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'मोदीकाल में अजीत डोभाल का स्वर्णिम अध्याय'

गृहमंत्री ने लोकमान्य तिलक नेशनल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया

'अजीत डोभाल देश के लिए जीने वाले नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 1 August 2026 05:55:40 PM

ajit doval honoured with lokmanya tilak national award

पुणे। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा हैकि जबभी नरेंद्र मोदी के कालखंड का इतिहास लिखा जाएगा और देश की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा की मीमांसा होगी, तब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अनुकरणीय योगदान के बारेमें निश्चित रूपसे एक स्वर्णिम अध्याय उसमें शामिल होगा। गृहमंत्री ने ये उद्गार आज पुणे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक नेशनल अवार्ड 2026’ से सम्मानित करते हुए व्यक्त किए। गृहमंत्री ने अण्णाभाऊ साठे की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। अमित शाह ने कहाकि आज लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि है, उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा और अर्थ देने केलिए ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’ मंत्र दिया था। अमित शाह ने कहाकि हमारा शासन, भाषा, संस्कृति और हमारा धर्म जब प्रस्थापित होता है, तभी पूर्ण स्वराज की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहाकि बाल गंगाधर तिलक ने स्वराज और स्वतंत्रता के आंदोलन से जनता को जोड़ने का अनुकरणीय कार्य किया। अमित शाह ने कहाकि बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नए प्रकार के राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को जन्म दिया, उन्होंने भविष्य में देश के चलने की दिशा भी तय कर दी और कहाकि यह देश जबभी आजाद होगा, इसी रास्ते पर चलेगा, आज हमारा देश सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रास्ते पर चल पड़ा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि बाल गंगाधर तिलक शिक्षक और प्रखर पत्रकार थे, उन्होंने एक बहुत बड़े चिंतक के रूपमें भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति दुनिया के सामने करने का कामकर करोड़ों लोगों के हृदय के अंदर स्वराज का मंत्र प्रज्ज्वलित किया। गृहमंत्री ने कहाकि एक युग पुरुष, महान शिक्षक, निर्भीक पत्रकार, चिंतक और कर्मयोगी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के समान पूरे स्वतंत्रता संग्राम में कोई नहीं था। गृहमंत्री ने कहाकि बाल गंगाधर तिलक ने हम सबके सामने श्रीमद् भगवतगीता का व्यवहार स्वरूप रखने का काम किया। उन्होंने उस जमाने में न्यू इंग्लिश स्कूल, डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी और फर्ग्यूसन कॉलेज तक पूरे शिक्षा चक्र की व्यवस्था पुणे में की। उन्होंने यह मंत्र दियाकि बुद्धि को ज्ञान देना ही शिक्षा का काम है। उन्होंने कहाकि अंग्रेज अगर किसी अख़बार से डरते थे तो केसरी और द मराठा से डरते थे। बाल गंगाधर तिलक ने पहलीबार ये प्रस्थापित किया थाकि राष्ट्र की चेतना को जगाए बगैर स्वतंत्रता अगर मिलती भी है तो उस स्वतंत्रता का कोई मूल्य नहीं है। उन्होंने कहा थाकि संगठन और जनशक्ति के बिना राष्ट्र शक्ति कभी निर्मित नहीं हो सकती। उन्होंने कई प्रकार के उत्सवों से न केवल महाराष्ट्र, बल्कि देशभर की जनता को संगठित करने का काम किया। अमित शाह ने कहाकि आत्मनिर्भरता, अनुशासन, देश और हमारे संविधान केप्रति कर्तव्यभाव भी स्वराज का हिस्सा है। उन्होंने कहाकि बाल गंगाधर तिलक का जीवन, कथन और लेखनी आजके युवा और किशोरों केलिए प्रेरणास्त्रोत है।
अमित शाह ने कहाकि आज अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है, यह कोई तमगा नहीं, बल्कि लोगों को प्रेरणा देने और बड़े लोगों के काम को एकनॉलेज करने की एक पद्धति है। उन्होंने कहाकि कोई व्यक्ति जब समाज के किसीभी क्षेत्र में बहुत बड़ा काम करता है, तब वह व्यक्ति नहीं रह जाता, बल्कि बहुत आगे निकल जाता है और समाज का उत्तरदायित्व हैकि ऐसे व्यक्तियों का सम्मान करे। उन्होंने कहाकि इससे समाज के कर्तव्य भाव का निर्वहन तो होता ही है, साथही लोगों को ऐसे व्यक्तित्व की तरह जीने की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहाकि अजीत डोभाल इस देश केलिए जीने वाले और काम करने वाले हर क्षेत्र के नागरिकों केलिए एक बहुत बड़े प्रेरणास्रोत हैं। गृहमंत्री ने कहाकि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वहां सीरियल बम धमाके हुए थे और उस वक्त मोदीजी ने कहा थाकि न सिर्फ इन बम धमाकों, बल्कि इनमें शामिल लोगों और देशभर में जितने बम धमाके हुए हैं, उनकी जांच गुजरात पुलिस को करनी चाहिए। अमित शाह ने कहाकि उस वक्त मोदीजी ने कहा थाकि अजीत डोभाल को बुलाकर गुजरात पुलिस उनके साथ मिलकर यह जांच करे, इसका परिणाम यह थाकि न केवल अहमदाबाद बम धमाके, बल्कि देशभर में हुए 13 बम धमाकों को एकसाथ गुजरात पुलिस ने हल किया। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की विदेश नीति बेहद मज़बूत हुई है और हमने सम्मान केसाथ दुनिया में अपना स्थान मजबूत किया है। गृहमंत्री ने कहाकि मोदी सरकार की इस उपलब्धि में अजीत डोभाल का बहुत बड़ा योगदान है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि 1972 से लेकर आसूचना ब्यूरो के निदेशक बनने तक आईबी के एक सतत ऑफिसर के रूपमें अजीत डोभाल ने देश के सामने आने वाली हर चुनौती को हल करने में अपना सक्रिय योगदान दिया, इन्होंने पूर्वोत्तर, सिक्किम, जम्मू कश्मीर, पंजाब, पाकिस्तान में रहकर अद्भुत काम किया है, जिसका चित्रांकन और मूल्यांकन संभव ही नहीं है। उन्होंने कहाकि पाकिस्तान में अजीत डोभाल ने 6 साल तक और बड़े निर्णायक समय में काम किया। अमित शाह ने कहाकि मोदी सरकार ने 2019 केबाद मल्टी-एजेंसी सेंटर को मज़बूत करने का काम किया, जो आज देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है। उन्होंने कहाकि अजीत डोभाल ने ही मल्टी-एजेंसी सेंटर की एक मजबूत नींव रखने का काम किया। अमित शाह ने कहाकि 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया। अजीत डोभाल को सबसे लंबे समय तक देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहने का सम्मान भी प्राप्त है। गृहमंत्री ने कहाकि भारत की सेना को आधुनिक बनाने, समसामयिक परिवर्तन करने, सेना के अंदर तकनीक और वीरता की अद्भुत फाइन ट्यूनिंग करने जैसे कई बड़े फैसले अजीत डोभाल के कार्यकाल में लिए गए। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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