्धियों को असाधारण चमक प्रदान करता है। उन्होंने एथलीट केसाथ कुछ हल्के-फुल्के पल भी साझा किए, जिन्होंने अपने सेना प्रशिक्षक नरेंद्र राणा और ‘नरेंद्र’ नाम के बारेमें एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने एथलीटों से कहाकि आपने न केवल पदकों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि एक पीढ़ी को तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने उस एथलीट की प्रशंसा की, जिसने भारतीय खेल प्राधिकरण को महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने केलिए आभार व्यक्त किया, जिससे उन्हें स्थानीय खेल केंद्रों से अंतर्राष्ट्रीय स्तरपर शीर्ष स्थान हासिल करने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने वाराणसी और भोपाल सहित विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों में उन्नत खेल अवसंरचना के बारेमें जानकारी ली, जहां खिलाड़ियों ने प्रशिक्षण लिया और उज्जैन में काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर जैसे आध्यात्मिक स्थलों का दर्शन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में अपनी स्थापना केबाद से एसएआई और खेलो इंडिया ढांचे के निरंतर समर्थन की सराहना की, जिसने युवा प्रतिभाओं को उच्चस्तरीय प्रतिस्पर्धी स्तरों तक आसानी से पहुंचने में मदद की है। नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों से कहाकि निश्चिंत रहें, भविष्य में भी वे विजयी होंगे और हम एकबार फिर यहीं मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने इस संवाद के दौरान अपना जन्मदिन मना रही एक बहुविजेता खिलाड़ी को हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। उन्होंने स्वयं उन्हें मिठाई भेंट की और सभी खिलाड़ियों को सकारात्मक दृष्टिकोण केसाथ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने केलिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए लगातार तीसरी बार पदक जीतने केलिए राष्ट्रमंडल खेल टीम को आशीर्वाद दिया।

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